Home फीचर जांच पर सवाल: सस्पेंस कायम, आरुषि को किसने मारा?

जांच पर सवाल: सस्पेंस कायम, आरुषि को किसने मारा?

0 56 views
Rate this post

नई दिल्ली

देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री 9 साल बाद जहां से चली थी वहीं पहुंच गई। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरुषि और हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपती को बरी कर दिया और इस तरह देखा जाए तो यह मर्डर मिस्ट्री फिर उलझ गई। हाई कोर्ट ने तलवार दंपती को बरी कर दिया, ऐसे में जाहिर है कि कातिल कोई और है। 9 साल पहले 15 व 16 मई 2008 की रात को जब आरुषि की हत्या हुई थी तब सवाल यह उठा था कि हत्यारा कौन है? मामले की जांच शुरू हुई और जांच एजेंसी की बदलती थिअरी और उस पर उठते सवालों के बीच यह केस आगे बढ़ता रहा। शुरू से लेकर आखिर तक यह केस मिस्ट्री बनी रही और अब भी यह सवाल कायम है कि आखिर कातिल कौन है?

वारदात के बाद सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री
2008 के 15 व 16 मई की रात नोएडा के जलवायु विहार में डॉक्टर राजेश तलवार और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि की हत्या की जाती है। गला काटकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। अगले दिन तलवार के नौकर हेमराज का शव उनके छत से बरामद हुआ। इसके बाद यह मामला बेहद पेंचीदा होता गया। आरुषि और हेमराज का मोबाइल गायब था। हत्या का मकसद क्या था। हथियार जिससे वारदात को अंजाम दिया गया वह गायब था और देखते-देखते यह मर्डर मिस्ट्री तब देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बन गई। एक ही सवाल चारो ओर था कि कातिल कौन है?

यूपी पुलिस की जांच पर उठे सवाल
आरुषि की हत्या के बाद चूंकि घर से हेमराज गायब था इसलिए तत्काल उसी पर शक की सूई घूमी, लेकिन बाद में जब उसका शव तलवार के घर की छत से बरामद हुआ तो मामला फिर से उलझ गया। फिर पुलिस के लिए यह केस आसान नहीं रहा। यूपी सरकार ने पुलिस को टास्क फोर्स की मदद दी। इसके बाद तत्कालीन डीजीपी बृजलाल ने इस हत्याकांड को सुलझाने का दावा किया और राजेश तलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की थिअरी थी कि डॉक्टर तलवार और उनकी एक फैमिली फ्रेंड में संबंध थे और इसकी जानकारी आरुषि को थी। इस दौरान वह नौकर हेमराज से प्रगाढ़ संबंध में आ गई और यह बात तलवार को रास नहीं आई। उसने पहले हेमराज की हत्या की और फिर आरुषि की। लेकिन इस थिअरी पर तमाम सवाल उठे। इसके बाद तत्कालीन बीएसपी की सरकार ने मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दिया।

सीबीआई ने नौकरों को आरोपी बनाया और कहा था कि तलवार का रोल नहीं
सीबीआई ने मामले की छानबीन के दौरान घरेलू नौकरों पर शक जाहिर की। सीबीआई ने कहा कि वारदात को खुखरी जैसे हथियार से अंजाम दिया गया है और फिर तलवार के नौकर कृष्णा से पूछताछ हुई और एक महीने बाद 13 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिर सीबीआई ने एक के बाद एक बाकी नौकरी को भी गिरफ्तार किया। इसमें तलवार की दोस्त के नौकर राजकुमार और पड़ोसी के नौकर विजय मंडल को भी गिरफ्तार किया गया। इन तीनों नौकरों का साइंटिफिक टेस्ट हुआ यानी ब्रेन मैपिंग टेस्ट, लाइ डिटेक्टर टेस्ट और नार्को टेस्ट कराया गया। वारदात के 56वें दिन सीबीआई ने पहली बार दावा किया कि हत्याकांड में नौकरों का हाथ है और तलवार का रोल नहीं है। लेकिन साइंटिफिक सबूत के आधार पर सीबीआई ने तमाम हाथ पैर मारे, लेकिन नौकरी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले। चूंकि, केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है ऐसे में हत्या का मकसद, लास्ट सीन एविडेंस और हथियार की बरामदगी अहम थी, लेकिन इनमें सीबीआई को खास सफालता नहीं मिली और नौकरों को जमानत मिल गई।

सीबीआई ने दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट
छानबीन के बाद सीबीआई ने तलवार दंपती पर संदेह जताया, लेकिन कहा कि चूंकि केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है ऐसे में साक्ष्यों की कड़ियां तलवार दंपती के खिलाफ नहीं जुटती हैं और फिर सीबीआई ने मामले में स्पेशल कोर्ट के सामने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी और कहा कि मामले को बंद कर दिया जाए। लेकिन स्पेशल कोर्ट ने पेश तथ्यों के आधार पर कहा कि जो साक्ष्य हैं, वह पुख्ता हैं और मामले में तलवार दंपती को बतौर आरोपी समन जारी कर दिया। हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने शक की सूई तलवार दंपती की तरफ घुमाया था, पर पुख्ता सबूत नहीं होने की बात कही थी। वैसे सीबीआई की थिअरी खुद ही बदलती रही। यूपी पुलिस ने तलवार को आरोपी बनाया था, लेकिन सीबीआई ने उसे नकार दिया था और नौकरों को आरोपी बनाया। इसके बावजूद जब पुख्ता सबूत नहीं मिले तो तलवार दंपती पर शक जाहिर किया था।

हाई कोर्ट से बरी होने के बाद सवाल फिर कायम
निचली अदालत ने तलवार दंपती को आरुषि और हेमराज की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई। तलवार दंपती ने हाई कोर्ट में चुनौती दी और हाई कोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि परिस्थितियों और रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्यों के मुताबिक तलवार दंपती को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह बात साफ हो गई है कि आरुषि की हत्या में तलवार दंपती का हाथ नहीं था। ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर कातिल कौन है?

दोस्तों के साथ शेयर करे.....