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डोकलाम के पास फिर चीनी सेना की हरकत, खुफिया रिपोर्ट के बाद अलर्ट!

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नई दिल्ली

चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन ऑफ आर्मी (PLA) ने डोकलाम के पास के इलाके में फिर से अपनी हलचल शुरू कर दी है. भारतीय सेना ने यह खुफिया रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी है.सेना की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डोकलाम के पास के सीमावर्ती इलाके में चीनी सेना की ओर से नई तरह की हलचल देखने को मिल रही है. सेना की खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों की सीमा (LAC) पर नई तरह की सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है.

चीनी सेना अपने अग्रणी दस्तों की सुरक्षा के लिए खास तरह से दीवार बनाने का काम कर रही है. आजतक के हाथ लगे इस खास दस्तावेज में इस निर्माण की विस्तृत जानकारी दी गई है.रिपोर्ट के मुताबिक, PLA की एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंस (AMS) के डिफेंस इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने भारत-चीन सीमा पर नए तरह की सुरक्षा दीवार का इंतजाम किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दीवार को चीन की पूरी सीमा पर जगह-जगह देखा जा सकता है. इस खास दीवार की कई खासियतें हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि नई सुरक्षा दीवार को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है. ये श्रेणियां- ऑब्जर्वेशन और शूटिंग, कमांडिंग सेंटर, सैनिकों के रुकने की जगह और सैन्य उपकरणों को रखने की जगह हैं.इस सुरक्षा दीवार को कई बार लगाया और हटाया जा सकता है. यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक शील्ड युक्त और रॉकेट रोधी दीवार है. इसमें हल्के और छोटे सामानों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे आसानी से कहीं भी लाया-ले जाया जा सकता है.

भारतीय सेना की रिपोर्ट के मुताबिक पहाड़ी दुर्गम इलाकों में इन सुरक्षा उपकरणों को ले जाना काफी आसान है. इसकी मदद से कम समय में ही चीनी सैनिक इंजीनियरिंग सपोर्ट से मजबूत दीवार बना सकते हैं. एक प्लाटून कुछ ही घंटों में एक ब्रिगेड या डिविजन के लिए एडवांस कमांडिग पोस्ट बना सकती है.

कुछ दिनों पहले ही चीन का सड़क निर्माण दल भारत के अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर अंदर तक आ गया था. हालांकि जब भारतीय सैनिकों के खदेड़ने पर चीनी दल अपने उपकरण छोड़कर भाग गया. यह घटना 28 दिसंबर की है.

इससे पहले, डोकलाम इलाके में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच 72 दिनों तक गतिरोध चला था. इस दौरान दोनों देशों के बीच माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था. यह विवाद सड़क बनाने को लेकर ही शुरू हुआ था. भारतीय सेना ने चीन के सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच करीब 72 दिन तक गतिरोध चलता रहा. हालांकि इसको दोनों देशों ने सुलझा लिया था और चीन सेना अपने क्षेत्र में वापस लौट गई थी.

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