Home अंतरराष्ट्रीय डांस बार और मोबाइल से बदल रहा है भूटान

डांस बार और मोबाइल से बदल रहा है भूटान

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थिम्पू

कई दशकों तक भूटान में टीवी या ट्रैफिक लाइट्स नहीं थी। यहां का कल्चर ऐसा, जो सदियों से नहीं बदला था पर आज यहां बदलाव दिखने लगा है। खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसी देश की राजधानी थिम्पू में बार खुल गए हैं। इंटरनेट कैफे में किशोरों की भीड़ जबरदस्त तरीके से विडियो गेम्स खेलती है। उधर, पुरुषों में धूम्रपान का चलन बढ़ रहा है और लोग जुआ भी खेल रहे हैं।

हालांकि आज भी यहां कोई ट्रैफिक लाइट्स नहीं है। एक जगह लगी तो लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। बदलते भारत और चीन के बीच बसा यह बौद्ध देश भले ही कभी अलग-थलग रहा हो पर आज यहां बदलाव की बयार दिखने लगी है। हालांकि इसके साथ ही आधुनिक दुनिया की समस्याएं भी पैदा होने लगी हैं। एक डांस क्लब के भीतर गेस्ट्स 38 साल की महिला को अपने गाने पर डांस की फरमाइश कर रहे हैं। सामान्य तौर पर पारंपरिक लोक संगीत की पेशकश होती है लेकिन कभी-कभी बॉलिवुड गीत की फरमाइश भी हो जाती है।

तलाकशुदा ल्हादेन दो बच्चों की मां हैं और वह आधी रात तक डांस करती हैं। वह कहती हैं, ‘मैं इससे खुश नहीं हूं लेकिन मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।’ गौरतलब है कि भूटान में राष्ट्रीय संपत्ति का पैमाना ग्रॉस नैशनल हैपीनेस इंडेक्स है। इसका मकसद संतुष्ट और पूर्ण समाज का निर्माण करना है लेकिन, ल्हादेन को पैसों की फिक्र है। वह एक महीने में 125 डॉलर कमाती हैं।
फाइल फोटो

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं एक बेहद ही छोटे फ्लैट में रहती हूं जिससे खाने और कपड़े का खर्च भी उठा सकूं।’ यहां बदलाव हर तरफ दिखता है। बर्फ से ढके, पहाड़ों के बीच, जंगलों, नदियों और शुद्ध आबोहवा वाले भूटान में भी आधुनिक दुनिया में शामिल होने की बेचैनी दिखती है।

कांसे और सोने की विशाल बुद्ध प्रतिमा थिम्पू वैली के एंट्री पॉइंट पर स्थापित है। यहां पास में ही आधुनिक टेलिकॉम टावर्स खड़े हो गए हैं। गलियों में अब जींस पहने लोग भी पारंपरिक परिधान पहने लोगों की तरह खूब दिखते हैं। गौरतलब है कि भूटान की 2.2 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है, लेकिन मोबाइल फोन्स और टीवी सेट्स हर जगह मौजूद हैं।

थिम्पू से 7 घंटे की दूरी पर स्थित Phobjikha valley में भी टीवी सेट्स मिल जाएंगे। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। 43 साल के किसान एप दॉ ने कहा कि छात्र पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, मोबाइल फोनों पर ज्यादा समय बिता रहे हैं। यहां फुटबॉल भी खूब खेला और पसंद किया जा रहा है।

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