Home मिर्च- मसाला यह कैसा बायोमेट्रिक सिस्टम

यह कैसा बायोमेट्रिक सिस्टम

0 1,093 views
Rate this post

भोपाल

भेल कारखाने सहित टाउनशिप के आफिसों में तर्जनी उंगली से उपस्थिति दर्ज कराने प्रबंधन ने बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया था जो फिलहाल परेशानी का सबब बना हुआ है वहीं उत्पादन भी प्रभावित कर रहा है। चर्चा है कि भगोड़े नेता और कुछ एचओडी टाईप अफसर इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। कुछ नेता टाईप कर्मचारी उपस्थिति सिस्टम में यह कहने लगे है कि उनकी उंगली काम नहीं कर रही है या फिर उंगली में कोई केमिकल्स या मिट्टी लगाकर उंगली को खराब होना बता रहे हैं। अब उन्हें यह कहना शुरू कर दिया है कि इस सिस्टम की जगह उन्हें स्वाईप कार्ड एलाउ करें, रही बात एचओडी टाईप अफसर की वह भी अपने अधिकारों का मनमाना उपयोग कर रहे हैं। इधर ईएल इन्केशमेंट, नये वेज रिवीजन व कर्मचारियों की अन्य मांगों को लेकर कारखाना परिसर और फाउंड्री गेट पर धरना प्रदर्शन में जुटे है साफ जाहिर है कि मुखिया कितनी ही ताकत लगा ले इसका असर उत्पादन पर जरूर पड़ रहा है। रही बात बायोमेट्रिक सिस्टम की यदि कार्ड एलाउ करना मतलब इस सिस्टम को फेल करने से कम नहीं दिखाई दे रहा है। लोग कहने लगे है कि आर्थिक संकट से जूझ रही कंपनी को आगे बढ़ाने के बजाये पीछे ले जाने की मुहिम जारी है।

रोटर के पीछे का राज क्या हैं

भेल कारखाने के फीडर्स ग्रुप की जितनी तारीफ की जाये कम है। कुछ अधिकारी तो इतने बेलगाम हो गये हैं कि उन्हें कंपनी की परेशानी की कोई चिंता ही नहीं है। चर्चा है कि बिना जरूरत सामान खरीदी को लेकर विभाग के कर्मचारी खुद परेशान है लेकिन साहब की शिकायत करें तो कैसे करें। खुद की नौकरी खतरें में पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला चर्चाओं में है कि एक अधिकारी ने बिना जरूरत के लाखों रूपये के रोटर खरीद डाले। अब इसके पीछे क्या राज हैं यह तो वह ही जाने, लेकिन खबर है कि जब कंपनी की हालत खराब है तो दस साल के एडवांस रोटर क्यों खरीद डाले। चर्चा है कि कल कंपनी ने रोटर की डिजाइन चेंज कर दी तो ऐसे मेंं बिना जरूरत खरीदे गये रोटर का क्या होगा। चर्चा यह भी है कि विभाग के लोग रातों-रात कुछ रोटर कवर को कटवाकर भी फिकवा रहे हैं। मामला कारखाने के अन्दर का है फाउंड्री की रेत मशीन की बात करे तो अक्सर मेंटेनेंस मोड पर ही रहती है। सब मिलाकर लोग यह कहने लगे है कि लाभ शुभ के चलते ग्रुप के कुछ विभागों में मनमाना काम जारी है। मुखिया जांच कराये तो बहुत कुछ सामने आ सकता है।

फेब्रीकेशन ब्लॉक 1 में मामला 500 का

आज कल भेल कारखाने के फेब्रीकेशन में मामला 500 रूपये का काफी चर्चाओं में है। एक बड़ा रैकेट 500 रूपये लेकर दोपहर 12 से 1 बजे के बीच में एक मिलन समारोह आयोजित करता है, जिसमें लोग एक दूसरे को खुश करने की कोशिश में लग जाते है। यहां क्या होता है यह तो न तो भेल और न ही सीआईएसएफ की विजिलेंस पकड़ पाई। ब्लॉक के लोग इस 500 रूपये के गोरख धंधे को देख दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। चर्चा है कि इस मामले की भनक इस विभाग के कुछ अफसरों को है लेकिन वह डर की वजह से किसी को भी बताने से कतराते है। कहा जा रहा है कि 12 से 1 में 500 रूपये लेकर चल रहे इस गोरख धंधे पर जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया तो भेल को काफी बदनामी का सामना कर पड़ सकता है।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....