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ईरान में संकट गहराया, पूर्व राष्ट्रपति हुए गिरफ्तार

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तेहरान

ईरान में पिछले कई दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों से राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इन प्रदर्शनों में रुचि लेने से यह मामला वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच खबर है कि ईरान सरकार ने कथित तौर पर देश के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि 28 दिसंबर को सरकार विरोधी प्रदर्शनों को भड़काने के आरोप में उन्हें ईरान के शिराज शहर से हिरासत में ले लिया गया। उधर, सरकार के समर्थक भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे हैं। इससे देश में उथल-पुथल की स्थिति बन गई है।

गिरफ्तारी से पहले पिछले हफ्ते बुशहर में पूर्व राष्ट्रपति ने प्रदर्शनों को लेकर भड़काऊ बयान दिए थे। अल-कुद्स अल-अरबी अखबार ने तेहरान में अपने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि स्थानीय प्रशासन देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमैनी की मंजूरी मिलने पर अहमदीनेजाद को घर में नजरबंद कर सकता है। दिसंबर के आखिरी दिनों में बुशहर में एक रैली के दौरान अहमदीनेजाद ने कहा था, ‘ईरान कुशासन से जूझ रहा है और रूहानी सरकार मानती है कि वह इस जमीन की मालिक है और जनता नादान है। कुछ मौजूदा नेताओं ने लोगों की समस्याओं और चिंताओं से दूरी बना ली है। वे समाज की हकीकत के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं।’

ईरान की न्यायिक प्रणाली के पांचवें प्रमुख अमोल लारीजानी ने भी अहमदीनेजाद पर प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया है। इस पर एक विडियो संदेश में पूर्व राष्ट्रपति ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘मेरी कोई भी संतान वेस्ट के लिए जासूसी नहीं कर रही है, मेरा कोई भाई नहीं है जो सामानों की तस्करी में लगा हो और मैं पशुओं को बढ़ाने के लिए जमीनों की चोरी भी नहीं करता हूं।’

बताया जा रहा है कि अहमदीनेजाद के अलावा एक प्रमुख शिया मौलवी और राजनेता मेहदी करोबी और पूर्व प्रधानमंत्री मीर-हुसैन को भी हिरासत में लिया गया है और उन्हें नजरबंद रखा गया है। गौरतलब है कि ईरान के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर भ्रष्टाचार और जरूरी चीजों के दाम बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। आरोप यह भी है कि सरकार देश का पैसा दूसरे देशों में खर्च कर रही है।

खुमैनी ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए देश के दुश्मनों को जिम्मेदार ठहराया है। रूहानी ने हाल में कहा था कि ईरान के लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्होंने हिंसक प्रदर्शनों की आलोचना की। प्रदर्शनों के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए ईरान सरकार ने फोर्सेज तैनात कर रखी हैं। इसके साथ ही दो लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप्स टेलिग्राम और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शनों के दौरान 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

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