Home राज्य उन्नाव गैंगरेप: अब सीबीआई के निशाने पर जेल के अधिकारी

उन्नाव गैंगरेप: अब सीबीआई के निशाने पर जेल के अधिकारी

0 44 views
Rate this post

लखनऊ

उन्नाव गैंगरेप केस में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निशाने पर उन्नाव जिला जेल के अधिकारी हैं। अधिकारियों के साथ सीबीआई विधायक के उस रिश्तेदार से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिसके पास जेल में अनाज सप्लाई का ठेका है। आरोप है कि पीड़ित किशोरी के पिता की नौ अप्रैल को उन्नाव जिला अस्पताल में मौत से पहले जेल में विधायक के गुर्गों ने बुरी तरह पिटाई की थी।

आरोप है कि आठ अप्रैल को जब किशोरी ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया, तो पीड़ित परिवार को दबाने के लिए विधायक के गुर्गों ने जेल के कर्मचारियों के साथ किशोरी के पिता की पिटाई की। हालांकि, उन्नाव पुलिस ने इस आरोप का खंडन किया, लेकिन पिता के चेहरे पर चोट के गहरे निशान पिटाई की गवाही दे रहे थे।

पीड़ित परिवार ने फुटेज दिखाई
पीड़ित परिवार ने सीबीआई अधिकारियों को वह फुटेज दिखाई, जिसमें तीन अप्रैल की पिटाई के बाद किशोरी के पिता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। उस फुटेज में पिता के माथे पर चोट का कोई निशान नहीं था, हालांकि पीठ, कान और पैरों में गंभीर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। मेडिकल के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। नौ अप्रैल को मौत के बाद जब शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया तो माथे पर बड़ा और गहरा घाव था।

सीबीआई को यह भी जानकारी मिली है कि आठ अप्रैल की रात विधायक के वे रिश्तेदार जेल गए थे, जिनके पास वहां अनाज की सप्लाई का ठेका है। वे काफी देर तक वह जेल परिसर में रहे थे। सूत्रों का दावा है कि जल्द ही सीबीआई जेल में पिटाई के आरोपों को लेकर वहां के अधिकारियों से पूछताछ करेगी।

गिरफ्तारी का नहीं था अनुमान
शुक्रवार तक विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अपनी गिरफ्तारी का अनुमान नहीं था। बताया जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने शुक्रवार को सीबीआई कैंटीन का खाना भी खाया। शनिवार को सुबह सीबीआई अफसरों ने उनसे नाश्ते के लिए पूछा। पहले तो उन्होंने मना कर दिया, लेकिन बाद में बिस्कुट खाकर चाय की। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तारी के बाद विधायक ने खाना नहीं खाया। पूछने पर भूख न होने का तर्क दिया।

मदद की गुहार लगाते रहे सेंगर
सीबीआई सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान विधायक ने कहा वह 2002 से विधायक हैं, जो कई लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इसलिए उनके खिलाफ यह साजिश रची गई है। पीड़ित परिवार से रंजिश का कारण पूछने पर विधायक ने कहा कि उस परिवार से हमारे परिवार की रंजिश 63 साल पुरानी है। उन लोगों को जब मौका मिलता है, हमारे खिलाफ साजिश करते हैं। सीबीआई ने रेप में नामजद आरोपित शशि सिंह के बारे में भी पूछताछ की, जिसका विधायक ने गोलमोल जवाब दिया।

मीडिया से भी मांगी मदद
हैरानी की बात यह है कि जो विधायक मंगलवार रात तक लखनऊ में एसएसपी आवास के सामने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे थे। मीडियाकर्मियों से नोकझोंक के साथ उनके गुर्गे मारपीट पर उतारू थे, वही विधायक गिरफ्तार होने के बाद शनिवार को मीडिया से मदद मांग रहे थे। जैसे ही सीबीआई टीम विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर कोर्ट पहुंची, गाड़ी से उतरते ही सेंगर चिल्लाने लगे। कहा- मैं निर्दोष हूं। मुझे भगवान पर और न्याय पर भरोसा है। पेशी खत्म होने के बाज जब कोर्ट से निकलने लगे तो मीडिया को देख कर फिर चिल्लाए। कहा- हमें भगवान पर भरोसा है। आप लोग मदद करिए।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....