Home कारपोरेट बैकों से ज्यादा कंपनियों में एफडी करने पर मिल रहा है रिटर्न

बैकों से ज्यादा कंपनियों में एफडी करने पर मिल रहा है रिटर्न

0 22 views
Rate this post

मुंबई

ऊंचे रिटर्न पर लंबी अवधि के लिए पैसा लॉक करने की चाह रखने वाले लोग बैंकों की बजाय कंपनियों के फिक्स्ड डिपॉजिट की ओर रुख कर रहे हैं। कंपनियों ने पिछले दो महीने में डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 0.50-0.75 पर्सेंट की बढ़ोतरी की है। इन कंपनियों में बजाज फाइनैंस, डीएचएफएल, महिंद्रा फाइनैंस, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस और एचडीएफसी लिमिटेड शामिल हैं। बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट से कॉरपोरेट एफडी पर ऊंची ब्याज दर की वजह से इसमें निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

मिसाल के लिए, एएए रेटिंग वाली बजाज फाइनैंस अप्रैल 2018 तक के तीन साल के एफडी पर 7.85 पर्सेंट का ब्याज ऑफर कर रही थी। इसे मई 2018 में बढ़ाकर 8.1 पर्सेंट और 5 जून को बढ़ाकर 8.4 पर्सेंट किया गया। एएए रेटिंग वाली डीएचएफएल भी मार्च 2018 तक के तीन साल के डिपॉजिट पर पहले 7.85 पर्सेंट का ब्याज दे रही थी, जिसे उसने अप्रैल में बढ़ाकर 7.9 पर्सेंट और 8 जून को बढ़ाकर 8.45 फीसदी कर दिया। इसका मतलब यह है कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कॉरपोरेट एफडी पर ब्याज दरों में 0.60 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है।

महिंद्रा फाइनैंस, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस और एचडीएफसी लिमिटेड जैसी दूसरी कंपनियों ने भी पिछले कुछ महीनों में एफडी के रेट्स में बढ़ोतरी की है। इस बारे में मनी हनी फाइनैंशल सर्विसेज के एमडी अनूप भैय्या ने बताया, ‘यह बढ़ोतरी मार्केट के मुताबिक है। वहां भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी हुई है।’ कॉरपोरेट एफडी में रिटायर हो चुके लोगों की दिलचस्पी अधिक रहती है क्योंकि इससे उन्हें बैंक एफडी की तुलना में 1-2 पर्सेंट ज्यादा ब्याज मिलता है। मिसाल के लिए, एसबीआई 5 साल के डिपॉजिट पर 6.75 पर्सेंट का ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि एचडीएफसी बैंक इतनी अवधि के एफडी पर 7 पर्सेंट का ब्याज दे रहा है।

एफडी पर 9.5 पर्सेंट तक के ब्याज का ऑफर
इनके मुकाबले महिंद्रा फाइनेंस 5 साल के एफडी पर 8.5 पर्सेंट का ब्याज ऑफर कर रही है। मई में डीएचएफएल और जेएम फाइनैंशल क्रेडिट सॉल्यूशंस ने एफडी पर 8.5-9.5 पर्सेंट के बीच ब्याज ऑफर किया। इन इश्यू की काफी मांग थी और निवेशकों ने जितने एनसीडी के लिए अप्लाई किया था, उसका पूरा कोटा उन्हें नहीं मिला। एनसीडी पब्लिक इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 10 लाख रुपये से अधिक के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। हालांकि, कई एचएनआई कंपनी एफडी को पसंद नहीं करते क्योंकि 3 महीने से पहले इससे पैसा निकालने की इजाजत नहीं होती।

ज्यादा कमाई वालों को नहीं लगाना चाहिए इसमें पैसा
कॉरपोरेट एफडी एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं होते और इन्हें ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता है। कंपनी डिपॉजिट करने पर उनसे बीच में निकलना आसान नहीं होता और टैक्स के लिहाज से भी ये एफिशिएंट प्रॉडक्ट नहीं होते। फ‌ाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि हाई इनकम इनवेस्टर्स को इनमें पैसा नहीं लगाना चाहिए। इस बारे में प्लान रुपी इनवेस्टमेंट्स के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, ‘कंपनी एफडी में रिटायर हो चुके लोगों को पैसा लगाना चाहिए। यह प्रॉडक्ट खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो 10 पर्सेंट के लो टैक्स ब्रैकेट में आते हैं।’

एक ही के एफडी में नहीं लगानी चाहिए रकम
हाई इनकम इन्वेस्टर्स को 8 पर्सेंट वाले एनसीडी पर टैक्स के बाद 5.6 पर्सेंट का ब्याज ही मिलेगा। फाइनैंशल प्लानर्स का यह भी कहना है कि आपको एक ही कंपनी के एफडी में पैसा नहीं लगाना चाहिए। कंपनी विशेष से जुड़े रिस्क को कम करने के लिए आप कई कंपनियों में एफडी कर सकते हैं।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....