Home राजनीति मोदी, राहुल, शाह: किसने कैसे चला अंतिम दांव

मोदी, राहुल, शाह: किसने कैसे चला अंतिम दांव

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बेंगलुरु

कर्नाटक के महासमर में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन गुरुवार को सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया और एक-दूसरे के वोट बैंक को साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससी/एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों के साथ संवाद कर कांग्रेस के ‘अहिंदा (माइनॉरिटीज, बैकवर्ड क्लासेज, दलितों का कन्नड़ में शॉर्ट फॉर्म) कार्ड’ को कमजोर करने की कोशिश की। वहीं कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी को ‘चुनावी हिंदू’ करार देते हुए दलितों पर अत्‍याचार और भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर भगवा पार्टी को घेरा। बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया के विधानसभा क्षेत्र बादामी में मेगा रोड शो करके अपनी ताकत का अहसास कराया।

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सबसे पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रधानमंत्री ने बीजेपी के SC/ST/OBC और स्‍लम कार्यकर्ताओं के साथ नमो ऐप के जरिए संवाद के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। पीएम मोदी ने दलित चिंतकों को श्रद्धा का केंद्र बताते हुए कहा, ‘मैं बेहद जिम्मेदारी से चुनौती देता हूं कि कांग्रेस कोई भी एक काम बता दे, जो उन्होंने बाबा साहेब के लिए किया हो।’

मोदी ने दलित और ओबीसी मतदाताओं को साधा
उन्‍होंने कहा कि जब तक कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में थी, तब तक बाबा साहेब को भारत रत्‍न नहीं दिया। कांग्रेस ने कभी भी बाबा साहेब का सम्‍मान नहीं किया ज‍बकि बीजेपी डॉक्‍टर आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने में लगी हुई है। उन्‍होंने बताया कि केंद्र की एनडीए सरकार ने एससी/एसटी ऐक्‍ट को और कड़ा किया है और अपराधों की सूची को 22 से बढ़ाकर 47 किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट तो चाहती है लेकिन उन्‍होंने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं देने दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने से रोकने के लिए ही कांग्रेस ने संसद नहीं चलने दी। उन्‍होंने कहा, ‘हमारी सरकार OBC समुदाय के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इन बच्चों को थोड़ा सा सहारा मिल जाए तो ये देश को भी आगे ले जा सकते हैं।’

दरअसल, बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी ने दलित, ओबीसी कार्ड के बहाने सीधे तौर पर सीएम सिद्धारमैया के अहिंदा वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। माइनॉरिटीज, बैकवर्ड क्लासेज और दलितों को कन्नड़ में शॉर्ट फॉर्म के रूप में अहिंदा कहा जाता है। सिद्धारमैया के ‘लिंगायत कार्ड’ के बाद दबाव में आई बीजेपी की तरफ से ऐसी रणनीति की पहले ही उम्मीद जताई जा रही थी।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दिया जवाब, हिंदुत्ववाद पर अटैक
उधर, कांग्रेस के अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक संवाददाता सम्‍मेलन कर न केवल प्रधानमंत्री मोदी के हमले का जवाब दिया बल्कि बीजेपी के हिंदुत्‍ववाद पर भी हमला बोला। राहुल ने कहा, ‘पीएम बताएं कि वो रोहित वेमुला के मुद्दे पर चुप क्यों रहे? राहुल ने कहा, ‘रोहित वेमुला को मार दिया गया क्योंकि वह दलित था, पढ़ना चाहता था। जब महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं तो कांग्रेस क्यों नहीं बोलेगी? क्या यह राजनीति की बात नहीं है? महिलाओं के सम्मान से देश का सम्मान जुड़ा है और हम उनके लिए लड़ते रहेंगे।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने ने बीजेपी के हिंदुत्‍व कार्ड पर भी हमला बोला और चुनाव के दौरान मंदिर जाने के सवाल पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘एक राजनीतिक पार्टी का नेतृतत्वकर्ता होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि मैं विभिन्न मतों को माननेवाले स्थानों पर जाऊं। मुझे जहां से भी बुलाया जाता है, मैं जाता हूं। बीजेपी हिंदुत्व का मतलब नहीं समझती। उनके लिए हिंदुत्व चुनावी राजनीति की रणनीति भर है। हमारे देश में अलग धर्म माननेवाले लोग हैं। हम सबको साथ लेकर चलते हैं। मैं पिछले 15 सालों में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और हर धार्मिक स्थल पर गया हूं। बीजेपी को यह अच्छा नहीं लगता। मुझे नहीं लगता कि वह सही मायनों में ‘हिंदू’ टर्म का मतलब जानती है। यह एक दृष्टिकोण है।’

अमित शाह ने बादामी में रोड शो कर सिद्धारमैया को घेरा
बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह और बीएस येदियुरप्‍पा ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बादामी में रोड शो करके राज्‍य के मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया को घेरने की कोशिश की। बता दें, सिद्धारमैया चांमुडेश्‍वरी के अलावा बादामी से भी चुनाव लड़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने एसडीपीआई और पीएफआई के साथ गठबंधन करके राष्‍ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। कांग्रेस और पीएफआई का गठजोड़ हर कोई जानता है।’ उन्‍होंने कहा कि 12 मई को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बादामी से सिद्धारमैया हार का सामना करने जा रहे हैं।

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