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ऐबू ने कारखाने में भेल कर्मियों को जगाने किया अभियान शुरु

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अब होगी कर्मचारियों की मागों के लिए आर-पार की लड़ाई

भोपाल

ऑल इंडिया भेल एम्प्लाइज यूनियन (ऐबू) ने भेल प्रबंधन के झूठे वायदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों के काम समय सीमा में नहीं हो पा रहे हैं। इसको लेकर ऐबू ने जागृति अभियान की शुरुआत ब्लॉक-6 स्टीम टरबाइन से की है। शुक्रवार को ब्लॉक-2 में कर्मचारियों से मिलकर भेल बचाओ अभियान शुरू कर दिया है साथ ही साथ प्रबंधन के खिलाफ आर- पार की लड़ाई की शुरु कर दी है। यूनियन के केन्द्रीय अध्यक्ष एवं इकाई महासचिव रामनारायण गिरी ने बताया कि इस अभियान के तहत रोजाना कारखाने के विभिन्न ब्लॉक का दौरा किया जाएगा और भेल कर्मचारियों से मुलाकात कर प्रबंधन के खिलाफ लोगो के अंदर व्याप्त आक्रोश की जानकारी ली जाएगी।

श्री गिरी का कहना है कि यूनियन के द्वारा प्रबंधन के खिलाफ छेड़ी गयी आर-पार की लड़ाई में खुल कर समर्थन करें। भेल की सबसे महत्वपूर्ण इकाई भेल का मदरप्लांट भोपाल है जिसके कर्मचारियों की जितनी तारीफ की जाए कम है इसका प्रमाण भेल भोपाल के कर्मचारियों ने बीते दो वर्षों में कार्पोरेट स्तर पर सर्वाधिक उत्पादन इकाई ने लाभ का पुरुस्कार जीत कर दिया है और निश्चित तौर पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी भेल भोपाल उत्पादन के लाभ में प्रथम आएगा। लेकिन ठीक इसके विपरीत प्रबंधन इस यूनिट को मिलने वाली सब्सिडी में सर्वाधिक कटौती करने पर आमादा है। इस सूची में चाहे वह स्कूल की या बस सब्सिडी हो।

श्री गिरी का कहना है कि भेल की त्रिची इकाई में एक कर्मचारी के परिजन को हाल ही में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई वहीं भेल भोपाल में श्रमिक के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के मामले में पहले प्रबंधन ने एक माह का समय मांगा था अब समय पूर्ण हो जाने के बाद भेल इस गंभीर मामले को सुलझाने में आनाकानी कर रहा है। टाउनशिप की पानी और बिजली की कटौती से हालात और बद से बदतर होते जा रहे है। कस्तूरबा अस्पताल के हालात किसी से छुपे नहीं है परंतु प्रबंधन के कानों में जूं तक नही रेंग रही है। 1 करोड़ रुपये की मृत्यु सहायता राशि का मामला भी ठंडे बस्ते में है ऐसे ही बहुत से ज्वलंत मुद्दों को हल करने पर प्रबंधन अपनी कोई रुचि नही दिखा रहा है।

श्री गिरी का कहना है कि बार-बार प्रबंधन को चेताने के बाद ही अंतत: यूनियन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा, और पुराने लंबित मुद्दों के हल न होने और अनुकंपा नियुक्ति जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रबंधन की चुप्पी के कारण यूनियन ऑल इंडिया भेल एम्प्लाइज यूनियन भेल भोपाल ने इकाई की सबसे महत्पूर्ण कमेटी प्लांट कमेटी का बहिष्कार कर प्रबंधन को अपने रोष से अवगत कराने का प्रयास किया गया है। और प्रबंधन को यह बता दिया गया है कि जब तक पुराने मुद्दे हल नहीं हो जाते इसी प्रकार यूनियन किसी भी मामले में कोई सहयोग नही करेगी। प्रबंधन के खिलाफ भोपाल यूनिट से लेकर कार्पोरेट तक आंदोलन की शरुआत की जाएगी।

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