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फ्लिपकार्ट को खरीदने, ब्रिटेन में धंधा समेटने के बाद जानें अब क्या करेगा वॉलमार्ट

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नई दिल्ली

वॉलमार्ट इंक के साम्राज्य में सूरज कभी अस्त नहीं होता। पांच महाद्वीपों में फैले स्टोर्स की वजह से वॉलमार्ट पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है लेकिन 10 दिनों के भीतर ही इस कंपनी के सीईओ डग मैकमिलन ने अपने बिजनस साम्राज्य का नक्शा नए सिरे से बनाने की शुरुआत कर दी है। दो हफ्तों से भी कम समय के भीतर वॉलमार्ट ने एक तरफ ब्रिटेन का अपना बिजनस प्रतिद्वंद्वी के हवाले किया तो दूसरी तरफ भारतीय ई कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट को 16 अरब डॉलर में अपना बना लिया।

ऐमजॉन को पछाड़ने के क्रम में यह वॉलमार्ट की अबतक की सबसे बड़ी डील है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस डील ने यह दिखाया है कि कैसे अब मैकमिलन का फोकस भारत और चीन के हाई पोटेंशियल बाजार पर है। वॉलमार्ट ऑनलाइन बाजार में अपनी पैठ मजबूत बनाने के लिए नए पार्टनर बना रहा है तो घाटे के अपने बिजनसों से हाथ भी खींच रहा है। इस क्रम में वॉलमार्ट को अभी और आगे जाना है। उसकी लिस्ट में अब ब्राजील और जापान जैसे देशों के बाजार हैं।

वॉलमार्ट की वृहद इंटरनैशनल यूनिट्स कैश सोर्स, टैलंट मैनेजमेंट और यूएस के इसके कोर ऑपरेशंस के लिए अहम हैं। एक समय अमेरिका के बाहर वॉलमार्ट की सेल्स ग्रोथ 10 फीसदी वार्षिक से भी अधिक हो चुकी थी। लेकिन सुस्त अर्थव्यवस्थाओं में वॉलमार्ट के स्टोर्स बंद होने और तगड़ी प्रतिस्पर्धा ने इस बढ़त को जाया कर दिया। अमेरिका के ई-कॉमर्स बिजनस के पिछड़ने और इस साल श्रम के महंगे होने की वजह से वॉलमार्ट और मैकमिलन को कड़े फैसले लेने पड़े।

ऐसे में वॉलमार्ट के ब्रिटेन की अपनी यूनिट Asda स्टोर्स को बेचने के फैसले का स्वागत तो वॉल स्ट्रीट ने किया लेकिन फ्लिपकार्ट की डील पर निवेशकों की भौहें तन गईं। नुकसान में चलने वाली फ्लिपकार्ट में पैसे लगाने पर सवाल उठे कि इसका बेहतर इस्तेमाल कहीं और किया जा सकता था। एस ऐंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि ऐमजॉन से प्रतिद्वंद्विता में वॉलमार्ट द्वारा किया जा रहा भारी खर्च उसकी क्रेडिट रेटिंग पर भी असर डाल सकता है।

हालांकि मैकमिलन ने विश्लेषकों के सामने फ्लिपकार्ट डील का बचाव करते हुए इसे खास मौका बताया है। ऐसा कहते हुए मैकमिलन के जेहन में 2011 का वह गलत कदम भी होगा जब चीन में एक गैरलाभकारी सेकंड क्लास की ऑनलाइन मार्केट डील की थी और अनचाहे अलीबाबा (चीन का ऐमजॉन) के साथ प्रतिद्वंद्विता शुरू हुई थी।

अर्जेटीन से जॉम्बिया तक करीब दो दर्जन मुल्कों में वॉलमार्ट के 6360 स्टोर्स हैं। इनमें से अधिकतर 1999 से 2009 के बीच वॉलमार्ट के आक्रामक साम्राज्य विस्तार के काल में अधिगृहित की गईं थीं। हालांकि अब यह दौर भी खत्म हो गया है। आज कंपनी का अंतरराष्ट्रीय बिजनस कुल रेवेन्यू के चौथाई हिस्से से कम पहुंच हो गया है जो पांच साल पहले करीब 30 फीसदी था। ब्रिटेन में Asda के बिजनस से हाथ खींचने के बाद यह और भी नीचे गिरेगा।

फ्लिपकार्ट जैसी डील ने यह दिखाया है ऐमजॉन को टक्कर देने के लिए वॉलमार्ट अमेरिका के बाहर भी कदम उठाता रहेगा। दो साल की मंदी और राजनीतिक अशांति से तुरंत बाहर निकले ब्राजील में वॉलमार्ट ने अपने स्टोर बंद कर दिए हैं। वॉलमार्ट यहां अपनी यूनिट बेचने की तैयारी में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वॉलमार्ट ब्राजील से पैसे निकाल ऐमजॉन के साथ अपनी लड़ाई में इस्तेमाल करने वाला है। एशिया के दूसरे देशों भारत और चीन की तरह जापान में भी डिजिटल बिजनस में ही संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए वॉलमार्ट ने अपनी ऑनलाइन ग्रोसरी सर्विस को मजबूत करने के लिए Rakuten Inc जैसे लोकल प्लेयर से हाथ मिलाया है।

एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि वॉलमार्ट अब अपना बाजार ऑनलाइन ही बढ़ाएगा। लगातार दो साल चढ़ने के बाद इस साल वॉलमार्ट के शेयर करीब 16 फीसदी गिरे हैं। ऐसे में वॉलमार्ट और सीईओ मैकमिलन के सामने चुनौती है कि दुनिया भर में वॉलमार्ट के साम्राज्य को कैसे ताकतवर बनाकर रखा जाए।

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