Home फीचर कर्नाटक: कांग्रेस-JDS की मेगा बैठक, BJP ने भी कमर कसी

कर्नाटक: कांग्रेस-JDS की मेगा बैठक, BJP ने भी कमर कसी

0 58 views
Rate this post

बेंगलुरु

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद की स्थिति अब लगभग साफ हो गई है। बीजेपी की अंतिम टैली 104 सीटों पर जाकर रुक रही है और बहुमत के आंकड़े से पार्टी दूर रह गई है। कांग्रेस ने 78 सीटें जीत 38 सीटें जीतने वाली जेडीएस प्लस को समर्थन का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस का दावा है कि बाकी दो अन्य विधायकों का भी समर्थन उसे प्राप्त है। दोनों ही तरफ से राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया जा चुका है। इस बीच बेंगलुरु में कांग्रेस और जेडीएस नेता की मेगा बैठक चल रही है। बीजेपी ने भी अपने हिसाब से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

फिलहाल कर्नाटक की सियासी तस्वीर काफी रोचक हो चुकी है। अब गेंद राज्यपाल के पाले में है कि वह सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं, यहां बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को। इस बीच बेंगलुरु के अशोक होटल में कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं की अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में पूर्व पीएम देवगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी के साथ कांग्रेस के सिद्धारमैया, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, डीके शिवकुमार भी मौजूद हैं।

कांग्रेस ने गोवा, मेघालय और मणिपुर की हालिया नजीर देते हुए कहा है कि राज्यपाल को बहुमत रखने वाले गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता देना चाहिए। हालांकि बीजेपी की भी अपनी तैयारियां हैं। बीजेपी के सीएम कैंडिडेट येदियुरप्पा ने कहा है कि बुधवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जाएगा। इसके बाद वह विधायकों के साथ राज्यपाल से मिल सरकार बनाने की अनुमति की मांग करेंगे।

ऐसी स्थिति में सारा मामला अब राज्यपाल के विवेक पर निर्भर है। राज्यपाल चाहें तो बीजेपी को सबसे अलग दल के रूप में सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में बीजेपी राज्यपाल से बहुमत साबित करने के लिए कुछ वक्त की मांग कर सकती है। दूसरी स्थिति में राज्यपाल को अगर लगेगा कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सूबे को स्थाई सरकार दे सकता है तो उन्हें भी सरकार बनाने का मौका दिया जा सकता है।

अभी की सीट टैली के मुताबिक राज्यपाल अगर दूसरे ऑप्शन पर जाते हैं तो चुनाव बाद बने इस नए गठबंधन को बहुमत साबित करने में कोई खास कठिनाई नहीं होनी चाहिए। बीजेपी जादुई आंकड़े से अभी पीछे है। कर्नाटक की 224 सीटों वाली विधानसभा के लिए 222 सीटों पर चुनाव हुए हैं। बाकी दो सीटों के चुनाव बाद में होंगे। इस हिसाब से फिलहाल बहुमत साबित करने के लिए 112 सीटों की जरूरत पड़ेगी। इस लिहाज से बीजेपी को अभी कुल 8 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

कर्नाटक में तीन दलों कांग्रेस, बीजेपी, जेडीएस के अलावा दो अन्य दल और एक निर्दल की सीटों की संख्या सिंगल डिजिट में है। बीएसपी के पास एक विधायक है, स्थानीय पार्टी केपीजेपी के पास एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक हैं। बीएसपी विधायक जेडीएस प्लस का हिस्सा हैं। ऐसे में बीजेपी को अगर सरकार बनाने का मौका मिल भी जाता है तो फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने का फिलहाल कोई रास्ता नहीं दिख रहा। कर्नाटक में विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर फिलहाल कर्नाटक का भविष्य राज्यपाल के फैसले पर ही टिका हुआ है।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....