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कठुआ गैंगरेप: आरोपियों ने नहीं दिया था मेरठ में एग्जाम

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मेरठ

देश को हिला देने वाले जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। इसका वेस्ट यूपी कनेक्शन निकला है। एक आरोपी मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी का छात्र है। यह छात्र जम्मू का होने के बाद भी यूपी में फर्जी अड्रेस पर रह रहा था। छात्र के बारे में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एसआईटी की जांच में पता चला है कि जम्मू में वारदात वाले दिन उसका एग्जाम खतौली (मुजफ्फरनगर) के कॉलेज में था लेकिन वह और उसके तीन अन्य साथी छात्र परीक्षा केंद्र में मौजूद नहीं थे।

कॉलेज प्रशासन एसआईटी को यह नहीं बता सका कि जब छात्रों की मौजूदगी कॉलेज में नहीं है तब परीक्षा किसने दी। एसआईटी और विश्वविद्यालय को शक है कि चारों छात्रों की जगह दूसरे छात्रों ने परीक्षा दी या दिलाई गई। एसआईटी टीम की जांच में शामिल रहे पुलिसकर्मी का कहना है कि विशाल तक जांच टीम फेसबुक से पहुंची थी। यह भी खुलासा हुआ है कि विशाल को उसका कमरा कॉलेज के प्रबंधक ने ही दिलवाया था।

हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज के रेकॉर्ड में इन चारों छात्रों (विशाल जंगोत्रा, उसके साथी सचिन शर्मा, साहिल शर्मा और नीरज शर्मा) की एग्जाम कॉपी मिली हैं। एसआईटी और यूनिवर्सिटी को अब शक है कि इन छात्रों ने यूनिवर्सिटी में सक्रिय रहे कॉपी बदलने वाले गिरोह की मदद लेकर कानून के हाथों बचने की साजिश रची है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि जम्मू कश्मीर से दो सदस्यीय एसआईटी टीम आई थी। टीम एक हत्या के मामले में इस बात की जांच कर रही थी कि मुजफ्फरनगर के मीरापुर के आकांक्षा कॉलेज के चार बच्चों ने केके जैन कॉलेज खतौली में परीक्षा दी है या नहीं।

सीसीटीवी फुटेज, फॉर्म और कॉपी की राइटिंग मांग के मुताबिक हमने एसआईटी को मुहैया करा दी थी। एसआईटी ने मुजफ्फरनगर में खतौली के परीक्षा केंद्र केके जैन कॉलेज खतौली में भी रेकॉर्ड खंगाला और स्टाफ से पूछताछ की थी। रजिस्ट्रार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में चारों छात्र एग्जाम के दिन कॉलेज में नहीं पाए गए। चारों छात्रों का यूनिवर्सिटी से निष्कासन कभी भी हो सकता है। दरअसल, एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में इस बात का खुलासा किया है कि मेरठ से विशाल जंगोत्रा को फोन कर वारदात के लिए जम्मू बुलाया गया था। विशाल को जम्मू में शम्मा नाम से जाना जाता है। हालांकि चार्जशीट में विशाल का नाम ही सामने आया है, बाकी तीन को लेकर अभी जांच चल रही है।

यह भी है गड़बड़
चारों छात्रों विशाल जंगोत्रा, साचिन शर्मा, साहिल शर्मा और नीरज शर्मा के यूनिवर्सिटी और कॉलेज में जमा अभिलेखों में भी गड़बड़ियां मिल रही हैं। चारों छात्रों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। उनकी यूपी में आने से पहले की सारी पढ़ाई भी जम्मू बोर्ड से हुई है लेकिन यहां उन्होंने अपने अलग-अलग अड्रेस लिखा रखे हैं। रेप और हत्या के मुख्य आरोपी विशाल जंगोत्रा ने अपना पता मुजफ्फरनगर के जानसठ का रसूलपुर गांव लिखा रखा है। इसी तरह उसके साथ नीरज शर्मा ने भी रसूलपुर का की रहने वाला दिखाया है। जबकि उसके तीसरे साथी साहिल शर्मा ने दिल्ली के चाणक्यपुरी का पता दर्ज करा रखा है। चौथे छात्र ने खुद का पता कठुआ जम्मू ही लिखाया हुआ है। जांच टीम इस बात का भी पता कर रही है कि इनके अड्रेस चेंज कराने के पीछे आखिर वजह क्या हो सकती है।

अभी तक जांच में यह आया सामने
23 मार्च को मेरठ आई एसआईटी जम्मू की टीम ने मेरठ, खतौली और मुजफ्फरनगर में जांच शुरू की तो परतें उखड़ती चली गईं। पता चला कि 12, 15 और 17 जनवरी 2018 को एग्जाम सेंटर केके जैन कॉलेज खतौली में परीक्षा थी। एसआईटी ने मेरठ में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से चारों छात्रों की 12, 15 और 17 जनवरी को हुई परीक्षा की कॉपियों की असलियत का पता लगाने के लिए ली थी। एसआईटी का तर्क था कि हैंडराइटिंग का मिलान करने से सारी स्थिति साफ हो जाएगी। फरेंसिक जांच कराई गई। उसकी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि हैंडराइटिंग आरोपी चारों छात्रों की ही है। एसआईटी इस बात को लेकर परेशान रही कि कॉलेज में परीक्षा देने नहीं जाने वाले छात्रों की हैंडराइटिंग कॉपी में कैसे हो सकती है।

कॉपी बदलने वाले गिरोह पर साजिश का शक
एसआईटी अगली कड़ी में जांच कर रही है कि आरोपी छात्रों ने अपनी जगह पर परीक्षा देने के लिए फर्जी छात्रों को बैठाया था। छात्र परीक्षा वाले दिन जम्मू में थे। वहां रेप और हत्या की वारदात अंजाम देने के बाद खुद को बचाने के लिए साजिश रची। शक है कि हाल ही में यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस और दूसरी परीक्षाओं की कॉपी बदलने वाले गिरोह के सरगना कविराज से संपर्क कर और मोटी रकम देकर कॉपियां बदलवाने का काम किया हो। शक है कि इन कॉपियों को बाद में लिखवाकर आरोपी कश्मीरी छात्रों ने कविराज और उसके गिरोह के सदस्यों को दिया हो।

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