Home फीचर गोरखपुर ट्रेजडी बहुत संवेदनशील, मीडिया तथ्यों को सही ढंग से रखें: योगी

गोरखपुर ट्रेजडी बहुत संवेदनशील, मीडिया तथ्यों को सही ढंग से रखें: योगी

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लखनऊ

गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (BRD) में अब तक 63 मौतें हुई हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम को इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मैं खुद दो बार बीआरडी कॉलेज गया था।इस पर नरेंद्र मोदी भी चिंतित हैं। बता दें कि हेल्थ मिनिस्टर ने खुद माना कि 7 अगस्त से मेडिकल कॉलेज में 7 अगस्त से 60 बच्चों समेत 63 मौत हुई। हालांकि सरकार का कहना है कि मौतें ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से नहीं हुई हैं।

शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी ने कहा- “9 जुलाई और 9 अगस्त को बीआरडी का दौरा किया। बैठक की है। इन्सेफिलाइटिस और दूसरी बीमारियों से जुड़ा क्या एक्शन प्लान होना चाहिए, इस पर चर्चा की थी। मीडिया में जो रिपोर्ट्स आई हैं, पीएम उससे दुखी हैं। उन्होंने कहा कि यूपी को हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने में जो मदद चाहिए, उसके लिए केंद्र मदद करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल जी यहां आई हैं। केंद्र और राज्य के अफसर वहां पर मौजूद हैं।”

“मैं आपसे कहना चाहता हूं कि तथ्यों को सही तरह से रखा जाए। आज अलग-अलग पेपर्स में अलग आंकड़े पब्लिश हुए हैं। 7 अगस्त को 9 मौतें हुई हैं। 8 अगस्त को 12 मौतें हुई हैं। 9 अगस्त को 9 मौतें हुई हैं। 10 अगस्त को 23 मौतें और 11 अगस्त को 12 बजे तक 11 मौतें हुई हैं।

ये मौतें और उनके कारण
योगी ने बताया- “ऑक्सीजन सप्लाई अगर रुकी है तो सप्लायर की भूमिका पर सवाल है? चीफ कमेटी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देगी। पिछली सरकार में 2014 में ये टेंडर सप्लायर को दिया गया है। उसकी भूमिका के बारे में भी जांच होगी।”

“सरकार बनने के साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी सेवाओं,डेवलपमेंट प्रोग्राम्स में बाधा ना आए। कोई भी फाइल 3 दिन से ज्यादा किसी भी टेबल पर ना रुके। मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में दवा और जरूरी सेवाओं के लिए पैसे की कमी ना हो। ये सुनिश्चित किया जाए।”

ऑक्सीजन की कमी से मौत का मतलब एक जघन्य कृत्य
योगी ने बताया-“किसी संवेदनशील मुद्दे को हम उठा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से मौत का मतलब एक जघन्य कृत्य है। हमें लगता है कि मेडिकल एजुकेशन के डीजी अभी गोरखपुर में हैं। कार्रवाई की गई है और दोषी सामने आने पर उन्हें बख्शने का सवाल ही नहीं है।”

“पूर्वी उत्तर प्रदेश के 34 ऐसे जिले हैं, जिनमें इस मौसम में इन्सेफिलाइटिस पनपता है। हमने मीटिंग में इन बीमारियों की रोकथाम और उपचार पर व्यवस्था की बात कही थी। हर जिले में हमने बेड, ICU बनाए थे। ये आज हर जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू और इन्सेफिलाइटिस के उपचार की व्यवस्था की गई।”

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