Home खेल फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में भारत की करारी हार, घाना अंतिम-16 में

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में भारत की करारी हार, घाना अंतिम-16 में

0 36 views
Rate this post

नई दिल्ली

कोलंबिया के खिलाफ पिछले मैच में कुछ अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उम्मीद जगाने वाली भारतीय टीम गुरुदार को यहां घाना के कप्तान एरिक अयाह और उनके दमदार साथियों के सामने पस्त नजर आई और अफ्रीकी टीम ने एकतरफा मुकाबले में 4-0 से जीत दर्ज कर फीफा अंडर-17 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की।

घाना की तरफ से एरिक अयाह (43वें और 52वें मिनट) ने दो जबकि स्थानापन्न रिकार्डो डैंसो (86वें) और एमानुएल टोकु (87वें मिनट) ने एक-एक गोल दागा। मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों विशेषकर गोलकीपर धीरज सिंह की आंखों में आंसू थे जिन्होंने आज कुछ अच्छे बचाव किए। भारत तीनों मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया है। भारत को लगातार तीसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा। पिछले मैच में कोलंबिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भारत से उम्मीद बंध गई थीं लेकिन दो बार का चैंपियन घाना उससे खेल के हर क्षेत्र में अव्वल साबित हुआ। घाना इस जीत से 3 मैचों में 6 अंक के साथ ग्रुप-ए में पहले स्थान पर रहकर अंतिम-16 में पहुंचा।

कोलंबिया और अमेरिका के भी 6-6 अंक रहे लेकिन गोल अंतर में वे क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर खिसक गए। घाना के खिलाड़ी कद-काठी में काफी मजबूत थे लेकिन भारतीयों ने फुर्ती और कौशल के मामले में उन्हें शुरू में बराबर की टक्कर दी। खेल आगे बढ़ने के साथ हालांकि अंतर साफ नजर आने लगा और अफ्रीकी टीम का दबदबा बढ़ता गया। जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में मौजूद 52,614 दर्शकों में से अधिकतर ने हर पल भारतीयों का उत्साह बनाए रखा लेकिन दर्शकों का जोश मैदान का अंतर नहीं पाट पाया।

पिछले मैच में गोल करने वाले जैकसन पूरी तरह निष्प्रभावी रहे। गेंद पर 65 प्रतिशत घाना का नियंत्रण रहा। खेल के छठे मिनट में ही भारतीय रक्षापंक्ति में छितराव दिखा जिसका फायदा उठाकर घाना के खिलाड़ी तेजी से भारतीय पोस्ट में घुसे। एरिक के सामने तब केवल गोलकीपर धीरज सिंह थे और वह उन्हें छकाने में कामयाब भी रहे लेकिन ब्लैक कैट्स के स्टार फॉरवर्ड को ऑफ-साइड करार दे दिया गया जिससे भारतीय टीम और बडी संख्या में मौजूद दर्शकों ने राहत की सांस ली। राइट विंगर सादिक इब्राहिम ने लगातार हमले कर भारतीयों पर दबाव बनाए रखा। भारतीय डिफेंडर संजीव स्टालिन ने अपनी पूरी ताकत सादिक को रोकने पर लगा रखी थी लेकिन यह मिडफील्डर 20वें मिनट में करारा शॉट भारतीय गोल में जमाने में सफल रहा।

धीरज की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने उसी कुशलता से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके छह मिनट बाद स्टालिन की चूक पर अनवर अली ने सादिक को रोका। पहले दस मिनट के बाद अधिकतर समय गेंद भारतीय पाले में मंडराती रही। इस बीच भारत ने जरूर कुछ जवाबी हमले किए। घाना और भारत दोनों की कहानी टूर्नामेंट में अब एक जैसी चलती रही। दोनों विशेषकर घाना कुछ अच्छे मूव बनाने के बावजूद अंतिम क्षणों की चूक के कारण गोल नहीं कर पाया और यहां पहले हाफ में इसकी पुनरावृत्ति ही देखने को मिली। स्टालिन, अनवर और बोरिस थंगजाम ने कुछ बेहतरीन बचाव किए।

खेल के 34वें मिनट में बोरिस को पीला कार्ड मिला जिसके कारण घाना को डी के ठीक बाहर फ्री किक मिली लेकिन एरिक अयाह का शॉट क्रॉस बार के ऊपर से निकल गया। धीरज को इससे ठीक पहले चिकित्सक की मदद लेनी पड़ी थी लेकिन उन्होंने फुर्ती दिखाकर सादिक का शॉट रोक दिया जिन्होंने स्टालिन को आसानी से छकाया था। धीरज हालांकि गेंद पर काबू नहीं रख पाए। गेंद छिटककर एरिक के पास पहुंची जिन्होंने करारा शॉट जमाकर उसे गोल के हवाले किया। एरिक का यह टूर्नामेंट में पहला गोल था जिसकी बदौलत घाना हाफ टाइम तक 1-0 से आगे था। एरिक इस मैच से पहले भले ही प्रभाव छोडने में नाकाम रहे थे लेकिन लगता था कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ इस महत्वपूर्ण मैच के लिए बचा रखा था और भारतीयों के पास उनका कोई जवाब नहीं था।

दूसरे हाफ में घाना ने शुरू से दबदबा बना दिया था और 52वें मिनट में एर्को मेनसाह का शॉट जितेंद्र सिंह ने रोक दिया लेकिन गेंद फिर से घाना के डिफेंडर के पास चली गई जिसने उसे एरिक की तरफ बढ़ाया। एरिक के करारे शॉट के सामने धीरज के पास कोई मौका नहीं था। धीरज ने हालांकि इसके दस मिनट बाद बेहतरीन बचाव किया। दर्शकों को आखिर में जोश में आने का क्षणिक मौका 83वें मिनट में मिला जब स्थानापन्न लालेगमवाइ को बॉक्स के बाहर ढीली गेंद मिली लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर इब्राहिम डैनलेड के पास चला गया। इसके बाद घाना ने जवाबी हमला किया और दो मिनट के अंदर दो गोल करके मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया।

एरिक की जगह उतरे स्थानापन्न रिकार्डो डैंसो ने आते ही प्रभाव छोड़ा और गैब्रियल के पास पर गोल ठोक दिया। एक अन्य स्थानापन्न खिलाडी एमानुएल टोकु ने इसके एक मिनट बाद खाली गोल में गेंद पहुंचाकर स्कोर 4-0 कर दिया। भारतीय कोच लुइस नोर्टन डी माटोस ने कोलंबिया के खिलाफ पिछले मैच में 1-2 से हारने वाली टीम में चार बदलाव किए। जितेंद्र सिंह को रक्षापंक्ति में अनवर अली का साथ देने के लिए नमित देशपांडे की जगह शुरुआती एकादश में रखा गया जो कोलंबिया के खिलाफ उतरकर भारत की तरफ से किसी भी आयु वर्ग में खेलने वाले पहले अनिवासी भारतीय बने थे। माटोस ने स्टार स्ट्राइकर अनिकेत जाधव को भी रहीम अली की जगह शुरुआती एकादश में रखा। घाना के कोच सैमुअल फैबिन ने भी अपनी शुरुआती एकादश में चार बदलाव किए थे। उन्होंने वि

दोस्तों के साथ शेयर करे.....