Home राज्य कार में 2 जिंदा जले: लॉक ने कर दी जिंदगी लॉक!

कार में 2 जिंदा जले: लॉक ने कर दी जिंदगी लॉक!

0 41 views
Rate this post

गुड़गांव

‘काफी तेजी से ब्रेक लगने की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद तुरंत हाइवे की तरफ भागा। वहां एक कैंटर ने स्विफ्ट कार को पीछे से हिट कर दिया था, जिससे गाड़ी में आग लग गई थी।’ यह आंखों देखी दर्दनाक दास्तां सुनाई अलवर (राजस्थान) निवासी विकास ने, जो कार में आग लगने से दो लोगों के जिंदा जल जाने के हादसे के वक्त हंस एनक्लेव स्थित एक ट्रांसपॉर्ट कंपनी में मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस व फायर ब्रिगेड को कॉल किया। इसके बाद अन्य लोगों के साथ मिलकर कार के शीशे को तोड़ना चाहा, लेकिन आग अचानक भड़क गई। इससे वे कार सवार दोनों युवकों को बचाने में सफल नहीं हो सके। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी।

कैसे हुआ हादसा
एक्सप्रेसवे पर गांव नाहरपुर के पास रविवार तड़के करीब 4 बजे तेज रफ्तार कैंटर ने ओला कैब में टक्कर मार दी। इस हादसे से कार में आग लग गई, कार अंदर से लॉक हो गई थी, जिससे उसमें सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। अनुमान है कि कार में सीएनजी किट लगी थी। गाड़ी में टक्कर लगने के बाद गैस लीक होने लगी, जिससे कार में आग लग गई। पुलिस का मानना है कि गैस रिसाव से दोनों युवक बेहोश हो गए, जिससे वे कार के दरवाजे या शीशे नहीं खोल पाए।

कार लॉक न होती तो बच जाते दोनों!
अगर कार अंदर से लॉक न होती तो शायद प्रत्यक्षदर्शी दोनों को बाहर निकालने में कामयाब हो जाते। शीशा तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आग और भड़कने से सफलता न मिल पाई।

सीएनजी लीक हुई और लग गई आग?
मौके पर पहुंची पुलिस को कार के आगे व पीछे लगी नंबर प्लेट से कार मालिक की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कार के चेसिस नंबर और तीन मोबाइल नंबर की सीडीआर के आधार पर जांच शुरू की गई। ड्राइवर के नंबर से डायल एक नंबर पर कॉल किया गया तो चालक मनप्रीत के भाई ने अजीत पाल सिंह बात की। बाद अजीत अपने पिता कमलजीत सिंह के साथ शव गृह पहुंचे। उन्होंने मनप्रीत के हाथ में पहने कड़े से पहचान की। उन्होंने बताया कि मनप्रीत अपनी स्विफ्ट कार ओला कैब के रूप में चलाता था। एक अनुमान है कि टक्कर लगने से सीएनजी किट लीक हुई, जिससे कार में आग लगी। एक अनुमान यह भी है कि गैस रिसाव से दोनों बेहोश हो गए होंगे, जिससे वह कार का दरवाजा खोल नहीं पाए।

पहचान करने में उलझी पुलिस
हादसे में दोनों युवकों की मौत के बाद पुलिस उनकी पहचान करने में काफी देर तक उलझी रही। ऐसे में कार के चेसिस नंबर के अलावा ओला कंपनी में कॉल करके वह नंबर लिया गया, जिससे कैब बुक करने वाले युवक ने कॉल किया था। इसके बाद पुलिस को कार चालक के भी 2 मोबाइल नंबर मिल गए। सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि कार के चेसिस नंबर और तीन मोबाइल नंबर की सीडीआर के आधार पर जांच शुरू की गई। ड्राइवर के नंबर से डायल एक फोन नंबर पर कॉल किया, जिसे अजीत पाल सिंह ने कॉल उठाया। अजीत अपने पिता कमल जीत सिंह के साथ शव गृह पहुंचे और हाथ में पहने कड़े से कार ड्राइवर की पहचान मनप्रीत के रूप में की। वहीं, सवारी की पहचान झारखंड निवासी राहुल के रूप में हुई। उसके परिजनों को मामले की सूचना दे दी गई है। टैंकर चालक को अरेस्ट कर लिया गया है।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....