Home फीचर उन्नाव गैंगरेप: MLA सेंगर पर सख्त योगी, पुलिस ने दर्ज की FIR

उन्नाव गैंगरेप: MLA सेंगर पर सख्त योगी, पुलिस ने दर्ज की FIR

0 72 views
Rate this post

उन्नाव

उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर शिकंजा कस गया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात विधायक को सरेंडर करने का आदेश दिया था और गुरुवार को विधायक पर पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। राज्य सरकार साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई को भी सौंपने की तैयारी कर चुकी है। यूपी के प्रधान सचिव (सूचना) ने कल बताया था कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी। उधर, पीएम नरेंद्र मोदी भी राज्य की जमीनी हकीकत जानने के लिए विधायकों से फोन पर बात कर रहे हैं। बता दें कि कुलदीप सेंगर कल रात को एसएसपी आवास पर सरेंडर करने को पहुंचे थे, लेकिन हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद बिना सरेंडर किए वहां से लौट गए।

विपक्षा हमलावर, शीर्ष नेतृत्व नाखुश
उन्नाव गैंगरेप मामले में विपक्षी दल भी राज्य की योगी सरकार पर हमलावर हो गई है। उधर, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी इस पूरे एपिसोड से नाखुश है। बीजेपी पिछली एसपी सरकार पर कानूनी व्यवस्था और महिलाओं पर अत्याचार की तोहमत लगाकर की यूपी की सत्ता हासिल की थी, पर इस मामले में पार्टी की छवि खराब हुई है।

पीएम मोदी ने मोर्चा संभाला, विधायकों से फोन पर करेंगे बात
योगी सरकार और बीजेपी में उठते विवादों के बीच पीएम मोदी ने तय किया है कि वह खुद राज्य के विधायकों को फोन कर जमीनी हकीकत का पता लगाएंगे। इसके लिए बीजेपी ने यूपी के सभी विधायकों से कहा कि वह रोज दिन में 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपना फोन जरूर ऑन रखें। बुधवार को मोदी ने सिद्धार्थनगर के इटवा के विधायक सतीश चंद्र द्विवेदी से बात

अमित शाह को दी गई पूरी जानकारी
बुधवार को एक दिन के लखनऊ यात्रा पर आए बीजेपी चीफ अमित शाह को सीएम योगी ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया और बुधवार शाम तक पहली रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। SIT की रिपोर्ट में मामले की जांच विधायक की भूमिका को प्रभावित करने वाला बताया। बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व विधायक के खुलकर समर्थन करने वाले बयानों से भी खफा दिख रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी विधायक को बर्खास्त भी कर सकती है। कुलदीप सेंगर ठाकुर नेता हैं और एसपी योगी पर ठाकुर नेताओं को बचाने का आरोप लगा रही है।

अधिकारियों की भूमिका भी शक के घेरे में
सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने गैंगरेप और पीड़िता के पिता की मौत मामले में सीएम को सीबीआई जांच की सिफारिश करने को कहा है। SIT की जांच में पाया गया कि विधायक के प्रभाव के कारण उन्नाव के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तरफ से मामले को दबाने की बात भी सामने आई है। उन्नाव की एसपी और कई जेल के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘ इस मामले की जांच सीबीआई ही बेहतर तरीके से कर सकती है क्योंकि यूपी पुलिस पर राजनीतिक हमले होंगे।’

हाई कोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के महाधिवक्त को नोटिस भेजा है। उधर सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई के लिए हामी भरी है। फूलपुर और गोरखपुर में बीजेपी की हार से पार्टी पहले से ही चिंता में है। इसके अलावा दलित सांसदों की हाल कि चिट्ठियों ने पार्टी को सांसत में डाल दिया है। इस नए प्रकरण से पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव के निकट सहोयगी सुनील सिंह यादव ने कहा, ‘इस तरह की भी खबरें हैं कि बीजेपी सीएम को बदल सकती है। इसलिए योगी ठाकुर और अन्य उच्च जाति के विधायकों को अपनी तरफ मिलाकर ताकत दिखाना चाहते हैं। यही कारण है कि कुलदीप के खिलाफ ठोस सबूत होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।’

अपनों के निशाने पर योगी सरकार
बीजेपी की मीडिया पैनलिस्ट दीप्ति भारद्वाज ने फेसबुक पोस्ट और ट्वीट के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी और शाह से यूपी को बचाने की अपील कर दी थी। दीप्ति ने ट्वीट कर कहा था, ‘उत्तर प्रदेश को बचा लीजिए, सरकार के निर्णय शर्मसार कर रहे हैं। ये कलंक नहीं धुलेंगे। आदरणीय भाई नरेंद्र मोदी जी और आपके साथ हम सबके सपने चूर-चूर होंगे।’

सेंगर ने कहा- मैं साजिश का शिकार
एसएसपी के घर के बाहर आज तक से खास बातचीत में सेंगर ने कहा कि, ‘जांच रिपोर्ट में क्या है, मुझे नहीं मालूम. एसआइटी रिपोर्ट में क्या-क्या मामले आए हैं, इसका मुझे कुछ नहीं पता. यह कहा जा रहा है कि मैं भाग गया हूं, फरार हो गया हूं. इसलिए मैं यह दिखाना चाहता हूं कि मैं जनता का आदमी और जनता के बीच में हूं. इसीलिए मैं सामने आ रहा हूं.’

विधायक ने कहा कि, ‘मुझे रेप का आरोपी बनाया गया है. मैं ये सपने में भी नहीं सोच सकता. मेरे खिलाफ साजिश की गई है. मेरा मीडिया ट्रायल किया गया है. मैं साजिश का शिकार हुआ हूं. मैं चाहता था कि निष्पक्ष जांच हो. मैंने कभी किसी पर दबाव नहीं बनाया. अगर मैं दोषी हूं या मेरा भाई गुनहगार है तो सजा मिलेगी. कानून के तहत सबको सजा मिलनी चाहिए. मैंने कोई गलत काम नहीं किया है. मेरे खिलाफ दुष्प्रचार किया गया. जो लोग आज चैनलों पर बातें कर रहे हैं, उनका कृत्य किसी ने नहीं देखा.’

पुलिस को माना दोषी
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने कई अनियमितताएं कीं. रिपोर्ट में पुलिस को दोषी ठहराते हुए कहा गया कि विधायक के भाई के पक्ष में एकतरफा जांच की गई. इसके अलावा पीड़िता और उसके परिवार के बयान में भी अंतर पाया गया है.

दोस्तों के साथ शेयर करे.....