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पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए वार्षिक आय सीमा का बंधन खत्म

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भोपाल

सरकारी कॉलेजों में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को मिलने वाली पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में अब वार्षिक आय सीमा का बंधन खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को ‘दिल से’ कार्यक्रम में यह घोषणा की।डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर ‘दिल से’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा तीन लाख रूपए सालाना थी। वहीं निजी शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 6 लाख स्र्पए की जाएगी। इन संस्थाओं के विद्यार्थियों को फीस का भुगतान राज्य सरकार करेगी।

5 जिलों में खुलेंगे कन्या ज्ञानोदय स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले दतिया, छतरपुर, विदिशा, सतना और शाजापुर में 480 सीट की क्षमता के पांच नए कन्या ज्ञानोदय विद्यालय खोले जाएंगे।

लहसुन पर 800 रुपए क्विंटल देंगे अनुदान
लहसुन की फसल बेचने वाले किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि किसानों को लहसुन की फसल पर 800 स्र्पए क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। बाबा साहब अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर ‘दिल से’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सूचना मिली है कि लहसुन के भाव 1600 स्र्पए क्विटंल से भी नीचे चले गए हैं। ऐसे में उन्हें भावांतर का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसलिए सरकार ने तय किया है कि लहसुन पर किसानों को 800 स्र्पए क्विंटल का फिक्स रेट दिया जाएगा। यह भुगतान मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत किया जाएगा।

कर्मचारियों पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने बातों में बातों में कुछ कर्मचारी संगठनों पर तंज भी कसा। शिवराज ने कहा कि कर्मचारियों के सभी वर्ग के वेतन में भाजपा सरकार में भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान भी दिया है, लेकिन कुछ लोग सीमा से आगे जाकर अधिकारों की बात करते हैं। कर्मचारियों को अपने कर्तव्य की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।पिछले दिनों दलित आंदोलन में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने समाज से अपील की कि कोई भी वर्ग सामाजिक विषमता को न बढ़ाए। सब एक साथ मिलकर रहें।

30 अप्रैल को जल संसद
मुख्यमंत्री ने 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने और पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी 30 अप्रैल को जल संसद का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नदियों को बचाने के कार्यक्रम तय किए जाएंगे।

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