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भेल और नगर निगम का संपत्तिकर विवाद फिर गहराया

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भोपाल

1 bhel 1भेल का वर्षो पुराना संपत्तिकर का विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। जैसे-तैसे नगर निगम और भेल प्रशासन के बीच पिछले माह हुये संपत्तिकर के समझौते के बाद जब मामला सुलझा और भेल ने तय राशि का चेक नगर निगम में जमा किया तब यह माना जा रहा था कि यह विवाद हमेशा के लिये सुलझ गया है लेकिन नगर निगम फिर से 18 करोड़ की भेल से वसूली के नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है, इसको लेकर भेल प्रशासन के माथे पर चिंता की रेखाएं दिखने लगी है। भेल को यह लग रहा था कि एमआईसी की बैठक में सब कुछ तय हो जाने के बाद नगर निगम अपना रुख नरम कर लेगा लेकिन यहां ऐसा देखने को नहीं मिला रहा।
सूत्रों की मानें तो यह मामला सालों पुराना है भेल की स्थापना के समय से ही भेल टाउनशिप में नगर निगम द्वारा पानी, बिजली रोड और साफ-सफाई किये जाने की सेवा का दावा कर रहा है लेकिन भेल के रिकार्ड खंगालने के बाद पता चला की यह काम तो भेल प्रशासन स्वयं ही कर रहा है, इस संबंध में एक द्विपक्षीय समझौता फरवरी 1994 में हुआ था। इस समझौते के मुताबिक वर्ष 1994 में भेल पर लगे कुल टैक्स संपत्ति एवं अन्य कर जो कि 42.83 लाख रुपये था उस पर नगर निगम ने 15 लाख की छूट प्रदान की थी। यह 35 फीसदी छूट सभी प्रकार के टैक्स राशि पर दिया जाना तय हुआ था। मजेदार बात यह है कि इसका पालन वर्ष 2013-14 तक ही हुआ। यह भी सही है कि भेल द्वारा काटी गई राशि में नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों को और कार्यालयों का किराया बिजली का खर्चा भेल द्वारा नगर निगम को दी गई सेवाओं का बिल आदि इसमें शामिल है। यह राशि आपसी सहमति से काटी गई है। सूत्रों की मानें तो सभी छूट एवं काटी गई राशियों को ध्यान में रखे बिना नगर निगम ने पुरानी बकाया राशि 25,55,74,855 रुपये का मांग पत्र भेज दिया, जबकि भेल ने वर्ष 2014-15 में नगर निगम को संपत्तिकर के रूप में 1,26,70,059 रुपये जमा कर चुका है। बकाया राशि को लेकर उठे विवाद को लेकर तीन मीटिंग भी हो चुकी है, जो बेनतीजा रही लेकिन अंतिम बैठक में इस मामले का विवाद पूरी तरह सुलझ गया। इस अंतिम बैठक में हुई चर्चा के बाद संपत्तिकर का सैटलमेंट नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त जीपी माली, उपायुक्त अर्चना शर्मा, जोन अधिकारी विजय तिवारी और वार्ड प्रभारी मो.सोहेल इसके अलावा भेल के अधिकारी एजीएम टाउनशिप पीके मिश्रा, एजीएम प्रशासन एसबी सिंह, सीनियर डीजीएम फायनेंस पीके नाईक, सीनियर आफिसर रमेश चौधरी के समक्ष हुुआ। इसमें अंतिम निर्णय के बाद भेल प्रशासन ने 9,44,28,936 रुपये की राशि नगर निगम को सौंप दी। इस हिसाब से वर्ष 2015-16 तक का 35 फीसदी छूट के बाद मामला पूरी तरह सुलझ गया है। भेल प्रवक्ता का कहना है कि सैटलमेंट के बाद भेल पर नगर निगम के संपत्तिकर का एक रुपया भी बकाया नहीं है। इस तरह का फिर से विवाद ठीक नहीं है। नगर निगम के एमआईसी मेंबर केवल मिश्रा का कहना है कि आज भी भेल पर नगर निगम की बकाया राशि है जो वसूली जायेगी।

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