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बच्चों को पत्थर देना कैसी राजनीति: राजनाथ

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श्रीनगर

श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए घाटी के लोगों से आवाम की स्थापना की दिशा के लिए आगे आने को कहा। श्रीनगर में बातचीत करते हुए राजनाथ ने आतंकियों और अलगाववादियों पर निशाना साधा। इसके साथ ही राजनाथ ने इस पत्रकारवार्ता के दौरान एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिया गया कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत का फॉर्म्युला भी दोहराया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में शांति बहाली की दिशा में व्यवधान डालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कोई भी बाधा घाटी में शांति बहाली की कोशिशों को रोक नहीं सकती है। हुर्रियत नेताओं पर निशाना साधते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग घाटी के बच्चों को ढाल बनाकर राजनीति कर रहे हैं। वो कोई भी राजनीति कर सकते हैं या कैसा भी ‘खेल’ खेल सकते हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य की कीमत पर कोई खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। घाटी के बच्चों को गुमराह कर राजनीति हो रही है, लेकिन यह बच्चे सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं, सारे हिन्दुस्तान के बच्चे हैं। राजनाथ ने कहा कि सरकार की इसी सोच को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने यहां पत्थरबाजी के आरोप में पहली बार पकड़े गए करीब 10 हजार युवाओं को रिहा किया था।

‘बच्चों को पत्थर देकर गुमराह किया जा रहा है’
अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग घाटी के बच्चों को बरगला रहे हैं। यह लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं, जबकि घाटी के अन्य बच्चों के हाथ में पत्थर देकर उन्हें गुमराह किया जा रहा है। राजनाथ ने कहा कि कश्मीर के बच्चों में बहुत प्रतिभा है और पिछले दिनों आईएएस और आईआईएम जैसी परीक्षाओं में यहां के युवाओं ने इसे साबित भी किया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों के भविष्य के लिए घाटी के लोगों को आगे आने की जरूरत है, जिससे कि यहां की एक और पीढ़ी को अशांति के अंधेरे में जाने से रोका जा सके।

‘दिनेश्वर शर्मा को बस सैर के लिए कश्मीर नहीं भेजा’
वहीं कश्मीर में बातचीत के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि हमने कश्मीर में बातचीत के लिए विशेष वार्ताकार की नियुक्ति की है। उन्हें सिर्फ सैर के लिए कश्मीर नहीं भेजा गया है। दिनेश्वर शर्मा कश्मीर में 11 बार अपनी यात्राओं पर तमाम पक्षकारों से बात करने के लिए आए हैं। घाटी में शांति बहाली के लिए हम किसी से भी बात करने को तैयार हैं, चाहे वह हमारी सोच का हो या ना हो। राजनाथ ने कहा कि घाटी में शांति बहाली के लिए लाइक माइंडेड से ज्यादा राइट माइंडेड होने की जरूरत है।

‘आतंक रोकने में भारत की मदद ले सकता है पाक’
वहीं घाटी में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए राजनाथ ने कहा कि हमारा पड़ोसी देश अपनी सरजमीं पर आतंक को रोकने की बात कहता है, लेकिन आज तक इस दिशा में ऐसे गंभीर प्रयास नहीं हुए हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान को आतंकी गतिविधि रोकने में कोई परेशानी हो तो उसे हमारे देश से मदद भी लेनी चाहिए।

‘कश्मीरियत में हजरतबल और अमरनाथ दोनों मौजूद’
वहीं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के शांति बहाली फॉर्म्युले का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि अटल जी अपने पीएम रहते घाटी में इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की विचारधारा में विश्वास रखते थे और हमारी सरकार ने भी इस विचारधारा को माना है। राजनाथ ने कहा कि एक बार सभी को यह सोचना होगा कि जो लोग आतंकी बनकर बंदूक उठा रहे हैं, क्या वह असल में जम्हूरियत पर भरोसा करते हैं? वहीं कश्मीरियत के बारे में बताते हुए राजनाथ ने कहा कि कश्मीरियत वह है जिसमें हजरतबल भी मौजूद है और बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा भी स्थापित है। राजनाथ ने कहा कि सरकार पूरी तरह से इसी विचार पर घाटी में शांति स्थापना को प्रतिबद्ध है और तमाम बहुआयामी तरीकों से इसकी कोशिश अनवरत जारी भी रहेगी।

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