Home राज्य फोर्टिस प्रकरण: प्राइवेट अस्पतालों का होगा ‘इलाज’, सरकार की टेढ़ी निगाह

फोर्टिस प्रकरण: प्राइवेट अस्पतालों का होगा ‘इलाज’, सरकार की टेढ़ी निगाह

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चंडीगढ़

गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल के बाद अब दूसरे तमाम प्राइवेट अस्पतालों पर सरकार की निगाह टेढ़ी हो गई है। मोटी फीस ऐंठने वाले ऐसे अस्पतालों का इलाज करने के लिए जहां एक ऐक्ट लाने की तैयारी है, वहीं सस्ती दरों पर सरकारी जमीनों पर खुले ऐसे अस्पतालों की जांच करवाने का फैसला लिया गया है।

नियमों के खिलाफ जाने वालों की लीज भी कैंसिल होने का खतरा है। दूसरी ओर फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार कुछ नई सिफारिशों के साथ यह रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी सौंपने की तैयारी में है। इसके अलावा उल्लंघन पाए जाने पर अस्पताल का एनएबीएच मान्यता भी खत्म करने की बात भी लिखी गई है।

गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल पर सरकार के सख्त तेवरों से दूसरे तमाम प्राइवेट अस्पतालों में पहले ही हड़कंप मच गया था। अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के नए ऐलानों से प्राइवेट अस्पतालों की नींद उड़ना तय है। इधर, प्रदेश भर से मिल रही सूचनाओं के अनुसार सरकार के मौजूदा रुख को देखते हुए तमाम प्राइवेट अस्पताल अपने सिस्टम को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इधर, मौजूदा माहौल के बीच स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अपने सख्त तेवर बरकरार रखे हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि लोगों को अच्छी मेडिकल सुविधाएं मिलें, इसके लिए जल्द ही ‘क्लिनिकल एस्टैब्लिश्मेन्ट ऐक्ट’ लागू किया जाएगा। इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है।

विज ने कहा कि ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि प्रदेश में कई प्राइवेट अस्पताल इलाज के नाम पर मरीजों से काफी पैसा वसूलते हैं, इससे आदमी को आर्थिक व मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है। इन अस्पतालों की ओवर चार्जिंग पर लगाम लगाने के लिए ‘क्लिनिकल एस्टैब्लिश्मेन्ट ऐक्ट’ अहम भूमिका निभाएगा और लोगों को राहत मिलेगी। इस अधिनियम के लागू होने पर जहां प्राइवेट अस्पतालों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवानी होगी वहीं इलाज के दामों का प्रदर्शन करना होगा।

विज ने एक और अहम ऐलान यह किया कि प्रदेश के जिन अस्पतालों ने सरकारी जमीन सस्ती दर पर लेकर अस्पताल बनाए हैं, अब उनकी भी जांच करवाई जाएगी। इसके लिए नियमों को अनदेखा करने वाले अस्पतालों की लीज कैंसल करने की संभावनाएं तलाशने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) को कहा जाएगा। विज के अनुसार केंद्र सरकार से अति आवश्यक दवाइयों के रेट भी तय करने की गुजारिश की जाएगी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी ताकि वे सरकारी अस्पतालों की लूट में न फंसें।

सरकार गुरूग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल को तुरंत प्रभाव से राज्य सरकार के पैनल से हटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन, यह अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि गुरुग्राम फोर्टिस अस्पताल सरकार के पैनल पर ही नहीं है। इधर, विज ने यह भी कहा कि फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई थी तथा अनाप-शनाप बिल बनाया गया था। इस मामले की जांच के लिए विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. राजीव वढेरा के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था। इनकी रिपोर्ट पर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को भूमि की लीज कैंसल करने संबंधी संभावनाएं तलाशने के आदेश भी दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नेशनल हैल्थ मिशन के कर्मचारियों की 3 मांगों में शामिल दो मांगें पहले ही पूरी कर दी गई है। इनमें उनके वेतन में 3 फीसदी की बढोतरी तथा सेवा नियम बनाने शामिल है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की तीसरी पक्का करने की मांग केन्द्र सरकार से संबंधित है, जिस पर केंद्र सरकार को फैसला लेना है। ये कर्मचारी किसी प्रोजैक्ट के तहत काम कर रहे है, जिसका संबंध केन्द्र सरकार से है। राज्य के अस्पतालों में मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नही होने दी जाएगी, उसके सरकारी कर्मचारी हैं।

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