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किम से मिल ट्रंप की इस घोषणा पर पेंटागन हैरान

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वॉशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जब मंगलवार को किम जोंग-उन संग समिट के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास बंद करने की घोषणा की तो इस फैसले ने न सिर्फ उनके सहयोगी देश दक्षिण कोरिया को हैरान किया बल्कि पेंटागन भी हक्का-बक्का रह गया।

सिंगापुर में ट्रंप की घोषणा के कुछ घंटे बाद, दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों ने कहा कि वे अभी भी सैन्य अभ्यास की तैयारियां कर रहे हैं और जब तक उन्हें इस संबंध में निर्देश नहीं मिलेंगे वह ऐसा करते रहेंगे। बता दें कि साल 2015 से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले सैन्य अभ्यास को Ulchi Freedom Guardian (UFG) कहा जाता है।

दक्षिण कोरिया में, अमेरिकी सेना की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेनिफर लॉवेट ने एक ईमेल के जरिए बताया, ‘यहां अमेरिकी कमांड को सैन्य अभ्यास रोकने से जुड़ा कोई निर्देश नहीं मिला है। जब तक हमें रक्षा मंत्रालय से कोई अपडेट नहीं मिलता तब तक हम इसी स्थिति को आगे बढ़ाएंगे।’

वॉशिंगटन में, पेंटागन, विदेश मंत्रालय और वाइट हाउस के अधिकारी अभी तक ट्रंप की घोषणा का असर पता करने में जुटे हुए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता क्रिस्टोफर लोगन ने एक ईमेल में कहा, ‘रक्षा मंत्रालय वाइट हाउस के साथ मिलकर अपने सहयोगियों के साथ आगे काम करता रहेगा। आगे की जानकारी मिलने पर हम इससे ज्यादा सूचना आपको मुहैया कराएंगे।’ट्रंप और किम की सफल बैठक की सराहना करते हुए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन ने कहा कि इससे अंतिम शीत युद्ध की समाप्ति होगी।

लेकिन सोल के साथ सैन्य अभ्यास बंद करने के ट्रंप के वादे से कई दक्षिण कोरियाई स्तब्ध हैं। सालाना सैन्य अभ्यास गठबंधन का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। उत्तर कोरिया के खिलाफ दक्षिण कोरिया को अपनी रक्षा के लिए तैयार करना और सोल को क्षेत्र की बड़ी शक्तियों से सुरक्षित रखना।

UFG दुनिया के सबसे बड़े सैन्य अभ्यासों में से एक है। बीते साल यह अभ्यास 11 दिनों तक चला था और इसमें करीब 17 हजार 500 अमेरिकी सैनिक और 50 हजार दक्षिण कोरियाई सैनिकों ने हिस्सा लिया था। इस अभ्यास के तहत उत्तर कोरिया के खिलाफ दक्षिण कोरिया की तैयारियों को जांचा-परखा जाता है

ट्रंप की घोषणा के बाद से दक्षिण कोरियाई राजधानी में इस बात का डर है कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार नष्ट करने से पहले ही वॉशिंगटन रियायत देने में बहुत जल्दबाजी कर रहा है। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने जल्दबाजी में एक बयान जारी कर बताया कि वह ट्रंप की मंशा जानने की कोशिश कर रहे हैं।

ओबामा प्रशासन में पेंटागन अधिकारी रहे ब्रायन मैककियॉन कहते हैं, ‘यह काफी बड़ी रियायत है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ट्रंप का आदेश सिर्फ UFG जैसे बड़े सैन्य अभ्यासों पर लागू होता है या उन्होंने कई छोटे-छोटे सैन्य अभ्यासों को लेकर यह घोषणा की है। यह निश्चित रूप से अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई दोनों ताकतों की तैयारी को प्रभावित करेगा।’

घोषणा से जापान भी परेशान
जापान के रक्षा मंत्री ने भी बुधवार को कहा है कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास पूर्व एशियाई देशों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ऑनोदेरा ने रिपोर्टर्स से कहा, ‘हम इस मुद्दे पर जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच समझ स्थापित करने की कोशिश करेंगे।’

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