Home फीचर पद्मावत: सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं मानेंगे शिवराज?

पद्मावत: सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं मानेंगे शिवराज?

Rate this post

भोपाल

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही विवादास्पद फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन पर अपनी मुहर लगा दी हो, लेकिन मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष नंद कुमार चौहान ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत फिल्म पर बैन लागू रह सकता है।

मध्य प्रदेश में राजपूतों का प्रतिनिधित्व करने वाले नंद कुमार चौहान से जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान होगा, लेकिन कानून व्यवस्था राज्य सरकारों का विषय है। राज्य सरकार ने जो फैसला लिया है वह उसे अपने हिसाब से देखेगी क्योंकि यह जनभावना से जुड़ा हुआ मुद्दा है।

चौहान से जब यह पूछा गया कि क्या मध्य प्रदेश में पद्मावत फिल्म पर बैन लागू रहेगा तो उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। लेकिन यह जरूर कहा कि राज्य सरकार अपने हिसाब से आकलन करके निर्णय लेगी। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पद्मावत फिल्म पर विवाद शुरू होने के साथ ही ऐलान कर दिया था कि वह मध्य प्रदेश में उसका प्रदर्शन नहीं होने देंगे। बाद में भी वह अपने बयान पर कायम रहे। पिछले सप्ताह ही उन्होंने कहा था कि जो कह दिया सो कह दिया। उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस फैसले के लिए राजपूत समाज ने सम्मान किया था। उस सम्मान समारोह की अगुवाई खुद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने की थी। आज भी उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय दिया है। राज्य सरकार उसे देखेगी और अपने हिसाब से उस पर निर्णय लेगी। जब उनसे कहा गया कि आप राजपूत समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, उस नाते आपकी क्या राय है तो उन्होंने कोई साफ उत्तर नहीं दिया।

उधर एक दिन पहले पद्मावती फिल्म के गाने को भी प्रतिबंधित बताने वाले गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन्हें अभी मिला नहीं है। फैसले को देखने के बाद सरकार आगे कोई निर्णय लेगी।

उल्लेखनीय है कि अभी तक इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार ने किसी तरह का कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने दो बार यह घोषणा अवश्य की थी कि वह अपने राज्य में पद्मावत को रिलीज नहीं होने देंगे लेकिन लिखित आदेश आज तक नहीं निकला है। उधर कांग्रेस ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है। राज्य सरकार को उस फैसले पर अमल करना चाहिए।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....