Home राज्य कठुआ गैंगरेप: जम्‍मू और श्रीनगर में प्रदर्शन, कहानी अलग-अलग

कठुआ गैंगरेप: जम्‍मू और श्रीनगर में प्रदर्शन, कहानी अलग-अलग

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श्रीनगर

जम्‍मू और कश्‍मीर में क्षेत्रीय ध्रुवीकरण बहुत गहरा हो गया है। राज्‍य के इन दोनों ही प्रमुख शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन दोनों का कारण अलग-अलग है। शीतकालीन राजधानी जम्‍मू में जहां कठुआ गैंगरेप के आरोप में 7 हिंदुओं की गिरफ्तारी का विरोध हो रहा है वहीं राज्‍य की राजधानी श्रीनगर समेत पूरे घाटी में बुधवार को आतंकवादियों को बचा रहे 4 युवकों की मौत के विरोध में प्रदर्शन हो रहा है।

ये चारों युवक शारजील शेख, बिलाल अहमद तांत्रे, फैसल इलाही और ऐजाज अहमद पल्‍ला की कुलगाम में सुरक्षा बलों के एक आतंकवाद निरोधक अभियान के दौरान बाधा डाल रहे थे। आमने-सामने की इस कार्रवाई के दौरान वहां छिपे तीन आतंकवादी फरार हो गए लेकिन बाद में बड़े पैमाने पर पत्‍थरबाजी के बाद जब सुरक्षा बलों ने अपना घेरा हटा लिया तो ये वापस आ गए।

चारों युवकों की मौत के बाद घाटी में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। घाटी के कुछ हिस्‍सों में बंद आयोजित किया गया। गुरुवार को दक्षिण कश्‍मीर में ट्रेन सेवाएं और इंटरनेट बंद कर दिया गया। पूरे देश में कठुआ गैंगरेप की जहां आलोचना हो रही है वहीं कश्‍मीर के लोगों में इसको लेकर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं है। कश्‍मीर के मीडिया में भी इसकी ज्‍यादा चर्चा नहीं है।

इसके विपरीत जम्‍मू के वकीलों ने कठुआ गैंगरेप मामले में दो पुलिसवालों समेत सात लोगों को अरेस्‍ट किए जाने का विरोध किया है। उन्‍हें पुलिस पर हिंदुओं के प्रति पक्षपातपूर्ण होने और साजिश रचने का संदेह है। ये वकील सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं। वकीलों के एक गुट ने तो क्राइम ब्रांच को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से रोक दिया।

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