Home खेल कोलकाता टेस्ट : जीत के करीब पहुंचकर भी दूर रह गया भारत

कोलकाता टेस्ट : जीत के करीब पहुंचकर भी दूर रह गया भारत

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कोलकाता

विराट कोहली के शतक के बाद भारत ने भुवनेश्वर कुमार की अगुआई में तेज गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत जीत की उम्मीद जगाई लेकिन पांचवें और अंतिम दिन भी खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी समाप्त होने के कारण श्री लंका सोमवार को यहां ईडन गार्डन्स पर पहला क्रिकेट टेस्ट क्रिकेट मैच ड्रा कराने में सफल रहा। मैच में किसी भी दिन 90 ओवर का खेल नहीं हो पाया और आज भी सिर्फ 75.4 ओवर फेंके जा सके।

कोहली (नाबाद 104) ने अपना 18वां टेस्ट और 50वां अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने के बाद आठ विकेट पर 352 रन के स्कोर पर भारत की दूसरी पारी घोषित करके श्री लंका को 231 रन का लक्ष्य दिया। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाजों शिखर धवन (94) और लोकेश राहुल (79) ने भी अर्धशतक जडे। इसके जवाब में श्री लंका ने भुवनेश्वर (आठ रन पर चार विकेट), मोहम्मद शमी (34 रन पर दो विकेट) और उमेश यादव (25 रन पर एक विकेट) की तूफानी गेंदबाजी के सामने जब दूसरी पारी में 26 . 3 ओवर में सात विकेट पर 75 रन बनाए थे तब अंपायरों ने खराब रोशनी के कारण खेल समाप्त करने का फैसला किया।

भारत ने पहली पारी में 172 रन बनाए थे जिसके जवाब में श्री लंका ने 294 रन का स्कोर खड़ा किया था। भारत की तरफ से मैच में सभी 17 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए। यह पहला अवसर है जबकि घरेलू सरजमीं पर उसका कोई भारतीय स्पिनर विकेट नहीं ले पाया। दूसरा टेस्ट 24 नवंबर से नागपुर में खेला जाएगा। लक्ष्य का पीछा करने उतरे श्री लंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही।

सदीरा समरविक्रमा (00) भुवनेश्वर के पहले ओवर की अंतिम गेंद को विकेटों पर खेल गए और इस तेज गेंदबाज का 50वां टेस्ट शिकार बने। सलामी बल्लेबाज दिमुथ करुणारत्ने (01) ने भी समरविक्रमा की गलती दोहरायी और शमी की गेंद विकेटों में खेली। लंच तक टीम का स्कोर दो विकेट पर आठ रन था। लंच के बाद भुवनेश्वर ने लाहिरु तिरिमाने (07) को गली में अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कैच कराया जबकि उमेश ने एंजेलो मैथ्यूज (12) को पगबाधा करके श्री लंका को चौथा झटका दिया। मैदानी अंपायर ने मैथ्यूज को आउट नहीं दिया था लेकिन डीआरएस का सहारा लेने पर तीसरे अंपायर ने फैसला बदल दिया।

निरोशन डिकवेला (27) और कप्तान दिनेश चांदीमल (20) पांचवें विकेट के लिए 47 रन जोडकर श्री लंका को सुरक्षित स्थिति के करीब ले गए लेकिन शमी ने मेहमान टीम के कप्तान को बोल्ड करके एक बार फिर भारत की उम्मीद जगाई। भुवनेश्वर ने इसके बाद डिकवेला को पगबाधा करके श्री लंका का स्कोर छह विकेट पर 69 रन किया। अगली गेंद पर अंपायर ने दिलरुवान को भी पगबाधा दिया लेकिन डीआरएस पर एक बार फिर तीसरे अंपायर ने फैसला पलट दिया क्योंकि गेंद विकेट पर नहीं लग रही थी। भुवनेश्वर ने हालांकि अगले ओवर में इस बल्लेबाज को बोल्ड कर दिया।

