Home मिर्च- मसाला अंकल-आंटी वाले साहब ने मांगी माफी

अंकल-आंटी वाले साहब ने मांगी माफी

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भोपाल

पहले तो डांट-फटकार फिर माफी मांगना किसी के गले नहीं उतर रहा है। मामला भेल कारखाने के स्वीचगियर विभाग का बताया जा रहा है। विभाग के लोग आश्चर्यचकित हैं कि विभाग के दबंग एचओडी माने जाने वाले एक अफसर एक आर्टिजन के सामने भीगी बिल्ली बन गये। चर्चा है कि गत दिनों विभाग के स्टोर में कार्यरत एक वर्कर व नेता को खाली हाथ बैठा देख सबको अंकल-आंटी कहने वाले साहब को ताव आ गया। उन्होंने आनन-फानन में उक्त वर्कर कम नेता को जी भरकर गाली-गलौच कर डाली। यहां तक कि उसको काफी हद तक बे-इज्जत कर डाला।

यह बात वर्कर कम नेता को काफी नागवार गुजरी। उसने आनन-फानन में विभाग के महाप्रबंधक को लिखित में शिकायत कर डाली। यहां तक कि उसने नेता होने के साथ-साथ एक वर्ग विशेष का होने का भी हवाला दे दिया। डरे सहमें जीएम साहब ने विभाग के एचओडी को बुलाकर यह समझाइश दे डाली कि माफी मांगने में ही उनकी भलाई है। ऐसे में दबंग साहब ने वर्कर से सॉरी बोल दिया। यह बात जब एक बीएमएस के नेता को पता लगी तो उन्होंने भी दबंग साहब को जमकर फटकार लगाई। यह मामला विभाग में काफी चर्चाओं में है।

मामला एजीएम से जीएम बनने का

शुरू से ही भेल में सबसे ज्यादा माथा-पच्ची एजीएम से जीएम पद के लिए  देखी जाती रही है। बरसों पुराने एजीएम तो लाईन में लगे रह जाते हैं और नये सब देखते रह जायेंगे बनकर हवा का झोंका मैं निकल जाऊंगा की तर्ज पर प्रमोशन पा जाते हैं। यही हाल इस बार भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल अमिताभ दुबे, एके चतुर्वेदी, नीलम भोगल, एमके धर, एमके श्रीवास्तव, जीके श्रीनिवासा, एके कियावत, पीएल गजभिये, अजय सक्सेना, असीम धमीजा, एमएल तौरानी, एस चन्द्रशेखर जैसे कई अफसर प्रमोशन की कतार में खड़े हैं। इनमें से इस बार एमके श्रीवास्तव और हाइड्रो सेल्स के पीएल गजभिये का नाम तो चर्चाओं में आ गया है जबकि रूपेश तेलंग, रामभाऊ पाटिल, एम ईसादोर, प्रवीष वाष्र्णेय, संजय चन्द्रा, विपुल अग्रवाल, रिजवान सिद्दीकी, ब्रजेश अग्रवाल और अनंत टोप्पो जैसे अपर महाप्रबंधक भी किसी से पीछे दिखाई नहीं दे रहे हैं। चर्चा है कि जीएम बनना मात्र 4 को हैं और प्रमोशन पाने वालों की फेहरिस्त लंबी दिखाई दे रही है। ईडी की गुड लिस्ट में दो या तीन नाम ही है ऐसे में कौन बाजी मारेगा इसको लेकर प्रमोशन पाने वाले अफसरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रही बात दिल्ली के पॉवर की तो कु छ अफसर आज भी पॉवर का इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहे हैं।

संजीव कॉक भी दे सकते हैं आमद

भेल में प्रमोशन के साथ ट्रांसफर की खबरें भी काफी चर्चाओं में है। प्रमोशन के बाद जहां भोपाल यूनिट से कई अफसरों के ट्रांसफर होंगे वहां बाहर की यूनिट से कुछ अफसर भोपाल भी आयेंगे। चर्चा है कि पहली बार भोपाल यूनिट से पॉवर लगाकर अपर महाप्रबध्ंाक से महाप्रबंधक बनकर दिल्ली कार्पोरेट गये संजीव कॉक भी फिर से भोपाल यूनिट में आमद दे सकते हैं। उनकी बड़ी तमन्ना थी कि वह इस यूनिट में महाप्रबंधक पद पर काम कर एक बार फिर प्रमोशन पा सके। यूं भी उनकी सर्विस काफी है। इधर इसी यूनिट से दिल्ली ट्रांसफर होकर गये अपर महाप्रबंधक आईआईटी बीके सिंह भी दिल्ली कोटे से प्रमोशन पाकर भोपाल यूनिट में वापस आ सकते हैं। यूं तो रूद्रपुर यूनिट में पदस्थ भोपाल कॉडर के महाप्रबंधक पीके सिन्हा भी इस यूनिट में आने के लिए लंबे समय से बेचैन बताये जा रहे हैं। अपनी पूरी राजनैतिक एप्रोच लगाकर इस यूनिट में एक अफसर काफी समय से आने की तैयारी में लगे हुए हैं। खबर यह भी है कि दिल्ली में एमसीएम की बैठक के बाद कुछ बड़े स्तर पर बदलाव भी संभव है सिर्फ देरी है तो जुगाड़ फिट होने की।

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