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कश्मीर: राहुल का हमला, ‘मोदी नहीं ले रहे फैसला, सैनिक बहा रहे खून’

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नई दिल्ली/ जम्मू

सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकवादी हमले के बाद जहां विपक्ष बीजेपी-पीडीपी गठबंधन सरकार को निशाने पर लिए हुए है, वहीं पाकिस्तान से बातचीत को लेकर पीडीपी और बीजेपी के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कश्मीर में खूनखराबे के लिए सत्ताधारी गठबंधन को जिम्मेदार बताते हुए पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री कोई फैसला नहीं कर पा रहे हैं और ‘अवसरवादी’ गठबंधन के चलते सैनिकों को अपना खून बहाना पड़ रहा है। उधर बीजेपी ने मंगलवार को इशारों में सीएम महबूबा मुफ्ती पर ही निशाना साधा और कहा कि गोलियों और रक्तपात के बीच पाकिस्तान से बातचीत करना सही नहीं है।

राहुल बोले- मोदी जी फैसला नहीं कर रहे
राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार पर कश्मीर के लिए ‘अस्तित्वहीन’ नीति अपनाने का आरोप लगाया और खूनखराबे के लिए बीजेपी-पीडीपी गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन में उभरे मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा, ‘पीडीपी कह रही है कि पाकिस्तान से बातचीत करो। बीजेपी की रक्षा मंत्री कह रही हैं कि पाकिस्तान को कीमत चुकानी पड़ेगी, जबकि हमारे सैनिकों को बीजेपी-पीडीपी के अवसरवादी गठबंधन और कश्मीर की अस्तित्वहीन नीति के कारण अपना खून बहाना पड़ रहा है। मोदी जी निर्णय नहीं कर रहे हैं।’ कांग्रेस पहले भी सरकार पर उसकी कश्मीर नीति और बीजेपी-पीडीपी गठबंधन को लेकर उस पर हमला बोलती रही है।

पाकिस्तान से बातचीत का वक्त नहीं- बीजेपी
सोमवार को सीएम महबूबा मुफ्ती के राज्य में खूनखराबे के अंत के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत का आह्वान किया था। जिसके जवाब में बीजेपी ने मंगलवार को कहा कि ऐसे समय में बातचीत उपयुक्त नहीं है जब पड़ोसी देश आतंकी हमलों में मदद कर रहा है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता सुनील सेठी ने इशारों में महबूबा पर निशाने साधते हुए कहा, ‘गोलियों के शोर और रक्तपात के बीच एक वर्ग पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत की वकालत कर रहा है जो कि ऐसे समय में उपयुक्त नहीं है जब पाकिस्तान खुलकर राज्य में आतंकी हमले में मदद कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत का फैसला केंद्र करता है और दूसरों के हस्तक्षेप के लिए इसमें कोई गुंजाइश नहीं है। सेठी ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधियां खत्म करता है और माहौल अनुकूल होता है तो बातचीत पर विचार किया जा सकता है।

गौरतलब है कि महबूबा ने सोमवार को विधानसभा में कहा था, ‘अगर फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती कहती हैं कि पाकिस्तान के साथ बातचीत की जाए तो उन्हें राष्ट्रविरोधी करार दिया जाता है। बातचीत के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अगर हम इसकी बात नहीं करेंगे तो कौन करेगा? बिहारी या पंजाबी तो करेंगे नही ?’

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