Home राष्ट्रीय पिता से विवाद में काट दी थी बच्चे की गर्दन, पुलिस ने...

पिता से विवाद में काट दी थी बच्चे की गर्दन, पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बचाया

0 33 views
Rate this post

नई दिल्ली

महज चंद रुपयों के लिए बड़ों के विवाद में 9 साल के मासूम की जिंदगी बर्बाद हो गई। आरोपी पहले बच्चे को अपने कमरे में ले गया और वहां उसने हत्या के इरादे से दरांती से मासूम की गर्दन काटने के लिए वार किया। दूसरा वार किया तो बच्चे की बाईं आंख चीर डाली और चेहरा फाड़ दिया। आरोपी बच्चे को मरा हुआ समझकर लॉक लगाकर फरार हो गया लेकिन बच्चे की जान बचाने के लिए पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। बच्चा बच तो गया लेकिन उसकी एक आंख हमेशा के लिए खराब हो गई। बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बना दिया। वारदात कर भागा आरोपी भी नाटकीय तरीके से लखनऊ से पकड़ा गया। बुराड़ी पुलिस ने हत्या की कोशिश समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। बच्चा अभी भी जिंदगी-मौत से जूझ रहा है।

पुलिस के मुताबिक, रकीबुद्दीन परिवार के साथ बुराड़ी के वेस्ट संत नगर की गली नंबर-10, ए-2 ब्लॉक में किराये पर रहते हैं। वह मूलरूप से यूपी के बहराइच स्थित थाना केसरगंज एरिया में गांव कंदेला के रहने वाले हैं। पत्नी नसरीन और 9 साल का नावेद पिछले हफ्ते ही दिल्ली आए थे। शनिवार शाम करीब 5:20 बजे नावेद गन्ने के जूस की शॉप पर आया और 20 रुपये ले गया। आंधे घंटे तक घर नहीं पहुंचा तो रकबुद्दीन ने दुकान पर काम करने वाले अंबरीश को देखने भेजा। दुकान की पिछली गली में बने लेबर रूम से अंबरीश दौड़ता हुआ आया। बताया कि नावेद खून से लथपथ है। सभी वहां पहुंचे। ताला तोड़ा। नावेद होश में था।

उसने कहा ‘अब्बू मुझे बचा लो।’ बोला- पुत्तन ने वार किया है। कॉल मिलते ही बुराड़ी थाने की पुलिस भी पहुंच गई। शाम का समय और जाम। सीनियर अफसरों को जानकारी देकर बुराड़ी थाने के एटीओ नरेश कुमार, इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार व थाने की टीम ने सबसे पहले बच्चे को गाड़ी में डाला। फोन करके थाने के स्टाफ और रूट के बीट अफसर को क्राइम सीन से रिंग रोड तक के पूरे रास्ते में फूर्ती से पहुंचने, साथ ही एक साइड से ट्रैफिक तुरंत रोक देने के लिए कहा। मासूम नावेद को जिस गाड़ी से लेकर निकले, उसके आगे चार पुलिसकर्मी पट्रोलिंग बाइक से सायरन बजाते हुए चलने लगे। ट्रैफिक को रिंग रोड तक पूरी तरह फ्री करा लिया गया। महज 3 मिनट के अंदर क्राइम सीन से रिंग रोड तक जा पहुंचे। नावेद को सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। बाद में वहां से नावेद को एलएनजेपी फिर सफदरजंग रेफर किया।

इसलिए की जान लेने की कोशिश
पुत्तन ने बताया है कि उसे गर्मी के सीजन के लिए दो महीने पहले नावेद के पिता फिक्स सैलरी पर लाए थे। जब वापस जाने लगा तो नावेद के पिता ने पूरे पैसे नहीं दिए। उस पर बहस हुई। नावेद के पिता ने बताया है कि पुत्तन और उसके बड़े भाई को लेकर आए थे, लेकिन बड़ा भाई कुछ दिन पहले चला गया। उसको पूरे पैसे और अडवांस भी दे दिए थे। पुत्तन को बता दिया था कि बाकी पैसे उसके बड़े भाई के पास हैं।

लखनऊ स्टेशन पर बेटिकट पकड़ा, दिल्ली पुलिस ने जुर्माना भरकर किया अरेस्ट
हमलावर पुत्तन का पकड़ा जाना फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं है। शनिवार की शाम पुत्तन छिपता हुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा। बिना टिकट ही ट्रेन में बैठ गया। रविवार सुबह ट्रेन लखनऊ पहुंची तो पुत्तन वहां टिकट नहीं होने पर पकड़ा गया। उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने खबर उसके गांव के थाने में दी। वहां से पता चला कि उसे दिल्ली पुलिस ढूंढ रही है। दरअसल, वारदात के बाद बच्चे के बयान पर दिल्ली पुलिस की एक टीम सब इंस्पेक्टर विकास मलिक, एएसआई दिनेश, हेड कांस्टेबल किशन, कॉन्स्टेबल बालकिशन रात में ही यूपी के बहराइच स्थित गांव के लिए रवाना हो गए थे। उन्होंने लोकल थाने में बता दिया था कि अगर पुत्तन गांव पहुंचता है तो उसे निकलने न दें। दिल्ली पुलिस को जैसे ही खबर मिली कि पुत्तन जीआरपी की हिरासत में है, पुलिस ने वहां संपर्क किया। जीआरपी ने पुत्तन से जुर्माना मांगा। उसने भरने से इनकार कर दिया। वह जीआरपी की गिरफ्तारी में लखनऊ जेल जाना चाहता था। तब दिल्ली पुलिस ने खुद जुर्माना भरा और पुत्तन को हिरासत में लिया। बुराड़ी पुलिस ने खून से सने कपड़े सील कर लिए हैं। लगातार बहता खून व बेहोश बच्चे की जान बचाना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। वजह यह कि शाम को पीक आवर में बुराड़ी संत नगर से रिंग रोड तक बेतरतीब ट्रैफिक व उसकी वजह से लगने वाला लंबा जाम।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....