Home कारपोरेट जीएसटी रिजीम: 77 पैसे का ‘हेरफेर’ भी नहीं छिपा, भेजा नोटिस

जीएसटी रिजीम: 77 पैसे का ‘हेरफेर’ भी नहीं छिपा, भेजा नोटिस

0 77 views
Rate this post

नई दिल्ली

गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करते समय दावा किया गया था कि जीएसटी रिजीम में टैक्स की हेराफेरी बिल्कुल नहीं चलेगी। लगता है कि अब वे दावे सही साबित होने लगे हैं। ऐसे ही एक मामले में जीएसटी व्यवस्था के तहत टैक्स विभाग ने महज 77 पैसे के अंतर को भी पकड़ लिया है।

अहमदाबाद स्थित एक इंजिनियरिंग कंपनी को स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिला है। यह नोटिस कंपनी के टैक्स पेमेंट में 0.77999999999883585 रुपये का अंतर मिलने पर भेजा गया है। यानी महज 77 पैसे का अंतर भी पकड़ में गया। नोटिस में लिखा गया है कि कृपया अक्टूबर-17 से दिसंबर-17 के बीच GSTR-1 और GSTR-3B के टैक्स अमाउंट के अंतर को स्पष्ट करें।

नोटिस में आगे लिखा गया है कि यह राशि 0.77999999999883585 रुपये है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी भुगतान में करीब 34 फीसदी गिरावट के बाद टैक्स अधिकारियों ने उन कंपनियों को नोटिस भेजना शुरू किया है जिनका टैक्स पेमेंट उनके फाइनल सेल्स रिटर्स से मेल नहीं खा रहा। इसके अलावा जिन कंपनियों के फाइनल सेल्स रिटर्न GSTR-1 GSTR-2A से मेल नहीं खा रहा उन्हें भी स्क्रूटनी नोटिस मिली हैं।

GSTR-2A सेलर्स के रिटर्न के बाद सिस्टम से ऑटो जेनरेट होने वाले पर्चेस रिटर्न को कहते हैं। रेवेन्यू डिपार्मेंट के तरफ से मार्च में किए गए एक आकलन के मुताबिक 34 फीसदी कारोबारों ने जुलाई-दिसंबर के बीच शुरुआती रिटर्न समरी (GSTR-3B) फाइल करने के दौरान 34,400 करोड़ रुपये कम टैक्स अदा किया।

इन 34 फीसदी कारोबारों से GSTR-3B के रूप सरकारी खजाने में 8.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया। जबकि उनके GSTR-1 के डेटा के अनैलेसिस के मुताबिक सरकारी खजाने में 8.5 लाख करोड़ रुपये आने चाहिए थे। एक्सपर्ट के मुताबिक जीएसटी रिजीम में डेटा ऐनालिटिक्स ने इस गड़बड़ी को पकड़ा और कारोबारियों को GSTR-1 और GSTR-3B व GSTR-2A और GSTR-3B के बीच के फर्क को लेकर नोटिस मिलना शुरू हुआ है।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....