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‘मेरी बेटी का रेप करने वालों को फांसी होती तो आज देखना न पड़ता ये दिन’

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नई दिल्ली

निर्भया की मां आशा देवी ने उन्नाव और कठुआ गैंगरेप के मामले सामने आने के बाद फिर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्नाव और कठुआ जैसे मामले दिखाते हैं कि धीमी न्याय प्रक्रिया की वजह से अपराधियों के मन में कोई डर पैदा नहीं किया जा सका है और उनके हौसले बुलंद हैं।

पांच साल पहले गैंगरेप और मर्डर में अपनी बेटी खोने वाली आशा देवी कहती हैं कि सजा मिलने के बाद भी मेरी बेटी के गुनहगार फांसी पर अब तक नहीं लटकाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई, 2017 को उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी और करीब एक साल पूरा होने के बावजूद उन्हें फांसी नहीं दी जा सकी है। मुझे लगता है कि इन अपराधों का दोषी एक हद तक सिस्टम भी है। हो सकता है अगर उन अपराधियों को सजा दे दी गई होती तो आज हमें ये दिन न देखने पड़ते।’

हमेशा पीड़िता की गलती बताने वाले समाज से निर्भया की मां ने कहा कि हमेशा रेप पीड़िता की गलती ढूंढने वाले और उसे ठीक से कपड़े पहनने और सही वक्त पर निकलने की सलाह देने वालों को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्नाव और कठुआ में भी सिस्टम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की और जब तक ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई पक्की नहीं हो जाती, हम आगे नहीं बढ़ सकते।’

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