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आसिफा: सदमे में है परिवार, छोटी बहन बोली- डर लग रहा है

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जम्मू

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आठ साल की बच्ची आसिफा के साथ दरिंदगी और मर्डर के बाद पूरे देश में उबाल है। स्थानीय लोगों के विरोध और रेप-मर्डर के आरोपियों के बचाव के लिए हो रहे प्रदर्शनों से डरकर आसिफा का परिवार गांव छोड़ किसी अज्ञात जगह पर चला गया है। टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में आसिफा के पिता ने सीधे पीएम मोदी से सवाल किया है कि उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात की थी, क्या यही है उनका नारा। आसिफा की मां ने कहा है कि उन्हें अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए और जैसे उसे मारा वैसे दोषियों को भी फांसी दो।

आपको बता दें कि आसिफा को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार आधी रात इंडिया गेट पर कैंडल मार्च कर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। इस बीच टाइम्स नाउ ने अज्ञात जगह पर रहने वाले आसिफा के परिवार से बात की है। आसिफा के पिता ने कहा कि जिस दिन उनकी बेटी के रेपिस्टों और हत्यारों को बचाने के लिए तिरंगा लेकर रैली निकली उस दिन उन्हें लगा कि उनकी दूसरी बेटी भी मर गई। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात की थी। क्या यही उनका नारा है। बीजेपी के मंत्री हमारी बेटी के हत्यारों के साथ खड़े हैं और पीएम कुछ नहीं बोल रहे।

आसिफा की बहन बोली, अकेले कहीं जाने में लग रहा डर
आसिफा के साथ हुई दरिंदगी ने उसकी बहन को भी खौफ से भर दिया है। टाइम्स नाउ के साथ बातचीत के दौरान आसिफा की बहन ने कहा कि अब उसे कहीं भी अकेले जाने में डर लग रहा है।

मां ने कहा- जैसा मेरी बेटी के साथ हुआ, उनके साथ भी हो
आसिफा की मां अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहती है। उन्होंने आसिफा के दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने टाइम्स नाउस से बात करते हुए कहा कि जैसा उनकी बेटी के साथ हुआ वैसा ही दोषियों के साथ भी होना चाहिए। आपको बता दें कि आसिफा का शव 17 जनवरी को कठुआ के रसाना जंगलों से बरामद हुआ था। वह एक सप्ताह से लापता थी।

पीड़ित बच्ची खानाबदोश मुस्लिम समुदाय से थी और बताया गया है कि उसके कुनबे को हटाने के लिए यह साजिश रची गई थी। इसके लिए आरोपियों को काम पर लगाया गया था। बकरवाल समुदाय के लोगों में डर पैदा करने के लिए बच्ची के साथ जघन्य अपराध किया गया। घटना के मुख्य आरोपी सनज रामठे, उसके बेटे विशाल, सब इंपेक्टर आनंद दत्ता और दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स दीपक खजूरिया और सुरेंदर वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और परवेश कुमार पर हत्या, रेप और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है।

आसिफा के परिवार ने गांव छोड़ा
जम्मू-कश्मीर के कठुआ इलाके में 8 साल की बच्ची के साथ वीभत्स गैंगरेप और हत्या के बाद विरोध-प्रदर्शन और राजनीति का दौर जारी है। इस बीच खबर है कि कठुआ के रसाना गांव में रहने वाला पीड़िता का परिवार मंगलवार को डर के चलते गांव छोड़कर जा चुका है। बताया जा रहा है कि बार असोसिएशन द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच प्रक्रिया में सवाल उठाते हुए विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल के चलते बच्ची का परिवार दहशत में था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आसिफा के पिता मुहम्मद यूसुफ पुरवाला अपनी पत्नी, दो बच्चे और पशुओं को लेकर किसी अज्ञात जगह पर चले गए हैं। इससे पहले यह कहा जा रहा था कि परिवार अगले महीने कश्मीर छोड़ने की योजना बना रहा था। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अलगाववादी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने गुरुवार को राज्य प्रशासन और पुलिस पर मूकदर्शक होने का आरोप लगाया जबकि जम्मू बार असोसिएशन ने भीम सिंह की नेतृत्व वाली पैंथर पार्टी के सहयोग से ‘बलात्कारियों और हत्यारों के समर्थन’ में शहर में बंद और प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने की वकीलों की गिरफ्तारी की मांग
सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने भी इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अपराध के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें श्रीनगर के प्रताप पार्क पर स्टूडेंट, युवक और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए। इस विरोध का नेतृत्व करते हुए जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने कहा कि यह निर्दयी प्रयासों के साथ मामले को सांप्रदायिक मोड़ देने के खिलाफ एक प्रदर्शन है और बीजेपी के लिए एक चेतावनी है।

उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर से गंदी राजनीति को दूर करो। हम यहां एक और गुजरात नहीं बनने देंगे। क्या इन तथाकथित वकीलों के बच्चे नहीं है? क्या उन्हें बच्चों से संवेदनाएं नहीं है?’ प्रदर्शनकारियों ने उन वकीलों को गिरफ्तार करने की मांग की जो पुलिस की क्राइम ब्रांच को अदालत में चार्जशीट दा

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