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मामला भेल अफसरों के परफार्मेंस का

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भोपाल

हर साल भेल के अफसरों के परफार्मेंस का अप्रेजल ई-मेप के जरिये भेल के अपर महाप्रबंधक से लेकर ई-1 तक परफार्मेंस की रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस बार की रिपोर्ट भेल के कई अफसरों में खलबली मचा दी। प्रशासनिक स्तर पर चर्चा है कि अगले माह स्थानीय यूनिट और कार्पोरेट स्तर पर न केवल प्रमोशन होना है बल्कि तबादले भी। यह रिपोर्ट काफी मायने रखती है। चर्चा है कि कई अफसरों को इस बार इस रिपोर्ट से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ अफसर तो नाम न बताने की शर्त पर यह भी कहने लगे है कि जान बूझकर नंबर कम किये गये है।

साफ जाहिर है कि इससे कई अफसरों का मनोबल गिरेगा। इस परफार्मेंस में अफसरों की सी आर भी देखी जाती है। पहली बार ऐसा लगा कि अपने चहेते अफसरों को खुश करने ठीक-ठाक नंबर दिये है तो कुछ को ठिकाने लगा दिया है। अब यह बात अलग है कि जिन अफसरों के नंबर कम दिये हैं वह 16 मई को ईडी की शरण में जायेंगे। ऐसे अफसर इस तारीख को अपने परफार्मेंस को सही करने अपील करेंगे। इसको लेकर कई अफसरों में रोष तो व्याप्त है लेकिन नियम से बंधे होने के कारण अपना दर्द किसी को बता नहीं पा रहे हैं। देखना यह है कि यह सोची समझी प्लानिंग के तहत बेहतर परफार्मेंस वाले अफसरों की सुनवाई ईडी साहब ठीक ठाक करते है की नहीं।

थर्मल में महाभारत का दृश्य

आजकल भेल कारखाने के थर्मल विभाग में धर्म क्षेत्रे-कुरू क्षेत्रे जैसा महाभारत का दृश्य साफ दिखाई देने लगा है। चर्चा है कि यहां अफसरों के एक कॉकस को तोडऩे की रणनीति शुरू हो गई है। थर्मल के कामॢशयल विभाग में अर्जुन के आगमन से कौरवों के कैंप में खलबली मची हुई है। यहां यह बात चर्चाओं में है कि पहले से ही कृष्ण के रहते भीष्म व द्रोणाचार्य के हौंसले पस्त हो चुके है। रही बात एमएम थर्मल के कर्ण की तो उनका पहिया पहले से ही कीचड़ में धंसा हुआ है। इसलिए प्लानिंग के एक अफसर शकुनी मामा की चालें भी काम नहीं कर पा रही है सारे पांसे उल्टे पड़ रहे है। उस पर दुर्योधन की समझ में ही नहीं आ रहा है कि करे तो क्या करे, वह काफी हड़बड़ाहट में है। यहां यह बता देना जरूरी है कि इस विभाग में एक पूर्व ईडी धृतराष्ट्र की भूमिका में रिटायर होने के बाद अल्कापुरी से सारे तामशा देख रहे हैं। वह यह भी देख रहे हैं कि कृष्ण की भूमिका में एक अफसर पहले से ही यहां मौजूद हैं। दूसरे एक अफसर कामर्शियल में हाल ही में आ चुके हैें। विधुर भी भूमिका में एक अपर महाप्रबंधक पहले से ही काम कर रहे है। उस पर हरिद्वार से एक अफसर ट्रांसफर होकर इसी विभाग में आ गये हैं। अब थर्मल कामर्शियल में पांडव व कौरव सेना में धर्म क्षेत्रे- कुरू क्षेत्रे की महाभारत क्या रंग लायेगी यह तो वक्त ही बतायेगा।

अब पोस्टर की राजनीति

गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति अब पोस्टर के रूप में दिखाई देने लगी है। चुनाव का समय जैसे-जैसे करीब आता जा रहा हैं वैसे वैसे राजनीतिक लोग सक्रिय होते जा रहे हैं। यहां से बाबूलाल गौर मौजूदा विधायक तो हैं ही लेकिन टिकट मांगने वालों की एक लंबी फेहरिस्त दिखाई दे रही है। बाबूलाल गौर की पुत्रवधू श्रीमती कृष्णा गौर पिछली विधान सभा चुनाव से यहां हाथ आजमाने के लिए की कोशिश कर रही हैं वहीं भोपाल के मेयर आलोक शर्मा भी अपने आपको बाबूलाल गौर का उत्तराधिकारी बता चुके हैं। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक, मनोरंजन मिश्रा भी ताल ठोकने को तैयार हैं। चर्चा है कि हाल ही में अमित शाह के कार्यक्रम के जरिए अब एक नया चेहरा शैलेंद्र शर्मा का भी दिखाई देने लगा है। राजनीति में सुश्री उमा भारती के समर्थक माने जाने वालेश्री शर्मा ने गोविंदपुरा विधानसभा में अपने पोस्टर लगा कर सब को चौंका दिया है इन पोस्टरों में सौजन्य से समस्त रहवासी गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र भी लिखा था। ऐसे में अब यह देखना होगा कि चुनाव नजदीक आते आते यह राजनीति और कितनी तेज होती है और भी नाम सामने आयेंगे। जबकि बाबूलाल गौर यह सार्वजनिक तौर पर बोल चुके हैं कि टिकट तो पार्टी घर देने आएगी।

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