Home खेल फर्क नहीं पड़ता जीत कैसे भी मिले: डु प्लेसिस

फर्क नहीं पड़ता जीत कैसे भी मिले: डु प्लेसिस

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सेंचुरियन

साउथ अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने शुक्रवार को कहा उन्होंने ऐसी पिचों की मांग की थी जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिले और उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि तेज गेंदबाजों के बूते टीम मैच जीत रही। भारत के खिलाफ मौजूदा सीरीज के दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या में डु प्लेसिस ने कहा, ‘एक बल्लेबाज के तौर पर यहां हमारी पहली प्राथमिकता मैच जीतना हैं। अगर सीरीज में गेदबाजों को मदद मिलती है तो मिलने दीजिये। जब तब हम जीत रहे यह अच्छा है।’

साउथ अफ्रीकी कप्तान ने हालांकि कहा कि सुपरस्पोर्ट पार्क की पिच के बारे में जैसा उन्होंने सोचा था यह उससे ज्यादा भूरी है। उन्होंने कहा, ‘ग्राउंड्समैन से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह कड़ी धूप और गर्मी के कारण विकेट पर मौजूद घास हरे से भूरे रंग की हो गयी है। यहां काफी गर्मी है। हमने तेज और उछाल भरी पिच की मांग कि थी, उम्मीद है यह वैसा ही होगी।’

डु प्लेसिस ने कहा, ‘पिच पर थोड़ी घास है तो यह हमारे लिये अच्छा है, अगर यह कम स्कोर का मैच है तो हमारी कोशिश 20, 30 या 50 रन अधिक बनाने की होगी। मुझे उम्मीद है कि उछाल और गति कि साथ यह अच्छा विकेट होगा। हम गेंदबाजों को मदद करने वाली पिच बनाते है क्योंकि हम टेस्ट मैच जीतना चाहते है।’

सीरीज में 1-0 से आगे चल रही साउथ अफ्रीकी टीम के अंतिम 11 खिलाड़ियों के चयन का सिरदर्द है। चोटिल डेल स्टेन की जगह के लिए तेज गेंदबाज लुंगी एनगिड़ी अपने टेस्ट करियर का आगाज कर सकते हैं जिन्हें हरफनमौला क्रिस मोरिस से कड़ी चुनौती मिल रही है।

डु प्लेसिस ने कहा, ‘फिलहाल हम मोरिस को चौथे तेज गेंदबाज के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। अगर आप चार तेज गेंदबाजों का चयन करते हैं तो वह टीम में हो सकते हैं। टीम का तीसरा गेंदबाज होने के लिये उन्हें अपनी निरंतरता पर काम करना होगा। स्टेन, मोर्ने मोर्केल, वेर्नोन फिलेंडर और कैगिसो रबादा इस मामले में उनसे कहीं बेहतर है। लेकिन चौथे गेंदबाज के तौर पर वह उपयुक्त है, उनके पास गति है और वह बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।’

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