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जय शाह मामला : दोस्ती छोड राजधर्म का पालन करें मोदी- कांग्रेस

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अहमदाबाद

कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के कारोबार के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के दो वर्तमान जजों वाले जांच आयोग से कराने की मांग की। पार्टी ने प्रधानमंत्री से इस प्रकरण में श्री शाह के साथ अपनी दोस्ती से अधिक राजधर्म पालन करने पर जोर देते हुए जांच होने तक श्री शाह का इस्तीफा भी ले लेने की मांग दोहरायी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तथा वरिष्ठ नेता राजबब्बर के साथ आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह मांग की।

उन्होंने कहा कि अब तो आरएसएस भी इस मामले की जांच की मांग कर रहा है। मोदी जी को दोस्ती निभाने की जगह राजधर्म का पालन करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के दो जजो के आयोग से जांच करानी चाहिए और पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर श्री आडवाणी, श्री गडकरी समेत भाजपा के नेताओं के इस्तीफे देने के मद्देनजर श्री शाह का इस्तीफा भी ले लेना चाहिए। श्री मोदी जनता और कांग्रेस की बात तो नहीं सुनते पर आरएसएस जिसकी वह कठपुतली है, उसकी ओर से इस प्रकरण की जांच की मांग को ध्यान में रख कर भी इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने इस मामले में भाजपा तथा श्री शाह से दस सवाल पूछते हुए कहा कि जय शाह की कंपनी को अहमदाबाद की कालुपुर शहरी सहकारी बैंक की ओर से मात्र सात करोड की संपत्ति गिरवी रख कर 25 करोड का रिण दिया जाना तथा एक अन्य वित्त कंपनी की ओर से सेबी की चेतावनी की अनदेखी कर 15 करोड से अधिक का रिण दिया जाना क्या रिजर्व बैंक के नियमों के अनुरूप है। उन्होंने कानून मंत्रालय की ओर से इस प्रकरण में केंद्र के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल को जय शाह जैसे निजी व्यक्ति का वकील बनने की इजाजत देने तथा कंपनी को विदेश से हुई आय पर भी सवाल खडा किया। उन्होंने कंपनी से जुडे अन्य भी कई प्रक्रियागत मुद्दे उठाये।

श्री सुरजेवाला ने कहा कि शेयर और सामग्री के निर्यात से जुडी इस कंपनी को अनुभवहीनता के बावजूद तत्कालीन ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के समय में इरडा ने भाजपा शासित मध्यप्रदेश के रतलाम में पवन ऊर्जा संयंत्र के लिए 10 करोड से अधिक का रिण कैसे दे दिया। और बाद में श्री गोयल जय शाह का बचाव करते क्यों नजर आये। श्री मोदी को इस मामले में अपनी चुप्पी तोडनी चाहिए।
श्री चव्हाण ने कहा कि विदेशों से आय वाली दो लाख फर्जी अथवा शेल कंपनियों की जांच कराने का दावा करने वाली मोदी सरकार को यह भी देखना चाहिए कि जय शाह की कंपनी भी शेल कंपनी ही तो नहीं है। जय की कंपनी को फायदा केंद्र में मोदी सरकार बनने पर ही हुआ। इसका कारोबार इसके थोडे ही समय के बाद 50 हजार करोड से बढ कर 80 करोड से अधिक कैसे हो गया।

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