Home राष्ट्रीय पत्थरबाजी में टूरिस्ट की मौत के बाद रणनीति में बदलाव होगा?

पत्थरबाजी में टूरिस्ट की मौत के बाद रणनीति में बदलाव होगा?

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नई दिल्ली

कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों की ओर से पर्यटकों को निशाना बनाने के बाद केंद्र सरकार गंभीर हो गई है। घाटी में इस नए खतरे से किस तरह निबटा जाए, उस बारे में मंगलवार को कई हाई लेवल मीटिंग हुईं और श्रीनगर से विस्तृत रिपोर्ट मंगाई गई। होम मिनिस्ट्री के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मालूम हो कि सोमवार को पत्थरबाजों के हमले में चेन्नै के एक पर्यटक की मौत हो गई। वहीं कुछ दिन पहले पत्थरबाजों के हमले में करीब आधा दर्जन पर्यटक घायल हुए थे। पहली बार ऐसा हो रहा है कि पत्थरबाजों की ओर से पर्यटकों को टारगेट किया जा रहा है। इसे बहुत गंभीर स्थिति मानी जा रही है।

घाटी में इस खतरनाक स्थिति के उपजने के पीछे वजह और उसपर सरकार किस तरह नए सिरे से कदम उठाए, इस बारे में दिशा तय करने के लिए एक बार फिर सरकार की ओर से नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को अगले हफ्ते दोबारा घाटी भेजने का फैसला किया गया है। यह फैसला दिनेश्वर शर्मा की मंगलवार को होम सेक्रटरी राजीव गाबा से मीटिंग के बाद लिया गया। सोमवार को हुई घटना के तुरंत बाद उन्हें घाटी दोबारा भेजने की पहल की गई थी।

इससे पहले दिनेश्वर शर्मा ने वार्ताकार बनने के बाद 3 चरणों में घाटी के दौरे किए और तमाम पक्षों से बात की थी। इसके बाद उन्होंने सुझाव दिया कि आज का कश्मीरी युवा बहुत आक्रामक है और नई पीढ़ी को बहुत ही संजीदा तरीके से समझने और उनसे पेश आने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया था कि कश्मीरी युवाओं को ऐंटी नैशनल जैसे टैग में बांट कर उनका उपयोग करेंगे तो अच्छे नतीजे नहीं निकलेंगे। जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने इसी तरह का सुझाव केंद्र सरकार को दिया था। इसके बाद ही सरकार ने हजारों पत्थरबाजों के खिलाफ केस को भी वापस लिया था। लेकिन इसके बाद इस तरह की घटना सामने आने के बाद सरकार चिंतित है। सरकार का मानना है कि घाटी में सुनियोजित तरीके से बड़ी साजिश के साथ युवाओं को भड़काया जा रहा है।

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