शमी के अगले ओवर में खराब रोशनी के कारण अंपायरों ने दिन का खेल समाप्त कर दिया। इससे पहले सुबह भारत ने सुरंगा लकमल (93 रन पर तीन विकेट) और दासुन शनाका (76 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। कोहली ने एक छोर संभाले रखा और ईडन पर अपना पहला शतक जडा। उन्होंने 119 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके और दो छक्के मारे। कोहली ने इस शतक के साथ भारतीय कप्तान के रुप में सुनील गावसकर के सर्वाधिक 11 शतक के रेकॉर्ड की बराबरी भी की। इससे पहले ईडन पर कोहली का सर्वाधिक स्कोर 45 रन था।

भारत ने दिन की शुरुआत एक विकेट पर 171 रन से की। टीम ने 21 रन जोड़ने के बाद सलामी बल्लेबाज राहुल का विकेट गंवाया जो अपने चौथे के स्कोर में सिर्फ छह रन जोड़ने के बाद लकमल की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 125 गेंद का सामना करते हुए आठ चौके जड़े। राहुल ने इस साल नौ अर्धशतक जमाए लेकिन एक को भी शतक में नहीं बदल सके।

लकमल ने इसके बाद चेतेश्वर पुजारा (22) और अजिंक्य रहाणे (00) को पांच गेंद के भीतर पविलियन भेजा। पुजारा पांच दिनी टेस्ट के पांचों दिन बल्लेबाजी करने वाले तीसरे भारतीय और कुल नौवें बल्लेबाज बने। पुजारा ने इस सूची के एमएल जयसिम्हा और मौजूदा कोच रवि शास्त्री के साथ जगह बनाई। तीनों ने ईडन गार्डन पर ही यह कारनामा किया।

पहले और दूसरे दिन बारिश ने खेल बाधित किया था श्री लंका के आफ स्पिनर दिलरवान ने रविंद्र जडेजा (09) को लंच से पहले आउट कर दिया। लंच तक भारत का स्कोर पांच विकेट पर 251 रन था। कोहली ने हालांकि दूसरे छोर पर संयम नहीं खोया। लकमल ने कोहली का स्वागत शॉर्टपिच गेंदों से किया।

शुरुआत में कोहली को परेशानी हुई लेकिन जल्दी ही वह सहज हो गए। पुजारा ने 51 गेंद में तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए। वह परेरा की उछाल लेती गेंद पर पॉइंट में कैच देकर लौटे। वहीं रहाणे पगबाधा आउट हुए। चाय के बाद कोहली ने लाहिरु गमागे के ओवर में दो चौकों के साथ 80 गेंद में ईडन पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। शनाका ने भारत के निचले मध्यक्रम को परेशान किया। उन्होंने सबसे पहले रविचंद्रन अश्विन (07) को अंदर की ओर मूव होती गेंद पर बोल्ड किया। ऋद्धिमान साहा भी सिर्फ पांच रन बनाने के बाद शनाका की गेंद पर समरविक्रम को कैच दे बैठे।

श्री लंका के दूसरी नई गेंद लेने के बाद कोहली ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की। उन्होंने लकमल पर दो चौके जड़े। इसी ओवर में 72 रन के स्कोर पर मैदानी अंपायर ने उन्हें पगबाधा आउट दिया। डीआरएस लेने पर तीसरे अंपायर ने हालांकि इस फैसले को पलट दिया क्योंकि गेंद कोहली के बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। कोहली ने शनाका पर भी दो चौके जड़े लेकिन गमागे ने भुवनेश्वर कुमार (08) को गली में दिलरवान के हाथों कैच करा दिया। भारतीय कप्तान ने लकमल पर छक्के के साथ 90 रन के स्कोर को पार किया और फिर इसी तेज गेंदबाज पर छक्का जड़कर 119 गेंद में शतक जड़ते ही पारी घोषित कर दी। मोहम्मद शमी 11 गेंद में 12 रन बनाकर नाबाद रहे। कोहली ने अपनी 348वीं पारी में 50वां अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ते हुए सबसे कम पारियों में 50 अंतरराष्ट्रीय शतक के साउथ अफ्रीका के हाशिम अमला के रेकॉर्ड की बराबरी भी की।

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