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प्रमोशन में नेताओं के बल्ले-बल्ले

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भोपाल

भेल में जून के माह में प्रमोशन और तबादलों की बहार के चलते कुछ नेताओं के बल्ले-बल्ले हैं। दरअसल वर्कर से लेकर अधिकारी वर्ग तक के प्रमोशन व तबादले इसी माह होंगे। चर्चा है कि कुछ नेता जीएम एचआर के पास इसके लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं लेकिन अपने-अपने विभागों के जीएम के पास पहुंचकर अपने चहेतों की प्रमोशन की जुगाड़ लगा रहे हैं। रही बात ईडी की तो वह किसी भी कीमत पर नियम विरूद्ध प्रमोशन करने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में नेता जायें तो जायें कहां। लाभ शुभ के चलते प्रमोशन कराना भी जरूरी है। ऐसे में प्रमोशन कमेटी के चेयरमेन की और भी टकटकी लगाये बैठे हैं।

चर्चा है कि प्रबंधन भी ऐसे मौके पर फायदा उठाने से नहीं चूक रहा है। इसके चलते जून माह में कर्मचारी हित की बात करने वाली कुछ यूनियनें खामोश हो गई हैं। इस माह में धरना प्रदर्शन न के बराबर दिखाई देंगे। चर्चा है कि कुछ नेताओं को तो प्रबंधन ने यहां तक कह डाला कि ज्यादा नेतागिरी की तो साऊथ की यूनिट में भेज दिया जायेगा। इसलिए राजनीति पूरी तरह ठंडी पड़ी हुई है। कुछ नेता इस जून माह तक प्रबध्ंान की शरण में हैं।

फिजूल खर्ची का रिकार्ड बनाया

सही प्लानिंग न होने से भेल के पैसों की कैसे फिजूल खर्ची होती है इसका नजारा भेल टाउनशिप में क्षितीज भवन परिसर में देखा जा सकता है। यहां पांच साल के लिए प्रबंधन ने करीब एक करोड़ खर्च कर ओवर हेड वाटर टैंक बना डाला। सोच यह थी कि क्षितीज गेस्ट हाऊस सहित टाउनशिप की कुछ जगहों पर यहां से पीने का पानी सप्लाई किया जायेगा। हुआ उलटा ओवर हेड टैंक तो बन गया लेकिन आज तक एक बूंद पानी की सप्लाई यहां से नहीं हो पाई। साफ जाहिर है कि एक करोड़ आनन-फानन में फूं क दिये गये। अब इसे फिजूल खर्ची नहीं कहें तो क्या कहे। कर्मचारी कहने लगे हैं कि बड़े साहब अब यह ओवर हेड टैंक कब शुरू करोगे इसका इंतजार है। इधर भेल के बरखेड़ा के पुराने सिविल ऑफिस को अवैध रूप से एक ठेकेदार को अपना सामान रखने के लिए देने के मामले में बरखेड़ा सिविल इंचार्ज मुश्किलों में आ गए हैं। मामला गर्माता देख नगर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंचार्ज को न केवल फटकार लगाई वरन ठेकेदार को पुराने सिविल ऑफिस में रखा लोहा और दूसरा सामान हटाने की हिदायत भी दे डाली। मामला लहारपुर के पास बाउंड्री वाल बनाने वाला ठेकेदार का है। वह बरखेड़ा पुराने सिविल ऑफिस में अवैध रूप से लोहा और दूसरा सामान रख फायदा ले रहा था। इस मामले की शिकायत एक अन्य ठेकेदार ने भेल के वरिष्ठ अफसर से की थी।

जब जीएम ने लगाई फटकार

भेल कारखाने में कुछ कर्मचारियों का लंच के बाद ड्यूटी से गायब होना आम बात हो गई है। चाहे प्रबंधन स्मार्ट कार्ड ले आये या फिर थम्ब लेकिन ड्यूटी से भागने का कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। हाल ही में कुछ कर्मचारी लंच के बाद थम्ब लगाकर 12.50 बजे गेट से बाहर जाने की होड़ में रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में भेल के महाप्रबंधक पीके मिश्रा भी गेट पर पहुंच गये। जैसे ही उन्होंने देखा कि कुछ कर्मचारी गेट से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हेैं तो उन्होंने उन कर्मचारियों को रोककर जमकर फटकार लगाई और वापस ड्यूटी पर भेजा। उस समय गेट नंबर 6 पर काफी भीड़ इकठ्ठी हो गई थी। उन्होंने इस मामले में सीआईएसएफ को भी आड़े हाथों लिया। इस घटना को देख कुछ लोग कहने लगे हैं कि अफसर हो तो ऐसा। इधर एक नेता के जन्म दिन का मामला भी काफी चर्चाओं में है। 2 जून को अपना जन्म दिन के उपलक्ष्य में नेताजी ने एक होर्डिंग भेल के फाउंड्री गेट के पास रात में लगा डाला। सुबह 6 बजे उनके किसी जलेभुने ने इस होर्डिंग को फाड़ डाला। नेताजी ने इस मामले में नगर प्रशासन विभाग के बेदखली अमले पर आरोप लगा डाला। कहा जा रहा है कि होर्डिंग लगाने की अनुमति भेल प्रशासन से नहीं ली थी।

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