Home राष्ट्रीय महातूफान: आशंका साबित हुई ‘गलत’, मौसम विभाग को दोष देना कितना सही?

महातूफान: आशंका साबित हुई ‘गलत’, मौसम विभाग को दोष देना कितना सही?

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नई दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर में 8 मई को जिस महातूफान की आशंका जताई गई थी, वह इस साल का ऐसा वेदर इवेंट रहा जिसका सबसे ज्यादा ‘हौवा’ बना। अलर्ट जारी किए गए, लोगों में खौफ दिखा लेकिन तूफान दिल्ली-एनसीआर में काफी कमजोर रहा। लोगों ने अपना गुस्सा मौसम विभाग पर तो उतार दिया, लेकिन आइए आपको बताते हैं कि मौसम विभाग को दोष देने से पहले आपको कौन-सी बातें जान और समझ लेनी चाहिए।

पहला, मौसम विभाग की भविष्यवाणी गलत नहीं थी। 6 मई को क्षेत्रीय मौसम कार्यालय की तरफ से जारी भविष्यवाणी के मुताबिक, 7 मई को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या छीटें पड़ने का अनुमान था। विभाग के मुताबिक मंगलवार को 50 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से हवाओं के चलने, आंधी और हल्की बारिश की आशंका जताई गई थी। शब्द ‘आशंका’ में 26-50 फीसदी संभाव्यता होती है। 50 किमी की रफ्तार वाली हवा का मतलब है कि किसी महातूफान की आशंका नहीं थी। हालांकि सरकार और अन्य एजेंसियों की परेशानी और पैनिक की वजह थी बीते सप्ताह आए तूफानों में मची तबाही, जिसमें 129 लोगों की जान चली गई।

दूसरी बात यह कि तूफान, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं मौसम से जुड़े बेहद स्थानीय इवेंट हैं। इसलिए पहले से ही इनका तय समय बताना मुश्किल होता है। मौटे तौर पर एक तूफान 10-20 वर्ग किलोमीटर के एरिया में आता है और करीब 3 घंटे तक प्रभावी रहता है। आईएमडी के डीजीएम एम महापात्रा ने कहा, ‘एक तूफान दूसरे को जन्म दे सकता है और दूसरा पास के इलाके में तीसरे को और तूफान का दायरा बढ़ जाता है।’ तूफान का दायरा बहुत छोटा होने की वजह से दो-तीन पहले इसके समय और लोकेशन का सटीक अमुमान लगाना मुश्किल होता है।

तीसरा, कम समय के जताए गए पूर्वानुमान तीन दिनों तक के लिए होते हैं, ऐसे में वेदर-कंडीशन की संभाव्यता एक बड़े एरिया के लिए जताई जाती है। मौसम विभाग की शुरुआती चेतावनी इसी पर आधारित थी। इन्हें अपडेट किया जा रहा था। महापात्रा ने बताया, ‘2 मई के तूफान में काफी नुकसान हुआ, 30 अप्रैल को जारी किए गए आईएमडी के बुलेटिन में बताया गया था कि तूफान कहां आ सकता है। 2 मई को उसे अपडेट करते हुए हमने चेतावनी जारी की और जिलास्तरीय अनुमानों-आशंकाओं के साथ अलर्ट जारी किए।’

चौथा, रडार की मदद से मौजूदा स्थिति को देखते हुए तूफान का सबसे सटीक अनुमान लगाया जा सकता है, जिसके तहत अगले 3-4 घंटों में क्या स्थिति रहेगी, यह बताया जा सकता है। इसे नाउकास्ट कहा जाता है। मौसम कार्यालय ने सोमवार और मंगलवार दोपहर की धूल भरी आंधियों से पहले नाउकास्ट अलर्ट जारी किया था। आईएमडी देशभर में 27 रडारों की मदद से 399 शहरों और कस्बों के लिए नाउकास्ट करता है। नाउकास्ट नया कॉन्सेप्ट है और हम इसके जरिए बेहतर आकलन करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।

पांचवां, शायद आईएमडी को ऐसे शब्दों में अनुमान सामने रखने थे, जो ज्यादातर लोगों को समझ आए और सटीक पूर्वानुमान लोगों तक पहुंच सके। बहरहाल, खराब मौसम की आशंका को लेकर जो हौवा बना वह उसके भी कंट्रोल से बाहर था।

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