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अब भेल के नेताओं पर कसा शिकंजा

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भोपाल

भेल के नेताओं पर प्रबंधन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रबंधन के खिलाफ ज्यादा आवाज उठाई तो बाहर जाने का रास्ता दिखा दिया जायेगा। भले ही प्रबंधन अपना काम कर रहा हो तो नेता भी करेंगे अपना काम। उत्पादन के पीक पीरियेड में प्रतिनिधि यूनियन ऐबू, बीएमएस और भेल कर्मचारी ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों के तबादला आदेश भले ही 30 नवंबर को कर दिये हों पर 2 दिसंबर की रात को उनके कार्यमुक्त आदेश भी जारी कर दिये। जब पता चला तो नेता परेशान थे। बेचारे ऐबू के नेता को प्लांट कमेटी में प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाना ही महंगा पड़ गया। इसको लेकर यूनियन नेताओं में खासी नाराजगी देखी जा रही है। लोग कहने लगे है कि प्रबंधन के सलाहकार कहीं गलत प्लानिंग तो नहीं बना रहे। कुछ नेताओं को तो बंग्लुरू यूनिट भेज दिया है। इनमें से एक की पत्नि भोपाल में नौकरी करती है। अब तक 9 की तबादला सूची जारी होने की खबर है। अब प्रतिनिधि यूनियन नम्बर 2 व 3 के बाद कहीं नम्बर 1 यूनियन को शिकार तो नहीं बनाया जायेगा, इसकी चर्चा जारी है। कहा जा रहा है कि यह कहीं मुखिया को परेशानी में डालने की कोई साजिश तो नहीं?

किसी के फाड़े कपड़े किसी को मारा थप्पड़

गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र में भाजपा की राजनीति अखाड़ें में तब्दील हो गई है। अपने ही साथी के कपड़े फाडऩा और अपने ही साथी को थप्पड़ मारना किसी के गले नहीं उतर रहा, वह भी सार्वजनिक आयोजनों में। इस विस क्षेत्र में दो गुटों में बंटने की चर्चाएं तो मिशन 2018 के पहले ही शुरू हो गई है मजेदार बात यह है कि एक गुट ही आपस में लड़ रहा है। इस गुट के कार्यकर्ता खुद इस मामले को सबके सामने कहने से नहीं डर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सलकनपुर के भोज में देखने को मिला, जब एक पार्षद को इस क्षेत्र के एक वरिष्ठ भाजपा नेता का नाम उनकी ही कलम लेकर सबके सामने काट दिया। ऐसे में नेताजी भी अपना अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाये और उन्होंने सबके सामने पार्षद महोदय को वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ताओं के सामने थप्पड़ जड़ डाला। यह देख कार्यक्रम में सैंकड़ों की संख्या में मौजूद लोग सकते में रह गये। वरिष्ठ नेताओं ने आकर दोनों में समझौता कराया। दूसरी घटना भी कम चर्चाओं में नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अवधपुरी में खुशी-खुशी दीपावली मिलन समारोह कर डाला। यहां भी वरिष्ठ नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे। समारोह में लोग उस समय सकते में आ गये जब वार्ड 63 के एक पार्षद पति ने सबके सामने अवधपुरी भाजपा मंडल के एक नेता को न केवल ठोंका बल्कि कपड़े भी फाड़ डाले। नेताजी कपड़े बदलने जान छोड़कर भागे। दरअसल पार्षद पति का नेताजी ने अपमान कर दिया था यहां भी दीपावली मिलन के साथ-साथ दोनों नेताओं को गले मिलाकर कार्यक्रम का समापन कर डाला।

एक नेताजी का वसूली अभियान

एक नेताजी का नगर निगम के एक वार्ड अधिकारी के माध्यम से वसूली अभियान की चर्चाएं औद्योगिक क्षेत्र गोविन्दपुरा में उद्योगपति करते नजर आ रहे हैं। अपनी खुद की पोल न खुल जाये इसलिए शिकायत करने से तो कतराते है लेकिन दबी जुबान से अपना दर्द कहने से भी नहीं चूकते।  चर्चा है कि गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र में सम्पत्ति कर के नाम पर एक वार्ड अधिकारी लगातार भ्रमण पर है। उनका सर्वे अभियान ज्यादातर उद्योगपतियों की जुबां पर है। यह साहब एक पार्षद के नाम का हवाला देते हुए कुछ उद्योगपतियों को फे क्ट्री के बिल्डअप एरिया के नपती कराने के नाम पर अच्छा खासा लाभ कमाने में लगे है। पहले नक्शा मांगते है फिर बिल्डअप एरिया से ज्यादा जगह निकलने पर अतिक्रमण बताते हुए फिर तोडऩे व ज्यादा सम्पत्ति कर वसूलने की धमक ी देते है। इसके बाद लिफाफा लेकर वापस चले जाते है। साफ जाहिर है कि न तो ज्यादा सम्पत्ति कर वसूला और न ही अतिक्रमण हटाया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस अभियान में वह सबसे पहले एक पार्षद का नाम बताना नहीं भूलते है यह पार्षद किस वार्ड के है यह भी साफ नहीं हो पाया। बेचारे कुछ उद्योगपति न निगल सकते है न उगल सकते है। शिकायत भी करें तो किसकी करें। रही बात भोपाल के महापौर व निगम आयुक्त की उनके रहते यह कारोबार कैसे फलफू ल रहा है तो यह सब जांच के बाद ही खुलासा होगा।

 

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