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उत्तर कोरिया में US के खिलाफ घृणा का पाठ पढ़ाता है यह संग्रहालय

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सिनचोन

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन जहां सिंगापुर में ऐतिहासिक मुलाकात करने जा रहे हैं वहीं लोगों की नजर उत्तर कोरिया के उस संग्रहालय पर है जहां ‘अमेरिकी अत्याचार’ पर घृणा का पढ़ाया जाता है। दरअसल, सिनचोन संग्रहालय के रिवेंज प्लेजिंग प्लेस में सरकार का यह प्रचार चलता है कि कोरियाई युद्ध में अमेरिकी सैनिकों ने 35,000 लोगों का नरसंहार किया था। ऐसे ही एक समूह में एक व्यक्ति एंपीथियेटर के सामने खड़ा है जहां दीवार पर लिखा है , ‘हम अमेरिकियों को खदेड़ें और राष्ट्र को एकजुट करें।’

लोगों की भीड़ में स्कूल , सेना, फैक्ट्री और सरकारी विभाग के लोग हैं। भीड़ हाथ उठाकर एक स्वर में कहती है , ‘चकनाचूर करो , चकनाचूर करो , चकनाचूर करो।’ अमेरिका का विरोध, डेमोक्रैटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया जिसे , उत्तर कोरिया के आधिकारिक नाम से जाना जाता है , की आधारशिला है।

उत्तर कोरिया कहता है कि दशकों में उसने जो परमाणु हथियार विकसित किए हैं , वे प्रतिबंध के शिकार हैं और ऐसे में उत्तर कोरिया को संभावित अमेरिकी हमले से खुद को बचाना है। इसका मतलब है कि अगले हफ्ते सिंगापुर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच होने वाली भेंट वार्ता एक सवाल पैदा कर सकती है कि क्या दुश्मन से सुलह के चलते प्रशासन का वैधता का दावा कमजोर होगा?

इस मुलाकात में उत्तर कोरिया के हथियार अजेंडे में शीर्ष पर होंगे। 1950 में उत्तर कोरिया द्वारा बल प्रयोग से कोरियाई प्रायद्वीप को एकजुट करने की कोशिश को अमेरिका की अगुवाई में संयुक्त राष्ट्र गठबंधन ने विफल कर दिया था। उत्तर कोरिया में अमेरिका और जापान की निंदा आम है।

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