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बेंगलुरु टेस्ट: धवन, मुरली की सेंचुरी, भारत मजबूत स्थिति में

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बेंगलुरु

शिखर धवन और मुरली विजय ने टेस्ट क्रिकेट में अफगानिस्तान का इस्तकबाल शतकों के साथ किया, लेकिन ऐतिहासिक टेस्ट के वर्षाबाधित पहले दिन अफगान गेंदबाजों ने आखिरी सत्र में वापसी की। धवन ने सिर्फ 96 गेंद में 107 रन बनाकर पहले सत्र में अफगान गेंदबाजों को नाकों चने चबवा दिए। वहीं विजय ने 153 गेंद में 105 रन बनाये। दोनों ने मिलकर 28.4 ओवर में 168 रन जोड़े। दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम ने आखिरी सत्र में 32 ओवर में 99 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए।

पहले दो सत्र में लग रहा था कि अफगान गेंदबाज मेजबान की मजबूत बल्लेबाजी के सामने नहीं टिकेंगे लेकिन आखिरी सत्र में उन्होंने उम्मीद जगाई। आखिरी सत्र अफगान गेंदबाजों के नाम रहा। विजय और के एल राहुल (64 गेंद में 54 रन) को यामिन अहमदजई और वफादार ने आउट किया। अहमदजई ने 13 ओवर में 32 रन देकर दो और वफादार ने 15 ओवर में 53 रन देकर एक विकेट लिया। विजय और राहुल ने दूसरे विकेट के लिये 112 रन की साझेदारी की लेकिन उनके आउट होने के बाद भारत के विकेट जल्दी गिर गए।

कप्तान अजिंक्य रहाणे 45 गेंद में 10 और चेतेश्वर पुजारा 35 रन बनाकर आउट हो गए। रहाणे को राशिद खान ने पविलियन भेजकर पहला टेस्ट विकेट लिया, जबकि मुजीबुर रहमान ने पुजारा को लेग गली में लपकवाया। टीम में वापसी करने वाले दिनेश कार्तिक चार रन बनाकर रन आउट हो गए। शीर्षक्रम से मिली अच्छी शुरुआत का मध्यक्रम के बल्लेबाज फायदा नहीं उठा सके। राशिद ने 26 ओवरों में 120 रन दे डाले और उन्हें एक ही विकेट मिला। इससे उन्हें टी 20 और टेस्ट क्रिकेट का फर्क बखूबी समझ में आ गया होगा। आखिरी सत्र में हालांकि उन्होंने बेहतर गेंदबाजी की और 9 ओवर में 15 रन देकर एक विकेट लिया

इससे पहले धवन टेस्ट मैच के पहले ही सत्र में शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। विश्व स्तर पर उनसे पहले सर डॉन ब्रैडमैन, विक्टर ट्रंपर, चार्ली मार्कटनी, माजिद खान और डेविड वॉर्नर ही यह कारनामा कर पाये थे। टी20 के स्टार राशिद को धवन ने शुरू से निशाने रखा। उन्होंने इस लेग स्पिनर पर तीन चौके लगाकर अपना पचासा पूरा किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने राशिद पर ही कवर ड्राइव से चौका जड़कर अपना 7वां टेस्ट शतक पूरा किया।

दूसरे छोर पर विजय ने अपनी रक्षात्मक तकनीक से भी अपना पहला टेस्ट खेल रहे अफगानिस्तान को हताश किया। धवन ने दूसरे सत्र के शुरू में आउट होने से पहले आईपीएल में खेलने वाले अफगानिस्तान के तीनों खिलाड़ियों राशिद, मोहम्मद नबी और मुजीब उर रहमान पर छक्के जड़े। धवन ने कुल मिलाकर 19 चौके और 3 छक्के लगाए। धवन की पारी का अंत आखिर में अहमदजई ने किया। उनकी मूव लेती गेंद धवन के बल्ले का किनारा लेकर कप्तान असगर स्तानिकजई के पास गई जो उनके हाथों से छिटक गई, लेकिन मोहम्मद नबी ने उसे कैच में बदल दिया।

पहले दो सत्र में 45 ओवरों में 37 चौके और चार छक्के लगे, जिससे साफ जाहिर होता है कि अफगानिस्तान की असली परीक्षा अभी शुरू हुई है और उसे अभी लंबा रास्ता तय करना है। अफगानिस्तान के गेंदबाज विशेषकर स्पिनर जूझते हुए नजर आए जिन्होंने लाल गेंद को सीधा फेंका। जब भी राशिद या मुजीब ने गेंद को फ्लाइट देने की कोशिश की तो धवन ने आगे बढ़कर उस पर शाट जमा दिया। गेंदबाजी का आगाज करने वाले अहमदजई ने जरूर शुरू में कुछ अच्छी आउटस्विंगर की।

उनके साथ नयी गेंद संभालने वाले वफादार को भी विजय ने शुरू में संभलकर खेला। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाकर 12वां शतक पूरा किया। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी भी 12वें देश को टेस्ट पदार्पण करते हुए देखने के लिये यहां पहुंचे हैं। लेकिन अफगानिस्तान को पहले दिन पता चल गया होगा कि टेस्ट क्रिकेट ही ‘असली टेस्ट’ होता है।

तीसरे सत्र में गिरे 5 विकेट
पहले दो सत्र में 45 ओवरों में 37 चौके और चार छक्के लगे। हालांकि, तीसरा सत्र भारत के लिए चौंकाने वाला रहा। इस सत्र में भारत के कुल 5 विकेट गिरे। टेस्ट करियर की 12वीं सेंचुरी लगाने वाले मुरली विजय के रूप में भारत का दूसरा विकेट गिरा। इसके बाद लोकेश राहुल (45), कप्तान अजिंक्य रहाणे (10), चेतेश्वर पुजारा (35) और दिनेश कार्तिक (4) को अफगान टीम आसानी से आउट करने में सफल रही।

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