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गले लगा बेटे को किया विदा, 6 घंटे बाद मिली शहादत की खबर

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जयपुर/अलवर/सीकर

अपने बेटे को स्टेशन पर गले लगा विदा कर लौट रहे समुंद्र सिंह को नहीं पता था कि वह उनकी आखिरी मुलाकात थी। जम्मू से जयपुर लौट रहे सिंह अभी रास्ते में ही थे कि बस 6 घंटे बाद उन्हें बेटे की शहादत की खबर मिली। उनके 34 साल के बेटे जीतेंद्र सिंह और समेत पांच जवान बुधवार को पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन में शहीद हो गए थे। समुंद्र का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलाबारी में बीएसएफ के एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत पांच जवान शहीद हो गए, तीन अन्य घायल हैं। बीएसएफ ने कहा कि 29 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी थी, फिर भी पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के यह हरकत की।

आखिरी बार लगाया गले
असिस्टेंट कमांडेंट जीतेंद्र के पिता समुंद्र सिंह तो अपने आंसू रोके थे लेकिन उनकी पत्नी बार-बार बेहोश हो रही थीं। उनके घर पर जाने-अंजाने लोगों का तांता लगा था जो जीतेंद्र की शहादत को सलाम करने पहुंच रहे थे। कई उन्हें जानते भी नहीं थे लेकिन स्थानीय चैनलों और वॉट्सऐप के जरिये पहुंच रहे थे।

जीतेंद्र अपने पीछे मां-बाप के अलावा पत्नी और तीन साल के बेटे को छोड़ गए हैं। वह 2011 में बीएसएफ में शामिल हुए थे। समुंद्र बताते हैं, ‘कुछ दिन पहले मेरे बेटे ने फोन किया था तो मैंने उससे डेप्युटी कमांडेंट पद पर प्रमोट होकर कहीं और ट्रांसफर होने से पहले एक बार जम्मू आने के लिए कहा।’ उन्हें नहीं पता था कि उनका बेटा इसके बाद नहीं लौटेगा।

नवजात बेटे से मिलने आना था, आई खबर
उधर, अलवर में भी एक घर का चिराग पाकिस्तान फौज की गोलीबारी में बुझ गया। हाल ही में पिता बने कॉन्स्टेबल हंसराज गुज्जर ने अपनी पत्नी से वादा किया था कि वह अपने नवजात बेटे से बुधवार को मिलेंगे लेकिन वह वादा अधूरा रह गया। बुधवार को वह नहीं, उनकी शहादत की खबर बेटे के जन्म के जश्न में डूबे घर पहुंची और सबके पैरों के नीचे से जमीन निकाल दी।

उनके एक रिश्तेदार ने बताया, ’15 जून को हम उनके बेटे के लिए जश्न का आयोजन करने वाले थे। हम बुधवार को उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे। अब हम उनके ताबूत का इंतजार कर रहे हैं।’ हंसराज के बाद उनकी पत्नी मंजू और दो बच्चे अकेले रह गए हैं।

सीकर के शहीद की वर्दी से प्रेरित बेटा भी
सीकर के दाबला गांव के निवाली बीएसएफ में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राम निवास यादव भी आखिरी बार दो महीने पहले घर छुट्टी पर आए थे। बुधवार को शहीद हुए यादव का बेटा अपने पिता की वर्दी देख कुछ साल पहले नैशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स में शामिल हुआ था। उनके भाई ने बताया कि परिवार में अभी किसी को यादव की शहादत के बारे में बताया नहीं गया है। कुछ साल पहले ही एक भाई को वह खो चुके थे। अब इस घटना ने उन्हें तोड़ दिया है।

सीजफायर उल्लंघन से बाज नहीं आ रहा पाक
बीएसएफ की वेस्टर्न कमान के एडीजी केएन चौबे ने बताया कि सांबा जिले में जवानों की टीम रक्षा सामग्री लेकर जा रही थी, तभी पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई, मोर्टार दागे गए। जवानों को बचाने के लिए असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में दूसरी टीम भेजी गई, तो उसके ऊपर भी पाकिस्तान की अशरफ पोस्ट से दागा गया मोर्टार का गोला आकर गिरा।

इसी के चलते असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह, एसआई रजनीश, एएसआई रामनिवास और कॉन्स्टेबल हंसराज की शहादत हुई। एडीजी से पूछा गया कि क्या यह हरकत पाकिस्तान की कुख्यात बॉर्डर ऐक्शन टीम (बीएटी) की है, इस पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है। पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का ऐसा उल्लंघन दुर्भाग्यपूर्ण है।

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