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धर्मशाला: श्री लंका ने पहले वनडे में भारत को 7 विकेट से हराया

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धर्मशाला

श्री लंका ने भारत को सीरीज के पहले वनडे इंटरनैशनल मैच में 7 विकेट से हरा दिया है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन (एचपीसीए) मैदान पर जीत के लिए मिले महज 113 रनों के लक्ष्य को मेहमान टीम ने 20.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 114 रन बनाकर हासिल कर लिया। श्री लंका की ओर से उपुल थरंगा ने सबसे ज्यादा 49 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पंड्या ने एक-एक विकेट लिया। एंजेलो मैथ्यूज 25 और निरोशन डिकवेला 26 रन बनाकर नॉट आउट रहे। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 49 रनों की नाबाद साझेदारी हुई।

श्री लंका की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और पारी के चौथे ओवर में जसप्रीत बुमराह ने भारत को पहली कामयाबी दिलायी। दनुष्का गुनातिलका 1 रन बनाकर विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच आउट हुए। गुनातिलका ने एक बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर धोनी के हाथों में गई।

भारत को एक बड़ी कामयाबी मिलते-मिलते रह गई जब बुमराह की गेंद थरंगा के बल्ले का किनारा लेकर विकेट के पीछे लपकी गई लेकिन यह एक नोबॉल निकली। इसके बाद 19 के स्कोर पर लाहिरु थिरिमने को शून्य के स्कोर पर बोल्ड कर भुवनेश्वर कुमार ने भारत को दूसरी कामयाबी दिलायी।

दूसरी ओर थरंगा खुलकर बल्लेबाजी करते रहे। उन्होंने कई खूबसूरत शॉट लगाए। थरंगा ने हार्दिक पंड्या के पहले ही ओवर में दो चौके जड़े। वह अपने अर्धशतक के करीब पहुंच गए थे लेकिन 49 के निजी स्कोर पर पंड्या ने उन्हें आउट कर दिया। पंड्या की एक आउट स्विंगर पर गेंद थरंगा के बल्ले से लगकर पहली स्लिप में खड़े खिखर धवन के हाथ में गई जिन्होंने दूसरे प्रयास में उसे कैच कर लिया। थरंगा ने अपनी पारी में 46 गेंदों का सामना किया और 10 चौके लगाए।

रोहित शर्मा, शिखर धवन, हार्दिक पंड्या, मनीष पांडे, श्रेयस अय्यर और दिनेश कार्तिक। कागजों पर ये खिलाड़ी टीम इंडिया को मजबूत बैटिंग लाइनअप बनाते हैं, लेकिन धर्मशाला में सब ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गए। लंकाई बोलिंग के आगे टीम इंडिया महज 112 रनों पर ढेर हो गई। हालत इससे भी कहीं अधिक खराब होती यदि महेंद्र सिंह धोनी संकचमोचक बनकर न आते। एक तरफ विकेटों का पतझड़ चलता रहा तो दूसरी तरफ धोनी पारी को संवारने की जद्दोजहद में लगे रहे। उन्होंने 65 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को सैकड़े के पार पहुंचाया।

टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के पास तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात में सुरंगा लकमल (13 रन पर चार विकेट), नुवान प्रदीप (37 रन पर दो विकेट) और एंजेलो मैथ्यूज (आठ रन पर एक विकेट) की श्री लंका की तेज गेंदबाजी तिकड़ी का कोई जवाब नहीं था। भारतीय टीम ने पांच विकेट 16 रन तक ही गंवा दिए थे और उस पर 54 रन के अपने सबसे कम वनडे इंटरनैशनल स्कोर से कम पर आउट होने का खतरा मंडरा रहा था जो इसी टीम के खिलाफ शारजाह में वर्ष 2000 में बना था।

धोनी ने हालांकि जुझारु पारी खेलकर टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। टीम इंडिया ने एक समय 29 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद धोनी और कुलदीप यादव (19) ने आठवें विकेट के लिए 47 गेंद में 41 रन जोड़कर विकेटों के पतझड़ को रोका। धोनी ने अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के जड़े। उनके अलावा कुलदीप और हार्दिक पंड्या (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाए।

मैच जल्दी शुरू होने के कारण तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और लकमल ने अपने एक ही स्पैल में सभी 10 ओवर फेंकते हुए चार विकेट हासिल करके भारतीय पारी को ध्वस्त किया। श्री लंका के दबदबे का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि भारतीय टीम पावरप्ले में तीन विकेट पर 11 रन ही बना सकी जो पिछले पांच साल में वनडे इंटरनैशनल में न्यूनतम और कुल मिलाकर दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है।

इस पिच ने हालांकि भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के आगामी दौरे पर मिलने वाली पिचों को लेकर आगाह भी कर दिया। श्री लंका ने शुरू से ही भारत को दबाव में रखा। मैथ्यूज ने अपने पहले ओवर की अंतिम गेंद पर शिखर धवन (00) को पगबाधा किया। मैदानी अंपायर ने उन्हें नॉटआउट करार दिया था लेकिन डीआरएस लेने पर फैसला श्री लंका के पक्ष में आया।

लकमल ने इसके बाद उछाल लेती गेंद पर कप्तान रोहित शर्मा (02) को विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के हाथों कैच कराया। रोहित को भी मैदानी अंपायर ने आउट नहीं दिया था और श्री लंका के डीआरएस लेने पर उन्हें पविलियन लौटना पड़ा। लकमल ने दिनेश कार्तिक (00) को पगबाधा किया करने के बाद मनीष पांडे (02) को स्लिप में मैथ्यूज के हाथों कैच कराया। दो गेंद बाद श्रेयस अय्यर (09) भी प्रदीप की गेंद को विकेटों पर खेल गए जिससे टीम का स्कोर 14वें ओवर में पांच विकेट पर 16 रन हो गया।

पंड्या भी दो चौके जड़ने के बाद प्रदीप की गेंद पर मैथ्यूज को स्लिप में कैच दे बैठे जबकि भुवनेश्वर कुमार खाता खोले बिना लकमल का चौथा शिकार बने। धोनी और कुलदीप ने इसके बाद पारी को संभाला। कुलदीप ने अपनी पारी में चार चौके जड़े और अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन स्पिनर अकिला धनंजय (सात रन पर एक विकेट) की गेंद पर स्टंप हो गए।

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