Home अंतरराष्ट्रीय ट्रंप के फैसले पर ‘उनके अपने’ ही हुए उनसे खफा

ट्रंप के फैसले पर ‘उनके अपने’ ही हुए उनसे खफा

Rate this post

वॉशिंगटन

अमेरिकी प्रेजिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से अलग होने को अमेरिका के ही मित्र देशों फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने अफसोसनाक बताया है। इस फैसले से पूरा यूरोपीय यूनियन भी खफा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। वहीं सऊदी अरब और इजरायल ने इस फैसले की जम कर तारीफ की है

मंगलवार को ट्रंप के जेसीपीओए (जॉइंट कॉम्प्रिहेन्सिव प्लान ऑफ ऐक्शन) से अलग होने के इस फैसले को उनके राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे बड़ा ‘फॉरन पॉलिसी मूव’ माना जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से अमेरिका के अलग होने के बाद मध्य-पूर्व में हथियारों की होड़ तेज होने का खतरा बढ़ सकता है। मालूम हो कि ईरान और छह अन्य वैश्विक शक्तियों के बीच हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने को राजी हुआ था और बदले में ईरान पर लंबे समय से लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले पर ईरान से काफी तीखी प्रतिक्रिया आई है। राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कहा, ‘मैंने ईरान परमाणु ऊर्जा संगठन को भविष्य के कार्यों के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं। यदि जरूरी हो तो ईरान अगले सप्ताह से ही पहले से कहीं ज्यादा मात्रा में यूरेनियम संवर्धन करेगा। मैं ट्रंप के फैसले पर यूरोप, रूस और चीन से बात करूंगा।’ अमेरिका का साथ देने वाले फ्रांस ने इसे परमाणु अप्रसार शासन को दांव पर लगाना बताया है। इसके साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, ‘हम इस फैसले पर खेद जताते हैं। इस फैसले से परमाणु अप्रसार शासन दांव पर लग गया है।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘हम हम यानी फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन साथ मिलकर व्यापक रूपरेखा पर काम करेंगे। परमाणु गतिविधियों पर नजर रखेंगे, 2025 के बाद की अवधि, मध्य-पूर्व में बलिस्टिक गतिविधि और सीरिया, यमन और इराक में स्थिरता के लिए काम करेंगे।’

मैक्रों के सुर में सुर मिलाते हुए यूरोपियन यूनियन के डिप्लोमेटिक चीफ फेडरिका मोगेरिनी ने कहा, ‘अपनी प्रतिबद्धताओं के प्रति हमें अब सच्चा बनकर रहना होगा। हम हर हाल में इस परमाणु समझौते को संरक्षित करेंगे।’ यूएन के सेक्रटरी जनरल एंटोनियो गुटर्स ने कहा, ‘मैं जेसीपीओए में शामिल दूसरे देशों को इस समझौते का समर्थन करते रहने और अन्य सभी सदस्य-राज्यों के तहत अपनी संबंधित प्रतिबद्धताओं से पूरी तरह से पालन करने की मांग करता हूं।’

यही नहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी ट्रंप के ऐलान को गुमराह करने वाला बताया है। उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल साफ है। जेसीपीओए काम कर रहा है। यही कारण है कि आज का ऐलान काफी गुमराह करने वाला था। मेरा मानना है कि इस समझौते को बिना किसी ईरानी उल्लंघन के जोखिम में डालने का फैसला एक गंभीर गलती होगा।’

सऊदी अरब और इजरायल ने ईरान पर अपने जाहिर रुख के अनुरूप ही ट्रंप के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा, ‘हमारा देश तेहरान में आतंकवादी शासन के साथ विनाशकारी परमाणु समझौते को अस्वीकार करने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करता है।’ सऊदी के विदेश मंत्रालय ने दो कदम आगे बढ़ बयान दिया, ‘हम परमाणु समझौते को वापस लेने की दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा उठाए गए कदमों और ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाने का समर्थन और स्वागत करते हैं।’

दोस्तों के साथ शेयर करे.....