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कैराना: BJP का सहानुभूति कार्ड, मृगांका प्रत्याशी

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लखनऊ

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तर प्रदेश की एक लोकसभा और एक विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। बीजेपी ने कैराना लोकसभा सीट से मृगांका सिंह को और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अवनी सिंह को मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि बीजेपी इन दोनों सीटों पर सहानुभूति कार्ड खेलकर वोट हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।

कैराना लोकसभा सीट बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां से पार्टी ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया है। वहीं नूरपुर विधानसभा सीट के विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद यह सीट खाली हुई थी, जहां से उनकी पत्नी अवनी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। उधर, कैराना में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की प्रत्याशी तबस्सुम हसन मैदान में हैं, जिन्हें समाजवादी पार्टी का भी समर्थन हासिल है। दोनों सीटों पर 28 मई को मतदान है, जबकि वोटों की गिनती 31 मई को होगी।

कैराना का गणित
2014 के लोकसभा चुनाव में कैराना सीट पर हुकुम सिंह को पांच लाख 65 हजार वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी एसपी के नाहिद हसन को 3 लाख 30 हजार वोट मिले थे। वर्ष 1996 में इस सीट से एसपी के टिकट पर सांसद चुने गए मुनव्‍वर हसन की पत्‍नी तबस्‍सुम बेगम वर्ष 2009 में इस सीट से सांसद बन चुकी हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इस परिवार में टूट हो गई थी। तब मुनव्‍वर के बेटे नाहिद हसन एसपी के टिकट पर और उनके चाचा कंवर हसन बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन दोनों को पराजय का सामना करना पड़ा था। हालांकि नाहिद दूसरे स्‍थान पर रहे थे।

जातीय समीकरण
कैराना लोकसभा क्षेत्र में लगभग 17 लाख मतदाता हैं। इनमें तीन लाख मुसलमान, लगभग चार लाख पिछड़े और करीब डेढ़ लाख वोट जाटव दलितों के हैं, जो बीएसपी का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। यहां यादव मतदाताओं की संख्‍या कम है ऐसे में यहां दलित और मुस्लिम मतदाता खासे महत्‍वपूर्ण हो जाते हैं। इस क्षेत्र में हसन परिवार का खासा राजनीतिक दबदबा माना जाता रहा है।

नूरपुर में क्या है स्थिति
बिजनौर की नूरपुर सीट से समाजवादी पार्टी ने नईमुल हसन को प्रत्याशी बनाया है। नूरपुर विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में विजयी हुए बीजेपी के लोकेंद्र सिंह को 79 हजार वोट प्राप्त हुए थे। वहीं एसपी के नईमुल हसन को 66 हजार 436 वोट मिले थे।

बीजेपी की कड़ी परीक्षा
गोरखपुर और फूलपुर जैसी प्रतिष्‍ठापूर्ण सीटों पर पिछले महीने हुए उपचुनाव में एसपी के हाथों मिली पराजय के बाद हुए राज्‍यसभा चुनाव में एसपी और बीएसपी की रणनीति को ध्‍वस्‍त करके बीजेपी फिलहाल उत्‍साहित है, लेकिन मुस्लिम और दलित बहुल कैराना सीट पर एसपी और बीएसपी मिलकर उसके सामने फिर कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।

बीजेपी ने इसके साथ ही 3 अन्य राज्यों की विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी कैंडिडेट्स घोषित कर दिया। पार्टी ने झारखंड की गोमिया सीट से माधवलाल सिंह को, उत्तराखंड की थराली सीट से मुन्नी देवी को तथा पश्चिम बंगाल की महेश्थला सीट से सुजीत घोष को मैदान में उतारा है।

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