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उन्नाव रेप केस की जांच सीबीआई के हवाले, यूपी सरकार की सिफारिश पर मुहर

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लखनऊ

उत्तर प्रदेश की बांगरमऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप के मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा ऐक्शन लिया है। इस पूरे मामले में योगी सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) जांच कराने की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मंजूर कर लिया गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय द्वारा दखल किया गया, जिसके बाद सीबीआई को अब इस मामले की जांच सौंप दी गई है। उन्नाव रेप केस को लेकर प्रदेश की योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है और चौतरफा हमलों के बीच सरकार पर सख्त कार्रवाई का दवाब था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी योगी सरकार से पूछा था कि वह एक घंटे में बताए कि विधायक को गिरफ्तार करेंगे या नहीं।

‘सीबीआई जांच के लिए पीएमओ ने दिया दखल’
बता दें कि अन्य मामलों में सीबीआई को केस सुपुर्द करने से पहले इंतजार करना पड़ता है लेकिन इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीएम कार्यालय द्वारा संज्ञान लेकर तत्काल सीबीआई जांच का रास्ता साफ किया गया। चूंकि इस केस में सीधे तौर पर प्रभावशाली विधायक आरोपी हैं, ऐसे में सबूतों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट किए जाने की आशंका थी। इस मामले में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) मंत्रालय ने सीबीआई जांच को हरी झंडी दे दी है। सीबीआई जांच के लिए गुरुवार शाम को डीओपीटी की तरफ से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
डीओपीटी की तरफ से जारी सीबीआई जांच का नोटिफिकेशन।

पीड़िता के पिता की मौत के बाद बढ़ा विवाद
बता दें कि उन्नाव रेप केस के मामले में एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया था, ’11 जून 2017 को दर्ज एफआईआर में विधायक का नाम नहीं था लेकिन 22 अगस्त 2017 को विधायक का नाम सामने आया था।’ गौरतलब है कि रेप के इस मामले के बाद विवाद तब और बढ़ गया जब पीड़िता के पिता की मौत हो गई और हत्या का आरोप बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर पर लगा। मामले में ऐक्शन दिखाते हुए अतुल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद उन्हें सीजेएम कोर्ट के सामने पेश किया गया और हत्या के आरोप में अतुल को जेल भेज दिया गया।

ऑडियो-विडियो से बढ़ती गईं मुश्किलें
रेप केस में बीजेपी विधायक पर आरोप हैं तो विपक्ष भी सवाल पूछने में पीछे नहीं रहा। इसके साथ-साथ मामले में कथित तौर पर कुलदीप सिंह और पीड़िता के चाचा का ऑडियो, पीड़िता के पिता के द्वारा अंगूठा लगवाए जाने का विडियो, पीड़िता के पिता की मौत से पहले अस्पताल का विडियो आदि इस केस में कुलदीप सिंह की मुश्किलों में इजाफा करते चले गए।

एसआईटी गठित कर योगी ने लिया ऐक्शन
इस केस में आरोपी विधायक सफाई देते रहे कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। हालांकि, बीजेपी सरकार की इस मामले को लेकर लगातार किरकिरी होती रही, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठित कर जांच करने के निर्देश दिए और बुधवार शाम को पहली रिपोर्ट सौंपने को कहा। एडीजी राजीव कृष्णा के साथ एसआईटी उन्नाव जिले के माखी गांव पहुंची और टीम ने चप्पे-चप्पे की जांच की। इसके इतर एसआईटी ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से भी मामले से जुड़ी हर जानकारी जुटाने की कोशिश की।

काफिले के साथ एसएसपी आवास पहुंचे थे सेंगर
एसआईटी रिपोर्ट बुधवार को सार्वजनिक होने से पहले इस बात की चर्चाएं तेज हो गईं कि रेप मामले में आरोपी बीजेपी विधायक गिरफ्तारी दे सकते हैं। हालांकि, कुलदीप सिंह सेंगर अपने काफिले के साथ लखनऊ स्थित एसएसपी आवास पहुंचे, जहां पर उन्होंने मीडिया से कहा, ‘मुझे तो मीडियावालों ने बुलाया था तो मैं आ गया।’ इस हंगामे के दौरान एसएसपी अपने आवास में मौजूद नहीं थे जिसकी वजह से वह अपने समर्थकों के साथ वापस लौट गए।

बीजेपी विधायक पर दर्ज हुआ केस
एडीजी राजीव कृष्णा ने एसआईटी की पहली रिपोर्ट बुधवार शाम उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को सौंपी। एसआईटी ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की सिफारिश भी की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात विधायक को सरेंडर करने का आदेश दिया था और गुरुवार को विधायक पर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली। कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ पुलिस ने धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

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