Home मिर्च- मसाला भेल में खल रही जीएम की कमी

भेल में खल रही जीएम की कमी

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भोपाल

भेल भोपाल यूनिट को 5000 करोड़ का टर्न ओवर इस वित्तीय वर्ष में करना है। ऐसे में पहली तिमाही में जैसे तैसे भेल ने 800 करोड़ का टर्न ओवर पूरा किया है। चर्चा है कि कभी 22 महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी हुआ करते थे और आज 12 ही बचे है। इनमें 7 ही ऐसे महाप्रबंधक है जो प्रोडक्शन मेन्यूफेक्चरिंग से जुड़े है। ऐसे में इस यूनिट को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। भोपाल के महाप्रबंधक संजय गुलाटी हरिद्वार के ईडी बना दिये गये है। मनोज वर्मा को जीएमआई बनाकर बेंगलुरू भेज दिया गया है। एके जैन का तबादला दिल्ली कर दिया। संजीव गुप्ता दो माह बाद रिटायर होने वाले है आरके आर्या, ओपी सारस्वत के पास कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं है। एचके निगम अकेले 4 विभाग, संजीव गुप्ता 2, डीडी पाठक 2, एम हलदर 2, एमएस किनरा 2 विभाग की कमान संभाले हुए है। साफ जाहिर है कि अनुभवी महाप्रबंधकों की कमी यूनिट को खल रही है। उस पर प्रोडक्शन का दबाव और महाप्रबंधक की लिस्ट में देरी परेशानी का सबब बनी हुई है ऐसे में दूसरी तिमाही का क्या होगा इसकी चर्चा यूनिट में सुनी जा रही है।

प्रमोशन लिस्ट में उलझे अफसर

डीजीएम से सीनियर डीजीएम , सीनियर डीजीएम से एजीएम और एजीएम से जीएम की प्रमोशन लिस्ट में देरी होने से कारखाने में काम कम और प्रमोशन लिस्ट की चर्चाएं कुछ ज्यादा ही सुनी जा रही है। प्रमोशन लिस्ट में देरी होने से प्रमोशन का इंतजार कर रहे अफसर यूं चर्चा करते नजर आ रहे है कि अब कब किसका नाम कट जाये कहा नहीं जा सकता। जीएम स्तर की लिस्ट में देरी होना तो अलग बात है लेकिन सीनियर डीजीएम और एजीएम की लिस्ट में देरी होना किसी के गले नहीं उतर रही है। कुछ एजीएम तो अपने विभागों के मुखिया बने हुए है। ऐसे में उन्हें यह लगने लगा है कि वह जल्द ही जीएम बनेंगे। थर्मल में एजीएम,डीआरओ और कई एजीएम एचओडी बने बैठे हैं। अब उनका परफार्मेंस ही उनके प्रमोशन का रास्ता तय करेगा। कुछ तो प्रमोशन में निकल जायेंगे और कुछ देखते रह जायेंगे। चर्चा है कि लिस्ट में देरी के मायनें अफसर यह लगाने लगे है कि जिसकी एप्रोच लग गई वह प्रमोशन पा जायेगा और काबिल अफसर पीछे रह जायेंगे। अब इनका मन काम में कम और प्रमोशन लिस्ट की चर्चा को लेकर कुछ ज्यादा ही लगा हुआ है।

किनरा बन गये प्रबंधन की पसंद

जब से एमएस किनरा इस यूनिट में महाप्रबंधक बने है तब से ही यह प्रबंधन की पसंद बन गये है। उन्हें स्वीचगियर जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया था यहां भी उन्होंने कुछ नेताओं और कर्मचारियों पर लगाम लगाई थी बाद में उन्हें बेहतर विभाग क्वालिटी की कमान सौंपी गयी और अब सीधे महाप्रबंधक मानव संसाधन का मुखिया बना दिया। वह सोमवार को इस विभाग का जीएमआई बने मनोज वर्मा से चार्ज लेंगे। श्री किनरा को क्वालिटी के अलावा मानव संसाधन विभाग का काम मिलने के बाद कुछ नेताओं की नींद हराम हो गई है। जब तक मनोज भाई जीएमएचआर रहे तब तक कुछ यूनियन नेताओं की सुनी भी जाती थी लेकिन अब उनका क्या होगा खुद उनके समझ में नहीं आ रहा है। वैसे भी श्री किनरा पूरे समय जीएम एचआर रहेंगे की नहीं इसको लेकर अभी से चर्चाएं होने लगी है। कुछ लोगों का मानना है कि जीएम की प्रमोशन लिस्ट निकलने के बाद मानव संसाधन विभाग की कमान किसी और को सौंपी जा सकती है। ऐसे में या तो श्री किनरा क्वालिटी ही संभालेंगे या फिर किसी अन्य महत्वपूर्ण विभाग की कमान संभालेंगे। यह सब तो तब ही पता लगेगा जब प्रमोशन लिस्ट जारी होगी। वैसे भी इस माह कारखाने में काफी बड़े बदलाव होने की खबर है।

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