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‘तो भारत-चीन संबंधों में ज्यादा प्रगति संभव नहीं’

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पेइचिंग

चीन में भारत के राजदूत ने कहा है कि जब तक दोनों देश एक दूसरे के नजरिए के प्रति ‘सहानुभूति’ नहीं दिखाएंगे और एक दूसरे की आकांक्षाओं और हितों के प्रति संवेदनशील नहीं होंगे तब तक द्विपक्षीय संबंधों में ज्यादा प्रगति नहीं हो सकती है। पिछले महीने चीन के वुहान शहर में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों पर भारतीय राजदूत की यह पहली टिप्पणी है।

राजदूत बंबावाले ने कहा, ‘मैं भारत और चीन के बीच सैन्य आदान-प्रदान की बहाली देखना चाहता हूं। इसके साथ ही दोनों देशों के टॉप सैन्य कमांडरों के बीच सामरिक संवाद भी हो।’ अनंत एस्पेन सेंटर (AAC) और चाइना रिफॉर्म फोरम (CRF) के बीच 8वीं भारत-चीन वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। बंबावाले ने कहा, ‘यह भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिहाज से अच्छा कदम होगा।’

बंबावाले का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि शी और मोदी ने अपनी-अपनी सेनाओं को पारस्परिक भरोसा बढ़ाने के लिए संवाद बढ़ाने पर जोर दिया है। वुहान समिट के दौरान सीमावर्ती इलाकों में बेहतर प्रबंधन पर भी बात हुई है, जिससे किसी प्रकार का गतिरोध पैदा न हो।

बंबावाले ने कहा, ‘भारत और चीन के संबंधों का महत्वपूर्ण सिद्धांत दूसरे देश की आकांक्षाओं और हितों के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसी संवेदनशीलता के अभाव में हम एक दूसरे से बातचीत तो कर सकते हैं लेकिन प्रगति बेहद मामूली होगी, अगर हम दूसरे पक्ष के नजरिए पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करेंगे।’

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल डोकलाम गतिरोध के चलते यह वार्ता नहीं हुई थी। हालांकि पिछले महीने की वुहान समिट को एक बार फिर संबंधों को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना गया। बंबावाले ने कहा कि यह समिट टॉप लेवल पर हमारी प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।

राजदूत ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने स्वतंत्रता और बेबाकी से सामरिक, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्थितियों के साथ ही भारत और चीन के रिश्तों पर भी अपनी बात एक दूसरे के सामने रखी।’ उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि अगर भारत और चीन को खासतौर पर 21वीं सदी में साथ रहना है और प्रगति करनी है तो यह जरूरी है कि हम एक दूसरे के साथ गंभीरता दिखाएं और बेहद खुलेपन और स्पष्ट रूप से एक दूसरे से बात करें।

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