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कारखाने के टीसीबी में कमाल

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भोपाल

भेल कारखाने के टीसीबी ब्लॉक में एक साफ-सफाई का ठेका चर्चाओं में है। इस ठेके में ठेकेदार को फायदा पहुंचे या फिर कतिपय अफसरों को यह तो अन्दर की बात है लेकिन इस ठेके को कमाल का माना जा रहा है। इससे भेल को लंबा चूना लगने की खबर है। चर्चा है कि इस विभाग का ठेका जिस कंपनी को दिया गया है उसमें उस कंपनी के वारे-न्यारे साफ दिखाई दे रहे है। एक ब्लॉक की साफ-सफाई पर रोजाना 48500 रूपये खर्च किये जा रहे है। उस पर लेबर आ रही है 14 और मटेरियल भी भेल का, जबकि यही काम रोजाना कारखाने का एफसीएक्स विभाग 34,700 में कर रहा है और लेबर आ रही है 69, साफ जाहिर है कि भले ही ठेका नियमानुसार दिया हो लेकिन इससे भेल को लंबा चूना लग रहा है। इस बात से बेखबर अफसर सिर्फ काम करा रहे नुकसान नहीं देख रहे हैं। इसी तरह कारखाने के स्वीचगियर विभाग में भी साफ-सफाई के ठेके में धांधली किये जाने की खबर है। अब मामला टेक्निकल या नान टेक्निकल वह अलग बात है।

कुछ अफसरों की चमक सकती किस्मत

दो साल तक भेल के सीनियर अफसरों के रिटायरमेंट के चलते भोपाल कॉडर के कई अफसरों की किस्मत चमक सकती है। कुछ अफसर तो अभी से जोड़-तोड़ की राजनीति में लग गये है। यहां तक की दो अफसर भोपाल यूनिट में आने की जी तोड़ कोशिश में लगे हुए है। यह अपने मकसद में कितने कामयाब हो पायेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा,लेकिन उनके आने की खबर से भेल के प्रशासनिक भवन में कुछ महाप्रबंधक स्तर के अफसरों में चर्चाओं का दौर जारी है। इस यूनिट से जिन अफसरों को कार्पोरेशन स्तर पर प्रमोट किया जा सकता है इनमें भोपाल यूनिट के राजीव सिंह, विपिन मिनोचा, टीके बागची, विनय निगम, एके वाष्र्णेय और पीके मिश्रा के नाम प्रमुखता से लिये जा रहे है। इधर बंगलुरू यूनिट के जीएमआई एमके वर्मा, हरिद्वार के जीएमआई संजय गुलाटी, हैदराबाद के ईडी एस बालाकृष्णन और दिल्ली के जीएम एके जैन के नाम भी प्रमुखता से लिये जा रहे है। इनमेंं से कुछ अफसरों को दिल्ली कार्पोरेट में डायरेक्टर भी बनाया जा सकता है।

मिशन 2018 की जोर आजमाइश शुरू

गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्याे के भूमिपूजन की होड़ लगातार जारी है। विधायक और महापौर निधि से हो रहे भूमिपूजन को भी लोग मिशन 2018 को लेकर देख रहे हैं। यूं तो भाजपा के लोग बाबूलाल गौर और कृष्णा गौर को इस विधानसभा से टिकट का प्रबल दावेदार मान रहे है तो दूसरी और महापौर आलोक शर्मा और मप्र पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक को भी दावेदारी में कम नहीं आंक रहे हंै। चर्चा है कि इस बार भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मनोरंजन मिश्रा, पूर्व पार्षद अनिल भार्गव और भाजपा के युवा नेता विनय तिवारी भी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। मजेदार बात तो यह है कि इस बार क्षेत्र के कुछ भाजपा नेता सांसद आलोक संजर का नाम लेने में पीछे दिखाई नहीं दे रहे हैं। खबर तो यह भी है कि कुछ नये नेता इस विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी जताने दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं व आरएसएस के लोगों से सतत सम्पर्क बनाये हुए है। इस बार इस क्षेत्र से टिकट के लिए बड़ा घमासान होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। यूं तो यह क्षेत्र पिछले चार दशक से भाजपा का गढ़ माना जाता है इसे भाजपा का हर बड़ा नेता अपने लिए सुरक्षित सीट मानता है इसलिए अंतिम समय में कौन बाजी मार ले जायेगा यह कहना अभी मुश्किल है।

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