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अयोध्या: राम मंदिर के लिए 28 साल बाद फिर शुरू हुई रथयात्रा

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अयोध्या

राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद मामले की सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई के बीच मंगलवार से अयोध्या से रामराज्य रथयात्रा की शुरुआत हो रही है। विश्व हिंदू परिषद और महाराष्ट्र की संस्था श्री रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी के सहयोग से यह रथयात्रा निकाली जा रही है। अयोध्या से शुरू होकर यह यात्रा तमिलनाडु के रामेश्वरम तक जाएगी।

बता दें कि 28 साल पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राम रथयात्रा निकाली थी। हालांकि विश्व हिंदू परिषद अवध जोन के समन्वयक शरद शर्मा ने बताया कि वीएचपी रथ यात्रा को सपॉर्ट कर रही है लेकिन उसका हिस्सा नहीं है। यहां तक कि विश्व हिंदू परिषद का बैनर भी रथ यात्रा के साथ नहीं होगा।

रथयात्रा का अजेंडा राम मंदिर निर्माण
इस रामराज्य रथ यात्रा का अजेंडा भी 28 साल पहले निकाली गई रथयात्रा की तरह अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण की मांग ही है। यात्रा का समापन राम नवमी (25 मार्च) को होगा। इस दौरान केंद्र सरकार से प्राथमिकता के तौर पर 14 महीने के अंदर राम मंदिर बनाए जाने की मांग की भी जाएगी। यात्रा 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से होकर गुजरेगी।

प्रस्तावित राम मंदिर की आकृति पर बना है रथ
रामराज्य रथ यात्रा के लिए विशेष रथ तैयार किया गया है। 25 लाख रुपये से बने इस रथ को 4 महीने में बनाया गया है। लकड़ी से बने इस रथ में दक्षिण भारतीय मसालों का प्लास्टर लगाया गया है। इसमें 28 घुमावदार पिलर्स बनाए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि रथ की जो आकृति है वह प्रस्तावित राम मंदिर की तरह है।

’14 महीने में बने राम मंदिर’
श्री रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी के राष्ट्रीय महासचिव श्री शक्ति शांतानंद महार्षि ने यात्रा के शुरू होने से पहले कहा था कि वह लोग चाहते हैं कि देश में रामराज्य हो। भगवान राम 14 साल बाद अयोध्या वापस आए थे उसी तरह सरकार को 2019 तक 14 महीने के अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनवा देना चाहिए।

2019 में तिरुवनंतपुरम से वापस आएगा रथ
अयोध्या में उद्घाटन समारोह के दौरान दौरान संतों की बैठक भी तय की गई है। मंगलवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक रथ की शोभा यात्रा केशवपुरम से निकाली जाएगी। संगठन के उत्तर प्रदेश यूनिट के महासचिव भीम सिंह ने बताया कि अयोध्या, लखनऊ होते हुए वाराणसी से प्रयाग, चित्रकूट, उज्जैन, नासिक, बदलापुर, बेंगलुरु होते हुए रथ यात्रा रामेश्वरम पर खत्म होगी। संगठन के तिरुवनंतपुरम स्थित मुख्यालय में रथ को सुरक्षित रखा जाएगा। यहां से 2019 में रथ वापस अयोध्या भेजा जाएगा।

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