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कर्नाटक : येदियुरप्पा बने CM, अब देनी होगी MLA की लिस्ट

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बेंगलुरु

बीएस येदियुरप्पा ने आज कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. उधर राज्यपाल वजुभाई वाला के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस खिलाफ राज भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में थी, जिसे देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने के लिए 16000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद के शपथ को रोकने के लिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची. कोर्ट में आधी रात के बाद करीब साढ़े तीन घंटे चली बहस के बाद येदियुरप्पा को राहत मिली, जिसके बाद वे आज सुबह सीएम पद के लिए शपथ लेकर सत्ता के सिंहासन पर काबिज हो गए हैं. लेकिन 24 घंटे के अंदर उन्हें अपने समर्थन विधायकों की लिस्ट कोर्ट को देनी है. बीजेपी के लिए 112 विधायकों की लिस्ट सौंपना आसान नहीं है. ऐसे में येदियुरप्पा को बहुमत साबित करना एक बड़ी चुनौती है.

वहीँ कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि बहुमत न होने के बाद भी बीजेपी की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है। आज सुबह जब बीजेपी अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।

इससे पहले येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण को रोकने के लिए कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) ने सुप्रीम कोर्ट में बुधवार रात याचिका दी थी, जिस पर कोर्ट ने बुधवार देर रात सुनवाई की. करीब 3.30 तक चली इस ऐतिहासिक सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर तो रोक लगाने से इनकार कर दिया. इस मामले की सुनवाई अब शुक्रवार सुबह 10:30 बजे होगी, जिसमें कोर्ट ने दोनों पक्षों से विधायकों की लिस्ट भी लाने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट की इस बेंच में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस सीकरी और जस्टिस बोबडे शामिल थे. मामले में केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, बीजेपी की ओर से पूर्व अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए.

इससे पहले राज्यपाल वजुभाई वाला ने राज्य में सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को न्योता दिया. कर्नाटक चुनाव के नतीजों में कोई भी पार्टी बहुमत का जादुई आंकड़ा (112) पार नहीं कर पाई है. ऐसे में सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन दोनों ही सरकार बनाने का दावा कर रही थीं. हालांकि अंत में राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी को सरकार बनाने को न्योता देते हुए उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया है.

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