Home राजनीति कर्नाटक में चूकी, अब तेलंगाना पर बीजेपी का फोकस, यह है रणनीति

कर्नाटक में चूकी, अब तेलंगाना पर बीजेपी का फोकस, यह है रणनीति

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हैदराबाद

कर्नाटक में सरकार को बचाए रखने से चूकी बीजेपी की नजर अब तेलंगाना पर है। तेलंगाना बीजेपी के अध्यक्ष के लक्ष्मण का का कहना है कि पार्टी 2019 में राज्य में होने वाले चुनावों की तैयारी में जुट गई है। तेलंगाना में विधानसभा का चुनाव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ ही कराया जाएगा। के लक्ष्मण ने कहा कि ‘हाल ही में दिल्ली में अध्यक्ष अमित शाह जी के नेतृत्व में एक बैठक हुई। उन्होंने तेलंगाना पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होने थे, अब हो गए। अब तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।’ उन्होंने कहा की राजनीतिक स्थिति और चुनाव की योजना का आकलन करने के लिए शाह अगले महीने तेलंगाना आ सकते हैं।

लक्ष्मण ने कहा कि राज्य में बीजेपी सांगठनिक रूप से मजबूत है और राज्य में खुद को और बेहतर करने के लिए मतदान केन्द्रों पर ‘ पन्ना प्रमुख ‘ मॉडल की प्रणाली अपनाई जाएगी। विभिन्न राज्यों में ‘पन्ना प्रमुख’ बीजेपी का एक सफल मॉडल रहा है जिसमें एक पन्ना का प्रभारी अपनी सूची में आने वाले मतदाताओं के परिवारों से संपर्क करता है।

उन्होंने कहा, ‘जहां तक ‘पन्ना प्रमुख’ का सवाल है तो 119 विधानसभा क्षेत्रों में से करीब 40-50 विधानसभा क्षेत्रों में ‘पन्ना प्रमुख’ का काम पूरा हो गया है। शेष विधानसभा क्षेत्रों में भी हम एक या दो महीना में काम पूरा कर लेंगे।’ साथ ही पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए कुछ और कदम भी उठा रही है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी तेलंगाना में टीआरएस सरकार की विफलताओं और नहीं पूरे किए गए वादों को भी उठाएगी। इनमें रोजगार सृजन, गरीबों को दो बेडरूम वाले आवास और दलितों को 3 एकड़ जमीन देने जैसे वादे शामिल हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी समाज के विभिन्न सेक्शनों के लिए स्पष्ट चुनावी घोषणापत्र के साथ उतरेगी। इसमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और युवा जैसे तमाम वर्ग शामिल होंगे। उनके मुताबिक समाज के विभिन्न तबकों के साथ चर्चा कर इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीजेपी महासचिव राम माधव, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और बिहार के मंत्री मंगल पांडेय को तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे राज्य का दौरा करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण के मुताबिक चुनाव के समय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उन राज्यों पर फोकस करेगा जहां सरकार नहीं है। दूसरे राज्यों में पार्टी के मुख्यमंत्री कैंपेन को लीड करेंगे। आपको बता दें कि शनिवार को येदियुरप्पा ने कर्नाटक विधानसभा में बहुमत प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस और जेडीएस विधायकों की एकजुटता की वजह से बीजेपी संख्या बल नहीं जुटा पाई। ऐसे में साउथ में बीजेपी के आगे बढ़ने के प्रयासों को धक्का लगा है और अब तेंलगाना पर नेतृत्व ताकत झोंकने की तैयारी में है।

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